46वें टैमर टूर्नामेंट के लिए भारत का 14 सदस्यीय मुक्केबाजी दल घोषित, जैस्मिन-अरुंधति करेंगी अगुवाई
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता जैस्मिन (महिला 57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (महिला 70 किग्रा) फिनलैंड के टाम्परे में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर टूर्नामेंट में 14 सदस्यीय भारतीय मुक्केबाजी दल की अगुवाई करेंगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) ने इस दल की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि यह चयन रणनीतिक रूप से उन मुक्केबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने के उद्देश्य से किया गया है जो ओलंपिक भार वर्गों में प्रतिस्पर्धी क्षमता विकसित कर रहे हैं।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम
टाम्परे बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पुरुषों के 10 और महिलाओं के 7 एलीट भार वर्गों में मुकाबले होंगे। मुख्य प्रतियोगिता 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच होगी, जिसमें 30 अक्टूबर को शुरुआती बाउट, 31 अक्टूबर को सेमीफाइनल और 1 नवंबर को फाइनल खेले जाएंगे। भारतीय दल 'वर्ल्ड बॉक्सिंग' के नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करेगा।
भारतीय दल की संरचना
पुरुष टीम में पवन बर्तवाल (55 किग्रा), हुसामुद्दीन मोहम्मद (60 किग्रा), विवेक मीणा (65 किग्रा), हितेश (70 किग्रा), अक्षय (80 किग्रा), बोबिन चौहान (90 किग्रा) और चेतन चौधरी (90+ किग्रा) शामिल हैं। महिला वर्ग में तनु (51 किग्रा), आरती धरियाल (54 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), दिशा विजय पाटिल (60 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और इमरोज खान (75 किग्रा) देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
BFI की चयन रणनीति
BFI के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, 'टैमर टूर्नामेंट हमारे मुक्केबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने और मजबूत विरोधियों के खिलाफ खुद को आजमाने का एक अहम मौका देता है। हमारा ध्यान ओलंपिक वेट कैटेगरी में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर है, ताकि ज्यादा से ज्यादा भारतीय मुक्केबाजों को सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव मिल सके।' इस दल में विशेष रूप से उन मुक्केबाजों को शामिल किया गया है जो ओलंपिक भार वर्गों में तीसरे स्थान पर हैं, साथ ही ऐसे शीर्ष खिलाड़ी भी जो एशियन गेम्स कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।
टूर्नामेंट का महत्व
गौरतलब है कि 1977 से प्रतिवर्ष आयोजित यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब BFI ओलंपिक चक्र की तैयारियों के तहत अपने खिलाड़ी आधार को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। टाम्परे की रिंग में जैस्मिन और अरुंधति जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरते नामों की मौजूदगी भारतीय मुक्केबाजी के भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश करती है।