साजन प्रकाश: 5 साल में शुरू हुआ तैराकी का सफर, ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक
सारांश
मुख्य बातें
साजन प्रकाश भारतीय तैराकी के उन चुनिंदा नामों में से एक हैं, जिन्होंने देश को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया। वह ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक बने, और यह सफर शुरू हुआ था महज 5 साल की उम्र में, जब उन्होंने पहली बार स्विमिंग पूल में कदम रखा था। केरल के इडुक्की से निकला यह तैराक आज भारतीय तैराकी की पहचान बन चुका है।
बचपन और तैराकी की शुरुआत
साजन प्रकाश का जन्म 14 सितंबर 1993 को इडुक्की, केरल में हुआ था। उनकी माँ शांतिमोल एक ट्रैक एंड फील्ड एथलीट थीं, और जहाँ वह कार्यरत थीं, वहाँ एक स्विमिंग पूल भी था। इसी परिवेश में साजन का तैराकी के प्रति लगाव पैदा हुआ, और 5 साल की नन्हीं उम्र में उन्होंने पहली बार पूल में गोता लगाया — और यहीं से उनके एक असाधारण सफर की नींव पड़ी।
प्रारंभिक प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने उनका दाखिला तमिलनाडु के नेवेली सिटी स्विमिंग क्लब में कराया। इसके बाद वह प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु में प्रख्यात कोच प्रदीप कुमार के पास चले गए, जिन्होंने उनकी तकनीक को निखारने में अहम भूमिका निभाई।
करियर का निर्माण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
शुरुआत में शॉर्ट कोर्स तैराकी में सक्रिय रहे साजन ने कोच की सलाह पर 200 मीटर बटरफ्लाई सहित लंबे कोर्स के इवेंट पर ध्यान केंद्रित किया। 2014 में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल और एशियन गेम्स में भाग लिया।
2015 में राष्ट्रीय खेलों में साजन का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा — उन्होंने 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 8 पदक जीते। अगले ही वर्ष गुवाहाटी में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4×200 मीटर रिले में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
रियो ओलंपिक 2016 और ऐतिहासिक क्वालीफिकेशन
साजन प्रकाश ने 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया — और ऐसा करने वाले वह देश के पहले तैराक बने जिन्होंने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया। 200 मीटर बटरफ्लाई हीट में वह 28वें स्थान पर रहे, लेकिन इस उपस्थिति ने भारतीय तैराकी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अर्जुन पुरस्कार
रोम में आयोजित 2021 सेटे कोली ट्रॉफी में साजन ने एक ही प्रतियोगिता में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े — 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में। यह उनके करियर का एक उल्लेखनीय पड़ाव था।
तैराकी में उनके अभूतपूर्व योगदान को राष्ट्रीय स्वीकृति मिली जब 2024 में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके दशकों के समर्पण और भारतीय तैराकी को नई ऊँचाई देने के प्रयासों की सरकारी स्वीकृति थी।
भारतीय तैराकी के लिए साजन का महत्व
भारत में तैराकी अभी भी विकास की राह पर है और वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलता का इंतजार जारी है। ऐसे में साजन प्रकाश जैसे खिलाड़ी न केवल रोल मॉडल हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि सही मार्गदर्शन, पारिवारिक समर्थन और अटूट लगन से भारत का तैराक भी ओलंपिक तक पहुँच सकता है। आने वाली पीढ़ी के तैराकों के लिए साजन का सफर एक प्रेरणापुंज बना रहेगा।