आरसीबी ने जीते लगातार 2 आईपीएल खिताब: 17 साल के सूखे के बाद 'चोकर्स' से दो बार की चैंपियन तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आईपीएल 2025 के फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया — वह उपलब्धि जो 17 वर्षों तक टीम की पहुँच से बाहर रही थी। इस जीत के साथ आरसीबी उन केवल तीन फ्रेंचाइज़ियों में शामिल हो गई है जिन्होंने आईपीएल खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है। यह बदलाव रातोंरात नहीं आया — यह रणनीतिक नेतृत्व, ऑक्शन की समझदारी और टीम संतुलन का परिणाम है।
कप्तानी बदली, किस्मत बदली
फाफ डू प्लेसिस को रिलीज़ करने के बाद आरसीबी ने रजत पाटीदार को कप्तानी सौंपी — एक फैसला जो शुरुआत में अटपटा लगा। विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल जैसे दिग्गजों के रहते भी 'चोकर्स' का टैग न उतार पाने वाली टीम को एक युवा कप्तान पर भरोसा जताना पड़ा।
मैदान पर शांत स्वभाव और केंद्रित नज़रिए वाले रजत ने वह कर दिखाया जो पहले के कप्तान नहीं कर सके। कोहली और वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव का सहारा लेते हुए रजत ने टीम को पहली बार चैंपियन बनाया और फिर उसी खिताब का बचाव भी किया।
ऑक्शन में कमज़ोरियाँ पहचानीं, दूर कीं
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में आरसीबी ने पुरानी आदत — सिर्फ बड़े नाम खरीदना — छोड़कर टीम की खामियों पर ध्यान दिया। तेज़ गेंदबाज़ी को मज़बूत करने के लिए जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी बनाई गई। फिनिशर की भूमिका के लिए टिम डेविड को शामिल किया गया। इसके अलावा क्रुणाल पांड्या और रोमारियो शेफर्ड जैसे ऑलराउंडर्स को जोड़कर टीम की गहराई बढ़ाई गई।
एक खिलाड़ी पर निर्भरता खत्म
आरसीबी की सबसे पुरानी कमज़ोरी यह थी कि जीत एक या दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहती थी। आईपीएल 2025 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कोहली के विफल होने पर रजत मोर्चा संभालते, रजत के नाकाम रहने पर क्रुणाल टीम को पार लगाते और बल्लेबाज़ी के लड़खड़ाने पर गेंदबाज़ी विभाग मैच पलट देता। यह सामूहिक जिम्मेदारी ही आरसीबी की असली ताकत बनी।
ब्रांड वैल्यू और फैंस का अटूट भरोसा
गौरतलब है कि आईपीएल 2024 तक खिताब न जीत पाने के बावजूद आरसीबी की ब्रांड वैल्यू और प्रशंसक आधार कभी नहीं डगमगाया। यही नींव थी जिस पर नई चैंपियनशिप संस्कृति खड़ी हुई। रजत पाटीदार की अगुवाई में अब यह टीम पहले से कहीं अधिक संतुलित और आत्मविश्वासी नज़र आती है।
जो टीम कभी खिताब के लिए तरसती थी, वह अब जीत की आदत बना रही है — और आईपीएल इतिहास में यह बदलाव दर्ज हो चुका है।