क्या मोहम्मद अजहरुद्दीन को मिलेगा भारतीय क्रिकेट टीम में डेब्यू का मौका?
सारांश
Key Takeaways
- मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण है।
- वह केरल से हैं और 31 साल के हैं।
- उन्होंने 2015 में डेब्यू किया और कई प्रारूपों में खेलते हैं।
- उनके आंकड़े दर्शाते हैं कि वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।
- भारतीय टीम में उन्हें जगह पाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जब आप मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम सुनते हैं, तो संभवतः आप भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान के बारे में सोचते हैं, लेकिन इस बार मामला अलग है। यह नाम 31 वर्षीय एक विकेटकीपर बल्लेबाज का है, जो अभी भी भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार कर रहा है।
1989 से 1999 तक का समय भारतीय क्रिकेट में मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम से जाना जाता है। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया और उनके प्रति दीवानगी का आलम ऐसा था कि लोग उनके नाम पर अपने बच्चों का नाम रख रहे थे।
22 मार्च 1994 को थलंगारा, केरल में एक बच्चे का जन्म हुआ। उनके परिवार के सदस्य मोहम्मद अजहरुद्दीन के फैन थे, इसलिए बच्चे का नाम भी वही रखा गया। बड़े होकर, बच्चे ने क्रिकेट में करियर बनाने का निर्णय लिया।
अब 31 साल के मोहम्मद अजहरुद्दीन ने केरल की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया है। वह एक विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।
अजहरुद्दीन ने 21 साल की उम्र में (2015 में) प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गोवा के लिए डेब्यू किया। उसी वर्ष लिस्ट ए में भी उनका डेब्यू हुआ, जबकि टी20 में उन्होंने 2016 में कदम रखा।
पिछले 10 वर्षों में, वह केरल की तरफ से सभी तीन प्रारूपों में खेलते रहे हैं, लेकिन भारतीय टीम में जगह पाने का इंतजार अभी भी जारी है।
अजहरुद्दीन के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने 43 प्रथम श्रेणी मैचों में 2 शतक और 11 अर्धशतक बनाकर 1,932 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 177 रन है। वहीं, 55 प्रथम श्रेणी मैचों में 1 शतक और 8 अर्धशतक के साथ 1,163 रन और 51 टी20 में 129.68 की स्ट्राइक रेट से 878 रन भी उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं।
एक विकेटकीपर के रूप में, उन्होंने प्रथम श्रेणी में 109 कैच और 16 स्टंपिंग, लिस्ट ए में 42 कैच और 6 स्टंपिंग, और टी20 में 29 कैच और 1 स्टंपिंग की हैं।
इस समय भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। संजू सैमसन, ईशान किशन, केएल राहुल, जितेश शर्मा, ऋषभ पंत, और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में, अजहरुद्दीन को टीम में डेब्यू करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।