गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड में रचा इतिहास, पंजाब पुलिस डीजीपी ने एक्स पर दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप 2026 में पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा 10.09 सेकंड में पूरी करके नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया और 10.1 सेकंड का ऐतिहासिक बैरियर तोड़ने वाले पहले भारतीय बन गए। इस उपलब्धि के बाद पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के इस बेटे ने साबित किया है कि 'रुकावटें सिर्फ तोड़ने के लिए होती हैं'।
ऐतिहासिक दौड़ का पूरा घटनाक्रम
फेडरेशन कप 2026 के सेमीफाइनल की पहली हीट में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकंड में रेस पूरी करके रिकॉर्ड बनाया। लेकिन महज 10 मिनट बाद प्रतिद्वंद्वी अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड में दौड़ पूरी करके वह रिकॉर्ड तोड़ दिया। फाइनल में गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि अनिमेष को भी पीछे छोड़ दिया, जो 10.20 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
डीजीपी गौरव यादव की बधाई
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स पर लिखा, 'रिटायर्ड एएसआई कमलजीत सिंह के बेटे गुरिंदरवीर सिंह को भारतीय एथलेटिक्स में इतिहास रचने पर हार्दिक बधाई। पुरुषों की 100 मीटर रेस को 10.09 सेकंड में पूरा करके गुरिंदरवीर 10.1 सेकंड का बैरियर तोड़ने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह एक बड़ी कामयाबी है, जो पक्के इरादे, अनुशासन और तय सीमाओं से परे विश्वास को दर्शाती है।' उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि पूरी पंजाब पुलिस बिरादरी के लिए गर्व की बात है।
एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफिकेशन
इस शानदार प्रदर्शन के साथ गुरिंदरवीर सिंह ने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। गौरतलब है कि यह उपलब्धि भारतीय स्प्रिंट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है — 10.1 सेकंड का बैरियर वह मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सीमा मानी जाती थी जिसे भारतीय धावक अब तक पार नहीं कर पाए थे।
मुख्यमंत्री और खेल जगत की प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को गुरिंदरवीर को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी थी। डीजीपी यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'गुरिंदरवीर लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं और देश भर के युवा एथलीटों की पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।' यह सफलता उस परिवार की विरासत को भी आगे ले जाती है जिसने पुलिस सेवा में अपना योगदान दिया और अब खेल के मैदान में राष्ट्र का नाम रोशन किया।
आगे क्या
गुरिंदरवीर की नज़रें अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं पर हैं। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि भारतीय स्प्रिंट विश्व स्तर पर कहाँ खड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 10.09 सेकंड का यह समय भारत को वैश्विक स्प्रिंट मानचित्र पर एक नई पहचान दिला सकता है।