19 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: ध्वजवाहक मनु भाकर भावुक, बोलीं — 'जसपाल राणा सर की बेहद याद आई'

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एशियन गेम्स 2026: ध्वजवाहक मनु भाकर भावुक, बोलीं — 'जसपाल राणा सर की बेहद याद आई'

सारांश

नागोया की उद्घाटन परेड में तिरंगा थामना मनु भाकर के लिए गर्व और दर्द का मिला-जुला पल था — दिवंगत कोच जसपाल राणा, जिन्होंने उन्हें टोक्यो की निराशा से उठाकर पेरिस के दो ब्रॉन्ज तक पहुँचाया, की याद में उनकी आँखें नम थीं। यह भागीदारी केवल खेल नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक को श्रद्धांजलि भी है।

मुख्य बातें

मनु भाकर ने 19 सितंबर 2026 को नागोया में 20वें एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक के रूप में तिरंगा थामा।
भाकर ने दिवंगत कोच जसपाल राणा को याद कर भावुकता व्यक्त की, जिनका 11 जून 2026 को 49 वर्ष की आयु में निधन हुआ था।
कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह पुरुष ध्वजवाहक की भूमिका निभाई, क्योंकि तूर तकनीकी कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके।
भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे — स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक हासिल किए।
नागोया में यह भाकर का तीसरा एशियन गेम्स है; वे 2018 (जकार्ता) और 2022 (हांगझोउ, स्वर्ण पदक विजेता टीम) में भी खेल चुकी हैं।
जापान के सम्राट नारुहितो ने मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में खेलों का उद्घाटन किया।

डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने 19 सितंबर 2026 को नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित 20वें एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की ध्वजवाहक बनने के बाद गहरी भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पल उन्हें अपने दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा की याद दिला गया, जिनका 11 जून 2026 को 49 वर्ष की आयु में स्टेंट प्रक्रिया के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण निधन हो गया था।

भावुक पल और यादगार शब्द

ओपनिंग सेरेमनी के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में मनु भाकर ने कहा, 'यह भावुक पल था। मुझे जसपाल राणा सर की बहुत याद आई।' कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ तिरंगा थामते हुए भाकर ने भारतीय एथलीटों के दल को परेड में आगे से नेतृत्व दिया — यह भारतीय दल के लिए एक अविस्मरणीय क्षण था।

गौरतलब है कि मूल रूप से शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक के रूप में चुना गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वे समारोह में शामिल नहीं हो सके और उनकी जगह सहरावत ने यह जिम्मेदारी निभाई। जापान के सम्राट नारुहितो ने इस महाद्वीपीय खेल महोत्सव का आधिकारिक उद्घाटन किया।

जसपाल राणा: एक गाइड, एक दोस्त

जसपाल राणा मनु भाकर के करियर में महज एक कोच से कहीं बढ़कर थे। टोक्यो 2020 ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जब भाकर का आत्मविश्वास डगमगाया, तब राणा ने उन्हें फिर से खड़ा किया और खेल के उच्चतम स्तर पर वापसी का रास्ता दिखाया।

राणा की देखरेख में भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बनीं। राणा के निधन के बाद भाकर ने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया था और इस क्षति को कभी न भरी जा सकने वाली रिक्तता बताया था। देहरादून में ट्रेनिंग कैंप के दौरान वे राणा के घर और अकादमी जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे चुकी हैं।

मनु का एशियन गेम्स सफर

नागोया में यह भाकर का एशियन गेम्स का तीसरा संस्करण है। उन्होंने पहली बार 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में वे महिला 25 मीटर पिस्टल टीम का हिस्सा रहीं, जिसने स्वर्ण पदक जीता।

यह ऐसे समय में आया है जब राणा के निधन के कुछ ही महीनों बाद भाकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर लौटी हैं — उनके लिए यह भागीदारी केवल खेल नहीं, बल्कि एक श्रद्धांजलि भी है।

20वें एशियन गेम्स का आगाज़

नागोया में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के साथ 20वें एशियन गेम्स 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। महाद्वीप भर के खिलाड़ियों ने एथलीट परेड में हिस्सा लिया और जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों का उद्घाटन किया। भारतीय दल इस बार पदक तालिका में मज़बूत प्रदर्शन की उम्मीद के साथ मैदान में उतरा है।

मनु भाकर का यह सफर — एक किशोर निशानेबाज से ओलंपिक पदक विजेता और अब एशियन गेम्स की ध्वजवाहक तक — भारतीय खेलों के एक नए अध्याय का प्रतीक बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में जसपाल राणा को क्यों याद किया?
मनु भाकर ने नागोया में भारत की ध्वजवाहक बनने के भावुक पल पर कहा कि उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। राणा वे गुरु थे जिन्होंने टोक्यो 2020 की निराशा के बाद भाकर को आत्मविश्वास लौटाया और पेरिस 2024 में दो ब्रॉन्ज मेडल तक पहुँचाया।
जसपाल राणा का निधन कब और कैसे हुआ?
जसपाल राणा का निधन 11 जून 2026 को 49 वर्ष की आयु में हुआ। स्टेंट प्रक्रिया के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण उनका देहांत हो गया था। भाकर ने उनके निधन पर सोशल मीडिया पर शोक जताया था और इस क्षति को कभी न भरी जा सकने वाली रिक्तता बताया था।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के ध्वजवाहक कौन थे?
मनु भाकर ने महिला ध्वजवाहक के रूप में और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने पुरुष ध्वजवाहक के रूप में एथलीट परेड में भारतीय दल का नेतृत्व किया। मूल रूप से तेजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वे समारोह में शामिल नहीं हो सके।
मनु भाकर का एशियन गेम्स में अब तक का प्रदर्शन कैसा रहा है?
नागोया में यह भाकर का तीसरा एशियन गेम्स है। उन्होंने 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में 16 वर्ष की आयु में पदार्पण किया था। 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में वे महिला 25 मीटर पिस्टल टीम का हिस्सा थीं जिसने स्वर्ण पदक जीता था।
20वें एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन किसने किया और कहाँ हुआ?
20वें एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन जापान के सम्राट नारुहितो ने किया। यह भव्य समारोह नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 19 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ, जिसमें महाद्वीप भर के देशों के एथलीटों ने परेड में भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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