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हर्षित दामोदरन ने जीता एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण, अक्षत बजाज को रजत — भारतीय जिम्नास्टिक में ऐतिहासिक 1-2

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हर्षित दामोदरन ने जीता एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण, अक्षत बजाज को रजत — भारतीय जिम्नास्टिक में ऐतिहासिक 1-2

सारांश

जुनी में हुई एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में हर्षित दामोदरन ने स्वर्ण और अक्षत बजाज ने रजत जीतकर भारत का पहला ऐतिहासिक 1-2 दर्ज किया। ओडिशा के प्रशिक्षण कार्यक्रम से निकले ये दोनों खिलाड़ी 2036 ओलंपिक की उम्मीद बन चुके हैं।

मुख्य बातें

हर्षित दामोदरन ने 23 जून 2026 को जूनियर पुरुष वॉल्ट फाइनल में 13.649 स्कोर से स्वर्ण पदक जीता।
अक्षत बजाज ने 13.433 स्कोर के साथ रजत पदक जीता — भारत का इस इवेंट में पहला ऐतिहासिक 1-2 ।
इससे पहले 19 जून को भारत ने टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता था।
दोनों खिलाड़ी ओडिशा सरकार के समर्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
दामोदरन और बजाज का लक्ष्य 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में पदक जीतना है।

हर्षित दामोदरन ने 23 जून 2026 को जुनी में आयोजित 13वीं सीनियर व 19वीं जूनियर पुरुष आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक एशियन चैंपियनशिप के जूनियर पुरुष वॉल्ट फाइनल में 13.649 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनके साथी अक्षत बजाज ने 13.433 स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया, जिससे भारत ने इस इवेंट में पहली बार ऐतिहासिक 1-2 की उपलब्धि दर्ज की।

मुख्य घटनाक्रम

वॉल्ट फाइनल में दामोदरन ने अपनी पहली कोशिश में हैंडस्प्रिंग फ्रंट डबल ट्विस्ट से 13.866 अंक अर्जित किए, जबकि दूसरी कोशिश में त्सुकाहारा 720 रूटीन से ठोस प्रदर्शन करते हुए कुल 13.649 के औसत स्कोर पर स्वर्ण पदक पक्का किया। बजाज ने त्सुकाहारा 720 और युर्चेंको 720 दोनों रूटीन बेहतरीन तरीके से पूरे किए और 13.433 के औसत से रजत पदक जीता। उज्बेकिस्तान के बेकजाद बख्तियारोव 13.283 स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

कॉन्टिनेंटल फेडरेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, 'भारत ने जूनियर फाइनल्स के सबसे अच्छे नतीजे हासिल किए हैं। हर्षित दामोदरन (13.649) ने साथी अक्षत बजाज (13.433) को हराकर स्वर्ण पदक जीता।'

ओडिशा प्रशिक्षण कार्यक्रम की भूमिका

यह उपलब्धि अकेली नहीं आई — इससे पहले 19 जून को भारत ने इसी चैंपियनशिप में टीम कांस्य पदक भी जीता था। दामोदरन और बजाज दोनों ओडिशा सरकार द्वारा समर्थित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिसकी सफलता इन पदकों के रूप में सामने आई है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले दामोदरन ने क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया था और फाइनल में उन्होंने उन उम्मीदों को पूरी तरह सही साबित किया।

भारतीय जिम्नास्टिक की विरासत और नई पीढ़ी

गौरतलब है कि भारतीय जिम्नास्टिक में इससे पहले दीपा करमाकर ने 2016 रियो ओलंपिक में प्रोडुनोवा वॉल्ट से दुनिया को चौंकाया था और 2018 विश्व कप मर्सिन तथा 2024 एशियाई चैंपियनशिप ताशकंद में स्वर्ण पदक जीते थे। आशीष कुमार ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों, नई दिल्ली में रजत और कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। अरुणा रेड्डी ने मेलबर्न में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता, जबकि प्रणति नायक ने एशियन चैंपियनशिप और FIG वर्ल्ड कप में कई रजत व कांस्य पदक अर्जित किए हैं। दामोदरन और बजाज इसी गौरवशाली परंपरा की अगली कड़ी हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने एक्स पर लिखा, 'एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में जूनियर पुरुष वॉल्ट इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने पर हर्षित दामोदरन को बहुत-बहुत बधाई। उनकी शानदार उपलब्धि, साथ ही इस इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण और रजत आया। ऐतिहासिक टीम कांस्य पदक, देश के लिए गर्व का पल है।'

क्या होगा आगे

दोनों युवा जिम्नास्ट अब सीनियर इवेंट्स में पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उनके लक्ष्यों में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक शामिल हैं, जो भारतीय जिम्नास्टिक के लिए एक उज्ज्वल और महत्वाकांक्षी भविष्य का संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय जिम्नास्टिक की ढाँचागत तैयारी का प्रमाण है — जहाँ ओडिशा जैसे राज्य की सरकारी फंडिंग और लक्षित प्रशिक्षण ने असर दिखाया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की दावेदारी कर रहा है और जिम्नास्टिक जैसे गैर-पारंपरिक खेलों में पदक तालिका मज़बूत करना रणनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह प्रशिक्षण मॉडल जूनियर से सीनियर स्तर तक की खाई पाट पाता है — एक चुनौती जो दीपा करमाकर और अरुणा रेड्डी की पीढ़ी भी पूरी तरह नहीं पार कर सकी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षित दामोदरन ने एशियन चैंपियनशिप में क्या उपलब्धि हासिल की?
हर्षित दामोदरन ने 23 जून 2026 को जुनी में हुई एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के जूनियर पुरुष वॉल्ट फाइनल में 13.649 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह किसी भारतीय जिम्नास्ट द्वारा इस इवेंट में जीता गया पहला स्वर्ण पदक है।
अक्षत बजाज ने कौन सा पदक जीता और उनका स्कोर क्या था?
अक्षत बजाज ने जूनियर पुरुष वॉल्ट फाइनल में 13.433 स्कोर के साथ रजत पदक जीता। उन्होंने त्सुकाहारा 720 और युर्चेंको 720 दोनों रूटीन बेहतरीन तरीके से पूरे किए।
इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
भारत ने इस चैंपियनशिप में कुल तीन पदक जीते — 19 जून को टीम स्पर्धा में एक कांस्य और 23 जून को जूनियर पुरुष वॉल्ट में एक स्वर्ण (दामोदरन) और एक रजत (बजाज)।
दामोदरन और बजाज किस प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं?
दोनों खिलाड़ी ओडिशा सरकार द्वारा समर्थित एक विशेष जिम्नास्टिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिसकी सफलता इन ऐतिहासिक पदकों के रूप में सामने आई है।
इन खिलाड़ियों के भविष्य के लक्ष्य क्या हैं?
हर्षित दामोदरन और अक्षत बजाज अब सीनियर इवेंट्स में ध्यान केंद्रित करेंगे। उनके प्रमुख लक्ष्यों में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में पदक जीतना शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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