नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया को दी शुभकामनाएं, टखने की चोट से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
जैवलिन थ्रो के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 19 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में भाग ले रही भारतीय टीम को शुभकामनाएं दीं। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खुद चोट की वजह से शामिल न हो पाने के बावजूद, नीरज ने भरोसा जताया कि भारतीय एथलीट्स देश का नाम रोशन करेंगे।
एक्स पर क्या लिखा नीरज ने
नीरज चोपड़ा ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में टीम इंडिया को मेरी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं। मुझे यकीन है कि वे सभी हमें गौरवान्वित करेंगे।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत ने आइची-नागोया खेलों के लिए 499 खिलाड़ियों का दल रवाना किया है।
चोट ने छीना मौका
एशियन गेम्स में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके नीरज इस बार टखने में लिगामेंट फटने के कारण प्रतिस्पर्धा से बाहर हैं। यह चोट लॉजेन में सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद ट्रेनिंग के दौरान आई, जिसने न केवल एशियन गेम्स बल्कि डायमंड लीग फाइनल में उनकी भागीदारी की उम्मीद भी खत्म कर दी — यह तब और दुखद रहा जब वह पहले ही उसके लिए क्वालीफाई कर चुके थे।
नीरज ने पिछले महीने एक्स पर अपनी चोट की जानकारी साझा करते हुए लिखा था, 'काफी मेहनत के बाद, मुझे आखिरकार वह लय मिल रही थी, जिसकी मुझे तलाश थी। मैंने लॉजेन में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। दुर्भाग्य से, उसके कुछ ही समय बाद ट्रेनिंग के दौरान मेरे टखने का लिगामेंट फट गया। डॉक्टर और टीम से बातचीत के बाद, हमने तय किया है कि मैं इस सीजन के बाकी हिस्से में हिस्सा नहीं लूंगा।'
वापसी पर है पूरा फोकस
नीरज ने निराशा छुपाए बिना कहा था, 'यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब हूं। मगर, जैसा कि कहा जाता है, रुकावटें सफर का हिस्सा होती हैं। अब मेरा ध्यान ठीक होने और और भी मजबूती से वापसी करने पर है।' यह बयान उनके चाहने वालों के लिए एक राहत की खबर थी जो अगले सीजन में उनकी शानदार वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय दल की तैयारी और उम्मीदें
इस बार भारत ने 499 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जो एशियन गेम्स 2023 (हांग्झू) में भेजे गए 655 खिलाड़ियों के मुकाबले छोटा है। गौरतलब है कि हांग्झू खेलों में भारत ने 107 मेडल जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। छोटे दल के साथ भी उसी उत्कृष्टता को बनाए रखना इस बार भारतीय खेल संघों और एथलीट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
नीरज चोपड़ा की उपलब्धियाँ
हरियाणा में जन्मे नीरज ट्रैक एंड फील्ड में भारत के सबसे सफल एथलीट माने जाते हैं। वह दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट हैं — उनके नाम एक स्वर्ण और एक रजत पदक है। इसके अलावा उन्होंने डायमंड लीग फाइनल, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश का परचम लहराया है। एशियन गेम्स में उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं, जो उन्हें इस महाद्वीपीय मंच पर भारत का सबसे सफल जैवलिन थ्रोअर बनाता है।
नीरज की चोट से उबरने की राह और टीम इंडिया का आइची-नागोया में प्रदर्शन — दोनों पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।