शशांक सिंह का खंडन: 'रसोइए के साथ मारपीट नहीं हुई, उसने घर के फोटो-वीडियो खींचे थे'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह ने 30 जून 2026 को अपने घरेलू रसोइए द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रसोइए ने शशांक और उनके पिता, रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल शैलेश सिंह, पर मारपीट, गाली-गलौज और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शशांक ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है।
शशांक सिंह का पक्ष
शशांक सिंह ने कहा, 'मेरी उससे कोई खास बातचीत नहीं थी। मैंने उससे पहले दिन सिर्फ यही पूछा कि क्या-क्या बना लेते हो, और उसने कहा था कि मैं सबकुछ बना लेता हूं। बाद में उसने कहा कि वह कुछ भी नहीं बना पाता। ऐसे झूठे आदमी के बारे में क्या बोलूं।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि घर में रसोइए के साथ कोई शारीरिक हिंसा नहीं हुई। शशांक के अनुसार, रसोइया घर के अंदर फोटो और वीडियो बनाता था, जिस पर उनकी माँ ने उसे डाँटा था। उन्होंने यह भी बताया कि सजावट की जगह से गणपति की एक मूर्ति भी गायब हो गई है।
मोबाइल और 'बंधक' के आरोप पर सफाई
रसोइए के इस दावे पर कि उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, शशांक ने कहा, 'तीन दिन तक बंधक बनाकर रखने वाली बात गलत है। हम लोग ऐसी हरकत नहीं कर सकते हैं। मैं इस बात की गारंटी दे सकता हूं।'
मोबाइल छीनने के आरोप पर उन्होंने कहा कि रसोइए का फोन लेकर घर के भीतर खींचे गए फोटो-वीडियो डिलीट कराए गए, और जब वह जा रहा था तो उसके हाथ में मोबाइल था। शशांक ने कहा, 'बाहर जाकर उसकी लड़ाई किससे हुई, इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।'
पुलिस से संपर्क न करने पर पछतावा
शशांक ने स्वीकार किया कि उन्होंने रसोइए को पुलिस के पास नहीं भेजा, क्योंकि उन्हें लगा कि एक गरीब व्यक्ति को थाने भेजना उचित नहीं होगा। हालाँकि, अब उन्हें इस निर्णय पर अफसोस है। उन्होंने कहा, 'अब लग रहा है कि हमसे गलती हो गई।'
शशांक ने यह भी कहा कि पुलिस ने अभी तक उनसे इस मामले में संपर्क नहीं किया है, और परिवार में इस तरह की कोई पूर्व घटना नहीं हुई है। गौरतलब है कि यह मामला दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच अभी जाँच के दायरे में है।
मामले की पृष्ठभूमि
रसोइए ने भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने मारपीट, गाली-गलौज और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। शशांक सिंह इस समय पंजाब किंग्स की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सक्रिय हैं और एक उभरते हुए क्रिकेटर के रूप में चर्चा में रहे हैं। उनके पिता शैलेश सिंह एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं।
पुलिस द्वारा शिकायत की जाँच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि जाँच में कौन से तथ्य सामने आते हैं।