1 अगस्त 2026
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जैस्मीन लेम्बोरिया ने माइकेला वाल्श को 5-0 से हराकर 57 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता

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जैस्मीन लेम्बोरिया ने माइकेला वाल्श को 5-0 से हराकर 57 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता

सारांश

भिवानी की बेटी जैस्मीन लेम्बोरिया ने माइकेला वाल्श को 5-0 से धूल चटाकर 57 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता — 2022 के ब्रॉन्ज से 2025 के वर्ल्ड गोल्ड और अब इस खिताब तक का सफर। इंडियन आर्मी की इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने बायोपिक की मांग को भी विनम्रता से नकारा।

मुख्य बातें

जैस्मीन लेम्बोरिया ने 1 अगस्त को नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से हराकर महिला 57 किलोग्राम बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीता।
24 वर्षीय जैस्मीन इंडियन आर्मी में कार्यरत हैं और 10 वर्षों से बॉक्सिंग का अभ्यास कर रही हैं।
जैस्मीन 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में दो गोल्ड जीत चुकी हैं; कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ब्रॉन्ज मेडल मिला था।
प्रीति पवार ने भी 54 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
हरियाणा के भिवानी में जैस्मीन के परिवार ने जश्न मनाया; पिता जयवीर लेम्बोरिया ने शानदार स्वागत का वादा किया।

जैस्मीन लेम्बोरिया ने 1 अगस्त को नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से पराजित करते हुए महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंडियन आर्मी में कार्यरत 24 वर्षीय इस मुक्केबाज़ ने साबित किया कि मेहनत और सटीक रणनीति से बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

मुख्य घटनाक्रम

फाइनल बाउट में जैस्मीन ने शुरुआत से ही दबदबा कायम रखा। उनकी प्रतिद्वंद्वी माइकेला वाल्श कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक विजेता रह चुकी हैं, जिससे यह मुकाबला कड़ा माना जा रहा था। जैस्मीन के कोच ने वाल्श की शैली का गहन अध्ययन कर रणनीति तैयार की और जैस्मीन ने उसे बखूबी अंजाम दिया।

जीत के बाद जैस्मीन ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार, जब हम साल 2022 में यहां आए थे, तो मैं युवा थी और मेरे पास ज़्यादा अनुभव नहीं था, इसलिए मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। लेकिन इस बार मैंने बहुत मेहनत की और उस मेहनत का फल मिला है। आयरलैंड की बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट रह चुकी थीं। कोच ने उनके खिलाफ रणनीति बनाई थी और आखिरकार हम कामयाब रहे।"

जैस्मीन का सफ़र

हरियाणा के भिवानी की इस मुक्केबाज़ ने 10 वर्षों की अथक साधना से यह मुकाम हासिल किया है। 2025 में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उनके नाम वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में दो गोल्ड मेडल और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का ब्रॉन्ज मेडल भी दर्ज है। यह जीत उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा पदक है।

बायोपिक की मांग पर जैस्मीन का जवाब

ऐतिहासिक जीत के बाद जैस्मीन पर बायोपिक बनाने की मांग तेज़ हो गई है, लेकिन उन्होंने इस विचार से विनम्रता से दूरी बनाई। उन्होंने कहा, "मैंने तो इस बारे में सोचा भी नहीं। भारत में मुझसे भी बहुत अच्छे एथलीट हैं। मैं चाहूंगी कि उन पर बायोपिक मूवी बने। मैं तो उन सभी से प्रेरणा लेती हूं। मेरा ध्यान अभी सिर्फ खेल पर है।" यह जवाब उनकी जमीन से जुड़ी सोच को दर्शाता है।

परिवार की खुशी

हरियाणा के भिवानी में जैस्मीन के घर पर जश्न का माहौल है। पिता जयवीर लेम्बोरिया ने कहा, "फाइनल मुकाबले के दौरान हमारे दिल की धड़कनें तेज़ थीं, लेकिन उन्होंने सपना पूरा कर दिया। वह 10 वर्षों से बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही हैं। जब वह स्वदेश लौटेंगी, तो उनका जोरदार स्वागत होगा। उन्हें चूरमा पसंद है, उनके लिए हम इसे बनाएंगे।"

माँ जोगेंद्र ने कहा, "मेरी बेटी ने गोल्ड मेडल जीता है। मैं बहुत खुश और गर्व महसूस कर रही हूं। मुझे अपनी बेटी से यही उम्मीद थी और उसने मेरी उम्मीदों को पूरा किया है। वह जब घर पर होती हैं, तो घी, दूध, दही-चूरमा पसंद करती हैं — मैं उनके लिए यह ज़रूर बनाऊंगी।"

प्रीति पवार ने भी जीता गोल्ड

प्रीति पवार ने भी महिलाओं की 54 किलोग्राम स्पर्धा में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रीति ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं। मुझे खुद पर काफी विश्वास था। अब हम थोड़ा ब्रेक लेंगे, जिसके बाद फिर से कैंप से जुड़कर एशियन गेम्स की तैयारी करेंगे।" भारतीय महिला मुक्केबाज़ी के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा, जब एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक देश की झोली में आए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला मुक्केबाज़ी की उस पीढ़ी का प्रतीक है जो मैरी कॉम की विरासत को आगे बढ़ा रही है — लेकिन अपनी शर्तों पर। बायोपिक की मांग को विनम्रता से नकारना और खेल पर फोकस बनाए रखना यह बताता है कि मीडिया सर्कस से दूर रहकर भी चैंपियन बना जा सकता है। गौरतलब है कि इंडियन आर्मी की संरचित ट्रेनिंग और भिवानी के बॉक्सिंग इकोसिस्टम का यह संयोग कोई संयोग नहीं — यह नीतिगत निवेश का परिणाम है जिसे और गहरा करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैस्मीन लेम्बोरिया ने किसे हराकर गोल्ड मेडल जीता?
जैस्मीन लेम्बोरिया ने 1 अगस्त को नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। माइकेला वाल्श कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक विजेता रह चुकी हैं।
जैस्मीन लेम्बोरिया कौन हैं और उनका बॉक्सिंग करियर कैसा रहा है?
जैस्मीन लेम्बोरिया हरियाणा के भिवानी की 24 वर्षीय मुक्केबाज़ हैं जो इंडियन आर्मी में कार्यरत हैं। वह 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में दो गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
जैस्मीन लेम्बोरिया की बायोपिक को लेकर उनका क्या कहना है?
जैस्मीन ने बायोपिक की बढ़ती मांग के बावजूद कहा कि उन्होंने इस बारे में कभी नहीं सोचा। उनका मानना है कि भारत में उनसे भी बेहतर एथलीट हैं जो इस पहचान के अधिक हकदार हैं और उनका ध्यान फिलहाल सिर्फ खेल पर है।
प्रीति पवार ने किस वर्ग में गोल्ड मेडल जीता?
प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम भार वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा कि अब वे एशियन गेम्स की तैयारी के लिए कैंप से जुड़ेंगी।
जैस्मीन लेम्बोरिया के परिवार ने जीत पर क्या कहा?
हरियाणा के भिवानी में जैस्मीन के परिवार ने जश्न मनाया। पिता जयवीर लेम्बोरिया ने कहा कि बेटी 10 वर्षों से बॉक्सिंग कर रही है और स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत होगा। माँ जोगेंद्र ने कहा कि उन्हें बेटी पर गर्व है और वे उनके लिए घी-दूध-चूरमा बनाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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