गुजरात जेल विभाग ने डीजीपी कप 2026-27 रेसलिंग चैंपियनशिप जीती, 13 मेडल के साथ ओवरऑल चैंपियन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात जेल और सुधार प्रशासन विभाग ने 27 अगस्त 2026 को नडियाद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में संपन्न डीजीपी कप 2026-27 रेसलिंग क्लस्टर प्रतियोगिता में ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। विभाग ने कुल 13 मेडल — 6 गोल्ड, 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज — जीतकर पूरे गुजरात से आई 22 टीमों को पीछे छोड़ा।
प्रतियोगिता का स्वरूप और भागीदारी
नडियाद में आयोजित इस बहु-खेल प्रतियोगिता में रेसलिंग, ग्रीको-रोमन रेसलिंग, आर्म रेसलिंग और बॉक्सिंग — चार कॉम्बैट स्पोर्ट्स के मुकाबले हुए। गुजरात के विभिन्न पुलिस और सरकारी विभागों की 22 टीमों ने हिस्सा लिया। जेल विभाग ने सभी चार खेलों में पदक जीतकर ओवरऑल खिताब सुनिश्चित किया।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन — मेडल दर मेडल
रेसलिंग में विभाग ने 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते। कैप्टन रघुभाई पटेल और दिव्या चौहान ने गोल्ड जीता, जबकि तरुणसिंह दहिया और नागाभाई करंगिया ने सिल्वर मेडल हासिल किए। माहिरहसन शेख ने भी इस स्पर्धा में विभाग का प्रतिनिधित्व किया।
ग्रीको-रोमन रेसलिंग में महिपालसिंह मोरी ने गोल्ड और कैप्टन रघुभाई पटेल ने सिल्वर मेडल जीता। आर्म रेसलिंग में विभाग को 5 मेडल मिले — तरुणसिंह दहिया ने गोल्ड, महमदमनसूर मंसूरी, धर्मिष्ठाबेन वाला और माहिरहसन शेख ने सिल्वर, तथा नागाभाई करंगिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। बॉक्सिंग में निकुलभाई ठाकोर ने गोल्ड जीतकर विभाग के पदक तालिका को और समृद्ध किया।
डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव की प्रतिक्रिया
डीजीपी (जेल और सुधार सेवाएं) डॉ. के.एल.एन. राव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, "यह शानदार जीत हमारे कर्मचारियों के समर्पण, अनुशासन और लगातार कड़ी मेहनत का सबूत है। कई कॉम्बैट स्पोर्ट्स में बेहतरीन प्रदर्शन और ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीतना पूरे विभाग के लिए बहुत गर्व की बात है। मैं सभी मेडल जीतने वालों और हिस्सा लेने वालों को उनके शानदार खेल जज्बे और शारीरिक फिटनेस के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिल से बधाई देता हूं।"
गौरतलब है कि डॉ. राव ने गुजरात में जेल प्रशासन के वरिष्ठ पदों पर लंबे समय तक कार्य किया है और 2025 में डीजीपी, सीआईडी (क्राइम और रेलवे) नियुक्त होने के बाद भी जेल और सुधार प्रशासन का दायित्व संभाल रहे हैं।
खेल और फिटनेस का संदेश
यह परिणाम जेल कर्मचारियों के बीच खेल गतिविधियों और शारीरिक फिटनेस कार्यक्रमों की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। विभाग की इस उपलब्धि से यह भी स्पष्ट होता है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े विभाग अब केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि शारीरिक उत्कृष्टता को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गुजरात जेल विभाग से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।