15 जुलाई 2026
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फीफा वर्ल्ड कप 2026: तामेंगलोंग में बिजली कटौती से परेशान लोग, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठे सवाल

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: तामेंगलोंग में बिजली कटौती से परेशान लोग, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठे सवाल

सारांश

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैच देखने की चाहत ने मणिपुर के तामेंगलोंग जिले की दशकों पुरानी बिजली संकट को फिर उजागर कर दिया है। जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइनमैन की कमी और अधूरा पावर सब-स्टेशन — ये तीन समस्याएँ मिलकर जिले को अँधेरे में रख रही हैं।

मुख्य बातें

तामेंगलोंग जिले में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान बार-बार बिजली कटौती से स्थानीय लोग परेशान हैं।
मुख्य कारण: पुराने बिजली खंभे , जर्जर ट्रांसमिशन लाइनें और लाइनों के पास जंगल की सफाई न होना।
सरकारी दफ्तर , स्कूल , कॉलेज , मीडिया संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सभी प्रभावित।
बिजली विभाग में लाइनमैन की कमी और भर्ती परीक्षाओं के नतीजे घोषित न होने से नियुक्ति में देरी।
न्रैलॉन्ग, चिउलोन का पावर सब-स्टेशन अधूरा पड़ा है, जिससे बिजली वितरण सुधार की कोशिशें बाधित हैं।
लोगों ने तकनीकी स्टाफ की भर्ती में तेज़ी और सब-स्टेशन का काम जल्द पूरा करने की माँग की।

मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैचों के दौरान बार-बार हो रही बिजली कटौती ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 15 जुलाई 2026 को सामने आई इस शिकायत में लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है, ताकि जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

बिजली कटौती के मुख्य कारण

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बार-बार होने वाली बिजली कटौती की जड़ में जर्जर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर है — जिसमें खराब हो चुके बिजली के खंभे और पुरानी ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास जंगल की समुचित सफाई न होना भी आपूर्ति में रुकावट का कारण बन रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ये समस्याएँ दशकों से बनी हुई हैं और इन पर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

किन संस्थानों पर पड़ रहा है असर

अनियमित बिजली आपूर्ति का सीधा असर सरकारी दफ्तरों, निजी संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों के दैनिक कामकाज पर पड़ रहा है। बिजली पर अत्यधिक निर्भर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय अखबारों के दफ्तर और मीडिया संगठन भी बुरी तरह प्रभावित हैं — समय पर समाचार प्रकाशन और सार्वजनिक सूचनाएँ पहुँचाने में रुकावट आ रही है।

स्टाफ की कमी और अटके प्रोजेक्ट

निवासियों ने बिजली विभाग में लाइनमैन की गंभीर कमी को भी एक बड़ा कारण बताया है। उनके अनुसार, भर्ती परीक्षाओं के नतीजे अब तक घोषित न होने की वजह से नए कर्मचारियों की नियुक्ति में देरी हो रही है, जिससे यह समस्या और गहरी होती जा रही है। इसके साथ ही, न्रैलॉन्ग, चिउलोन में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन के काम में हो रही अत्यधिक देरी पर भी लोगों ने चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, कई तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं की वजह से यह परियोजना अधूरी पड़ी है।

लोगों की माँगें

स्थानीय निवासियों ने सरकार से माँग की है कि तकनीकी स्टाफ की भर्ती में तेज़ी लाई जाए, पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों और खंभों की मरम्मत की जाए, और न्रैलॉन्ग, चिउलोन पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। यह ऐसे समय में और ज़रूरी हो गया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैच चल रहे हैं और लोग लाइव प्रसारण देखने में असमर्थ हो रहे हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि तामेंगलोंग जैसे दूरदराज़ के पहाड़ी जिलों में बिजली आपूर्ति की समस्या नई नहीं है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े वैश्विक आयोजन ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। यदि संबंधित विभाग शीघ्र कदम नहीं उठाते, तो जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर दीर्घकालिक असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जिम्मेदारी किसकी है — विभाग की, राज्य सरकार की, या उस प्रणाली की जो दूरदराज़ के जिलों को प्राथमिकता सूची में सबसे नीचे रखती है? मणिपुर में पहले से जारी सामाजिक तनाव के बीच बुनियादी सेवाओं की यह विफलता और भी गंभीर संकेत देती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तामेंगलोंग में बार-बार बिजली कटौती क्यों हो रही है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मुख्य कारण पुराना बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर है — जिसमें जर्जर खंभे, पुरानी ट्रांसमिशन लाइनें और उनके आसपास जंगल की सफाई न होना शामिल है। इसके अलावा बिजली विभाग में लाइनमैन की कमी और न्रैलॉन्ग, चिउलोन पावर सब-स्टेशन का अधूरा रहना भी समस्या को बढ़ा रहा है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का तामेंगलोंग की बिजली समस्या से क्या संबंध है?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैच लाइव देखने की चाहत ने इस पुरानी समस्या को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। बार-बार होने वाली बिजली कटौती के कारण जिले के निवासी मैचों का लाइव प्रसारण देखने में असमर्थ हो रहे हैं।
न्रैलॉन्ग, चिउलोन पावर सब-स्टेशन का काम कब पूरा होगा?
रिपोर्टों के अनुसार, न्रैलॉन्ग, चिउलोन में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन कई तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण अधूरा पड़ा है। इसके पूरा होने की कोई निश्चित तारीख अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
बिजली कटौती से तामेंगलोंग में किन-किन क्षेत्रों पर असर पड़ा है?
अनियमित बिजली आपूर्ति से सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, निजी संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्थानीय मीडिया संगठन सभी प्रभावित हैं। समाचार पत्रों का समय पर प्रकाशन और सार्वजनिक सूचनाओं का प्रसार भी बाधित हो रहा है।
तामेंगलोंग के लोगों ने सरकार से क्या माँग की है?
स्थानीय निवासियों ने सरकार से तकनीकी स्टाफ और लाइनमैन की भर्ती में तेज़ी लाने, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत करने और न्रैलॉन्ग, चिउलोन पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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