अभिषेक शर्मा को पर्सनैलिटी राइट्स मामले में राहत, दिल्ली हाईकोर्ट पारित करेगा अंतरिम आदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पर्सनैलिटी राइट्स मामले में बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वह अभिषेक के व्यक्तित्व का दुरुपयोग करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट और लिंक हटाने के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा। यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत कंटेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए तैयार किए गए भ्रामक कंटेंट से जुड़ा है।
मामले का पृष्ठभूमि
अभिषेक शर्मा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की माँग की है। याचिका में उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से बनाए गए AI-जनित कंटेंट को हटाने का अनुरोध किया गया है। पहली सुनवाई के दौरान याचिका में उल्लंघनकारी URL के स्क्रीनशॉट संलग्न नहीं थे, जिसके कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। न्यायालय ने संबंधित दस्तावेज़ों की जाँच किए बिना कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था।
अतिरिक्त हलफनामा और नई जानकारी
अभिषेक के अधिवक्ता ने URL की जानकारी सहित अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने न्यायालय को बताया कि कुछ आपत्तिजनक पोस्ट हटाई जा चुकी हैं, परंतु फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अभी भी दो ऐसी पोस्ट मौजूद हैं जिनमें क्रिकेटर के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसके अतिरिक्त, अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर अभिषेक की अनुमति के बिना व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उनकी छवि का उपयोग किया जा रहा है, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है।
मेटा और अमेज़न का रुख
इस मामले में मेटा और अमेज़न ने न्यायालय को आश्वस्त किया है कि वे अभिषेक शर्मा की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली पोस्ट अपने-अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे। न्यायालय ने इस मामले में समन भी जारी किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स और AI-जनित कंटेंट को लेकर कानूनी बहस तेज़ हो रही है।
अगली सुनवाई और आगे की कार्यवाही
इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि अभिषेक शर्मा इस समय इंग्लैंड के खिलाफ पाँच मैचों की टी20 सीरीज़ में भारतीय टीम का हिस्सा हैं। न्यायालय का यह कदम भारतीय खिलाड़ियों के डिजिटल अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।