लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कमेंट्री से हटने का फैसला: बीसीसीआई और जय शाह का नहीं है कोई हाथ

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लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कमेंट्री से हटने का फैसला: बीसीसीआई और जय शाह का नहीं है कोई हाथ

सारांश

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री से हटने के पीछे बीसीसीआई और जय शाह की भूमिका से इनकार किया है। उनका यह निर्णय व्यक्तिगत है और उन्होंने भेदभाव का भी संकेत दिया है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कमेंट्री से हटना व्यक्तिगत निर्णय है।
बीसीसीआई और जय शाह का इस मामले में कोई हाथ नहीं है।
उन्होंने भेदभाव का आरोप लगाया है।
वे पिछले 2 दशक से कमेंट्री में सक्रिय थे।
उन्होंने 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले हैं।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने आईपीएल 2026 से पहले कमेंट्री से हटने के अपने निर्णय को लेकर बताया है कि इसमें बीसीसीआई और जय शाह की कोई भूमिका नहीं है।

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने एक्स पर लिखा, "बीसीसीआई प्रशासन को इसमें मत लाओ। यह बीसीसीआई के एक कर्मचारी के साथ वन-ऑन-वन मामला है। जय शाह एंड कंपनी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"

शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च को बीसीसीआई के साथ कमेंटेटर के रूप में अपनी लंबी भूमिका समाप्त करने का ऐलान किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि दो दशकों से ज्यादा समय तक जुड़े रहने के बावजूद उन्हें कई महत्वपूर्ण ऑन-एयर मौकों से दूर रखा गया। टॉस प्रेजेंटेशन और मैच के बाद के शो से लगातार नजरअंदाज किया गया।

शिवरामकृष्णन ने प्रश्न उठाया कि अगर 23 साल में उन्हें टॉस और प्रेजेंटेशन के लिए नहीं चुना गया, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?

पूर्व लेग स्पिनर ने भेदभाव के संकेत भी दिए हैं। एक यूजर के रंगभेद संबंधी कमेंट पर उन्होंने सहमति जताते हुए लिखा, "आप सही हैं, रंग भेदभाव।"

शिवरामकृष्णन पिछले 2 दशक से कमेंट्री पैनल का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद चेहरा रहे हैं। अन्य दिग्गज कमेंटेटर भी उनके विश्लेषण को ध्यान से सुनते हैं। इस वजह से कमेंट्री पैनल से उनका अचानक इस्तीफा देने का मामला लगातार चर्चा में है। लोग इससे जुड़ी वजह जानने के इच्छुक हैं।

हालांकि बढ़ती आलोचनाओं के बीच शिवरामकृष्णन ने फिर से कहा कि उनका निर्णय व्यक्तिगत है और वह अपनी पेशेवर जिंदगी पर खुद नियंत्रण रखना चाहते हैं।

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 1985 से 1987 के बीच भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे खेले थे। उन्होंने टेस्ट में 26 और वनडे में 15 विकेट लिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने बीसीसीआई और जय शाह की भूमिका से इनकार किया है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जो क्रिकेट समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री से हटने का कारण क्या बताया?
उन्होंने कहा कि इसमें बीसीसीआई और जय शाह का कोई रोल नहीं है। यह एक व्यक्तिगत मामला है।
क्या शिवरामकृष्णन ने भेदभाव का आरोप लगाया है?
हाँ, उन्होंने भेदभाव के संकेत भी दिए हैं और रंगभेद के संबंध में सहमति जताई है।
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कब तक कमेंट्री की?
उन्होंने पिछले 2 दशक से कमेंट्री पैनल में कार्य किया।
उन्होंने कितने टेस्ट और वनडे खेले हैं?
उन्होंने भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे खेले हैं।
क्या उनके इस निर्णय का प्रभाव होगा?
यह सवाल क्रिकेट समुदाय में चर्चा का विषय है और इसके कई संभावित प्रभाव हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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