सुनील छेत्री बोले: मेसी-रोनाल्डो की भूख युवा फुटबॉलरों के लिए सबसे बड़ी सीख
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने 25 जून 2026 को कहा कि लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की मैदान पर हमेशा बेहतर करने की अदम्य इच्छाशक्ति ही उन्हें करोड़ों युवा फुटबॉलरों के लिए सच्ची प्रेरणा बनाती है। फीफा विश्व कप 2026 के दौरान दोनों दिग्गजों के शानदार प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में छेत्री की यह टिप्पणी विशेष महत्व रखती है।
छेत्री ने क्या कहा
छेत्री ने जी5 पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, 'मेसी और रोनाल्डो करीब 40 साल के हैं। उनका वैश्विक मंच पर इस तरह प्रदर्शन करना अविश्वसनीय है। अगर युवा फुटबॉलरों को उनसे कोई एक चीज़ सीखनी चाहिए, तो वह है उनकी भूख। उन्होंने फुटबॉल में लगभग सब कुछ जीता है, लेकिन वे अब भी उसी इच्छा और प्रतिबद्धता के साथ खेलते हैं।'
टूर्नामेंट के यादगार पलों के बारे में पूछे जाने पर छेत्री ने मेसी की हैट्रिक, जापान की 4-0 की जीत और मोरक्को बनाम स्कॉटलैंड के मुकाबले का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'मेसी की हैट्रिक ने सभी को याद दिलाया कि वह इस खेल को खेलने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक क्यों हैं। जापान की 4-0 की जीत ने दिखाया कि एशियाई फुटबॉल कितना आगे बढ़ गया है।'
मेसी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
फीफा विश्व कप 2026 में 2 मैचों में 5 गोल दागने वाले मेसी विश्व कप इतिहास में 18 गोल के साथ सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने जर्मनी के पूर्व फॉरवर्ड मिरोस्लाव क्लोस के 16 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। यह उपलब्धि फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है।
रोनाल्डो की अनूठी उपलब्धि
क्रिस्टियानो रोनाल्डो छह अलग-अलग फीफा विश्व कप — जर्मनी 2006, दक्षिण अफ्रीका 2010, ब्राजील 2014, रूस 2018, कतर 2022 और यूएसए-मेक्सिको-कनाडा 2026 — में गोल करने वाले इतिहास के पहले फुटबॉलर बन गए। पुर्तगाल के लिए दूसरे मैच में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ 2 गोल किए और टीम की 5-0 की जीत में यादगार भूमिका निभाई।
41 साल और 138 दिन की उम्र में रोनाल्डो विश्व कप इतिहास में कैमरून के रोजर मिला के बाद दूसरे सबसे उम्रदराज़ गोलस्कोरर बन गए। मिला ने 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में गोल किया था।
नई पीढ़ी का उदय
छेत्री का मानना है कि फुटबॉल प्रशंसक खुशकिस्मत हैं कि उन्हें मेसी और रोनाल्डो के करियर का आखिरी अध्याय और काइलियन एम्बाप्पे तथा एर्लिंग हालैंड की अगुवाई में नई पीढ़ी का उदय एक साथ देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि पीढ़ियों के बीच कोई मुकाबला है। मेसी और रोनाल्डो ने अपनी अलग पहचान बनाई है, जबकि एम्बाप्पे, हालैंड और दूसरे अपनी अलग कहानी बनाएंगे।'
काइलियन एम्बाप्पे ने इसी विश्व कप के दौरान फ्रांस के लिए अपने 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले फ्रांस के दसवें खिलाड़ी बने। नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने 2 मैचों में 4 गोल दागते हुए अपनी टीम को अगले दौर में पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
छेत्री ने यह भी कहा कि टूर्नामेंट में किसी बड़े नाम ने निराश नहीं किया — मेसी, रोनाल्डो, हालैंड, एम्बाप्पे, हैरी केन, इसाक और ग्योकेरेस सभी ने अपेक्षाओं पर खरा प्रदर्शन किया। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह विश्व कप वास्तव में एक अविस्मरणीय उत्सव बनता जा रहा है।