एशियन गेम्स 2026: ध्वजवाहक मनु भाकर भावुक, बोलीं — 'जसपाल राणा सर की बेहद याद आई'
सारांश
मुख्य बातें
डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने 19 सितंबर 2026 को नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित 20वें एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की ध्वजवाहक बनने के बाद गहरी भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पल उन्हें अपने दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा की याद दिला गया, जिनका 11 जून 2026 को 49 वर्ष की आयु में स्टेंट प्रक्रिया के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण निधन हो गया था।
भावुक पल और यादगार शब्द
ओपनिंग सेरेमनी के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में मनु भाकर ने कहा, 'यह भावुक पल था। मुझे जसपाल राणा सर की बहुत याद आई।' कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ तिरंगा थामते हुए भाकर ने भारतीय एथलीटों के दल को परेड में आगे से नेतृत्व दिया — यह भारतीय दल के लिए एक अविस्मरणीय क्षण था।
गौरतलब है कि मूल रूप से शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक के रूप में चुना गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वे समारोह में शामिल नहीं हो सके और उनकी जगह सहरावत ने यह जिम्मेदारी निभाई। जापान के सम्राट नारुहितो ने इस महाद्वीपीय खेल महोत्सव का आधिकारिक उद्घाटन किया।
जसपाल राणा: एक गाइड, एक दोस्त
जसपाल राणा मनु भाकर के करियर में महज एक कोच से कहीं बढ़कर थे। टोक्यो 2020 ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जब भाकर का आत्मविश्वास डगमगाया, तब राणा ने उन्हें फिर से खड़ा किया और खेल के उच्चतम स्तर पर वापसी का रास्ता दिखाया।
राणा की देखरेख में भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बनीं। राणा के निधन के बाद भाकर ने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया था और इस क्षति को कभी न भरी जा सकने वाली रिक्तता बताया था। देहरादून में ट्रेनिंग कैंप के दौरान वे राणा के घर और अकादमी जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे चुकी हैं।
मनु का एशियन गेम्स सफर
नागोया में यह भाकर का एशियन गेम्स का तीसरा संस्करण है। उन्होंने पहली बार 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में वे महिला 25 मीटर पिस्टल टीम का हिस्सा रहीं, जिसने स्वर्ण पदक जीता।
यह ऐसे समय में आया है जब राणा के निधन के कुछ ही महीनों बाद भाकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर लौटी हैं — उनके लिए यह भागीदारी केवल खेल नहीं, बल्कि एक श्रद्धांजलि भी है।
20वें एशियन गेम्स का आगाज़
नागोया में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के साथ 20वें एशियन गेम्स 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। महाद्वीप भर के खिलाड़ियों ने एथलीट परेड में हिस्सा लिया और जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों का उद्घाटन किया। भारतीय दल इस बार पदक तालिका में मज़बूत प्रदर्शन की उम्मीद के साथ मैदान में उतरा है।
मनु भाकर का यह सफर — एक किशोर निशानेबाज से ओलंपिक पदक विजेता और अब एशियन गेम्स की ध्वजवाहक तक — भारतीय खेलों के एक नए अध्याय का प्रतीक बन गया है।