लखनऊ की पर्वतारोही पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊँची रुद्रगैरा चोटी फतह की, एवरेस्ट है अगला लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ की पर्वतारोही पूर्वा धवन ने 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे उत्तराखंड की माउंट रुद्रगैरा की 5,826 मीटर ऊँची चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराकर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। कठिन बर्फीले रास्तों, चट्टानी खंडों और घटती ऑक्सीजन के बीच यह उपलब्धि हासिल करने के बाद अब उनकी नज़र 8,848.86 मीटर ऊँचे माउंट एवरेस्ट पर है।
अभियान का पूरा घटनाक्रम
पूर्वा, गाइड शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा की टीम ने 7 सितंबर को सुबह 9 बजे गंगोत्री से ट्रेक शुरू किया। दो दिन की चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग के बाद टीम 4,350 मीटर की ऊँचाई पर स्थित रुद्रगैरा बेस कैंप पहुँची। इसके बाद 10 सितंबर को तड़के चार बजे समिट पुश शुरू हुआ।
लगभग 8 घंटे 30 मिनट की अनवरत चढ़ाई में टीम ने 1,300 मीटर से अधिक की ऊँचाई पार की। रास्ते में खड़ी बर्फ, खुले चट्टानी खंड और ऑक्सीजन की कमी से उत्पन्न शारीरिक थकान ने यात्रा को और कठिन बनाया, फिर भी टीम ने हिम्मत बनाए रखी।
'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की प्रेरणा
पूर्वा ने मई 2018 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्हें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का बैनर सौंपा था। उस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएँ देकर प्रोत्साहित किया था। पूर्वा ने रुद्रगैरा फतह का श्रेय अपने परिवार के सहयोग और मुख्यमंत्री की उस प्रेरणा को दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला पर्वतारोहियों की संख्या देश में धीरे-धीरे बढ़ रही है और उनकी उपलब्धियाँ युवतियों के लिए नई राहें खोल रही हैं।
'पीक्स एंड प्लास्टिक' — स्वच्छ हिमालय का संकल्प
पूर्वा ने अपने पर्वतारोहण अभियान को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। उनकी 'पीक्स एंड प्लास्टिक' पहल पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार पर्वतारोहण का संदेश फैला रही है। उनका कहना है कि हिमालय की चोटियाँ फतह करना जितना गौरवपूर्ण है, उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखना उतना ही आवश्यक है। गौरतलब है कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटन और पर्वतारोहण के बढ़ते दबाव के साथ प्लास्टिक प्रदूषण एक गंभीर चिंता बन चुका है।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रशिक्षण
अभियान की सफलता में शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा की भूमिका निर्णायक रही। इन्हीं के मार्गदर्शन में पूर्वा ने गंगोत्री में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। उच्च-ऊँचाई पर्वतारोहण में ऐसा व्यावहारिक प्रशिक्षण मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से अभियान के लिए आधार तैयार करता है।
आगे का लक्ष्य — माउंट एवरेस्ट
रुद्रगैरा की सफलता के बाद पूर्वा का अगला लक्ष्य विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर तिरंगा फहराना है। वह एवरेस्ट अभियान को महिला सशक्तीकरण, युवा प्रेरणा और स्वच्छ हिमालय के व्यापक संदेश से जोड़ना चाहती हैं। उनकी यह यात्रा देश की उन बेटियों के लिए एक प्रेरणा बन रही है जो विषम परिस्थितियों में भी असाधारण लक्ष्य हासिल करने का हौसला रखती हैं।