कबड्डी कैंप: एथलीटों की तैयारी का अनोखा अनुभव - शुभम शिंदे
सारांश
Key Takeaways
- कैंप का उद्देश्य: एथलीटों को तैयार करना
- व्यवस्थित फिटनेस टेस्ट: प्रदर्शन में सुधार का साधन
- योग और लचीलापन: जरूरी तत्व
- अनुशासन: हर सेशन का अधिकतम लाभ उठाना
- उत्तम सुविधाएं: तैयारी के लिए जरूरी
बेल्लारी, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय कबड्डी खिलाड़ी अब बेल्लारी के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (आईआईएस) में एक हाई-परफॉर्मेंस कैंप में जुट गए हैं। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य एथलीटों को आगामी चुनौतियों के लिए एक मजबूत, फिट और तैयार ग्रुप में विकसित करना है।
डिफेंडर शुभम शिंदे ने बताया कि यह कैंप केवल नियमित ट्रेनिंग से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। यह एक प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपनी सीमाओं को पार करने का एक अवसर है। शिंदे ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 12वें सीजन में तेलुगु टाइटंस के लिए खेला था।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का एक प्रमुख हिस्सा व्यवस्थित फिटनेस टेस्ट और कंडीशनिंग ड्रिल हैं। लचीलापन और रिकवरी, जिन पर पारंपरिक ट्रेनिंग में अक्सर कम ध्यान दिया जाता है, वे भी महत्वपूर्ण हैं। ये प्रदर्शन में सुधार के लिए आवश्यक हैं। टेस्ट हमें अपने फिटनेस स्तर को समझने में मदद करते हैं, खासकर जब प्रतिस्पर्धा अधिक होती है।
शिंदे ने कैंप के सभी पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, "खिलाड़ियों के लिए योग और लचीलापन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आपको पूरी तरह से फिट और लचीला रहना चाहिए।"
आईआईएस बेल्लारी के बारे में शिंदे ने कहा, "यहां का माहौल भी उतना ही प्रभावी है, जो एथलीटों को ट्रेनिंग, रिकवरी, और रहने की उत्तम सुविधाएं प्रदान करता है। यह सेटअप एथलीटों को अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने में बहुत मदद करता है। यहां की सुविधाएं उत्कृष्ट हैं। सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध है, जिससे हमें अपने विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।"
उन्होंने कहा, "जब आप इस प्रकार के कैंप में आते हैं, तो आपको तैयार रहना होता है और अपना 100 प्रतिशत प्रयास करना होता है। लक्ष्य हमेशा सुधार करना और हर सेशन में बेहतर प्रदर्शन देना होता है। जैसे-जैसे कैंप आगे बढ़ेगा, इसकी तीव्रता भी बढ़ेगी, लेकिन अनुशासन और हर सेशन का अधिकतम लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।"