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FIFA विश्व कप जीतने वाले टॉप-5 युवा कप्तान: पासरेला से माराडोना तक, जानें रिकॉर्ड

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FIFA विश्व कप जीतने वाले टॉप-5 युवा कप्तान: पासरेला से माराडोना तक, जानें रिकॉर्ड

सारांश

फुटबॉल इतिहास में सिर्फ कुछ ही कप्तानों ने 28 साल से कम उम्र में FIFA विश्व कप उठाया है। डैनियल पासरेला 25 साल 30 दिन में सबसे युवा विश्व विजेता कप्तान बने, जबकि बॉबी मूर, माराडोना, कार्लोस अल्बर्टो और मेआजा ने भी कम उम्र में कप्तानी के दम पर इतिहास रचा। यह सूची फुटबॉल के युवा नेतृत्व की बेमिसाल मिसाल है।

मुख्य बातें

डैनियल पासरेला ने 25 साल 30 दिन की उम्र में 1978 विश्व कप जीतकर सबसे युवा विजेता कप्तान का रिकॉर्ड बनाया।
बॉबी मूर की कप्तानी में इंग्लैंड ने 30 जुलाई 1966 को वेस्ट जर्मनी को 4-2 से हराकर अपना एकमात्र विश्व कप जीता।
डिएगो माराडोना ने 25 साल 252 दिन की उम्र में 1986 का फाइनल अर्जेंटीना के लिए जीता।
कार्लोस अल्बर्टो ने 1970 में ब्राज़ील की इटली पर 4-1 की जीत में कप्तानी की।
ग्यूसेपे मेआजा ने 1938 में 27 साल 300 दिन की उम्र में इटली को लगातार दूसरा खिताब दिलाया।

फुटबॉल इतिहास में FIFA विश्व कप जीतना हर खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन कम उम्र में कप्तान के तौर पर अपनी टीम को चैंपियन बनाना और भी दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। आँकड़ों के अनुसार, अब तक केवल मुट्ठी भर कप्तान ही 28 साल से कम उम्र में यह ट्रॉफी उठा पाए हैं, और इनमें से अधिकांश ने अपने नेतृत्व से फुटबॉल की दिशा बदल दी। राष्ट्र प्रेस की इस सूची में जानिए वे शीर्ष 5 युवा कप्तान जिन्होंने इतिहास रच दिया।

डैनियल पासरेला: सबसे युवा विश्व विजेता कप्तान

25 मई 1953 को ब्यूनस आयर्स में जन्मे डैनियल पासरेला FIFA विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान हैं। उन्होंने यह कारनामा 25 साल 30 दिन की उम्र में किया। 25 जून 1978 को उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को फाइनल में 3-1 से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया।

बॉबी मूर: इंग्लैंड के एकमात्र विश्व विजेता कप्तान

एसेक्स में 12 अप्रैल 1941 को जन्मे बॉबी मूर की कप्तानी में इंग्लैंड ने 30 जुलाई 1966 को अपना पहला और अब तक का एकमात्र FIFA विश्व कप खिताब जीता। लंदन में खेले गए ऐतिहासिक फाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने वेस्ट जर्मनी को 4-2 से हराया। उस वक्त मूर मात्र 25 साल 109 दिन के थे, और आज भी अंग्रेज़ी फुटबॉल में उनका कद बेमिसाल माना जाता है।

डिएगो माराडोना: 'हैंड ऑफ गॉड' वाले कप्तान

अर्जेंटीना के दिग्गज डिएगो माराडोना का जन्म 30 अक्टूबर 1960 को हुआ था। 29 जून 1986 को मैक्सिको सिटी में खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी को 3-2 से हराकर ट्रॉफी जीती। उस समय माराडोना सिर्फ 25 साल 252 दिन के थे। यह वही टूर्नामेंट था जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर फुटबॉल का सबसे बड़ा सितारा बना दिया।

कार्लोस अल्बर्टो: ब्राज़ील की 1970 की महानता के अगुआ

ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में 17 जुलाई 1944 को जन्मे कार्लोस अल्बर्टो ने 25 साल 339 दिन की उम्र में बतौर कप्तान FIFA विश्व कप ट्रॉफी उठाई। मैक्सिको सिटी में 21 जून 1970 को खेले गए फाइनल में ब्राज़ील ने इटली को 4-1 से हराया। इस जीत के साथ ब्राज़ील तीसरी बार चैंपियन बना और जूल्स रिमे ट्रॉफी हमेशा के लिए अपने नाम कर ली।

ग्यूसेपे मेआजा: सूची के अनुभवी कप्तान

मिलान में 23 अगस्त 1910 को जन्मे ग्यूसेपे मेआजा इस सूची में पाँचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 19 जून 1938 को FIFA विश्व कप ट्रॉफी उठाई, जब कोलंबस में खेले गए फाइनल में इटली ने हंगरी को 4-2 से हराया। उस समय मेआजा 27 साल 300 दिन के थे और यह इटली का लगातार दूसरा विश्व कप खिताब था।

क्यों खास है यह सूची

गौरतलब है कि इन पाँच कप्तानों में से तीन ने यह उपलब्धि 26 साल की उम्र से पहले हासिल की, जो आधुनिक फुटबॉल में अब लगभग दुर्लभ हो चुका है। हाल के दशकों में टीमों ने अनुभव को प्राथमिकता दी है, जिससे कप्तानी की औसत उम्र बढ़ी है। ऐसे में पासरेला, मूर और माराडोना के रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक युग का दस्तावेज़ है जब कप्तानी 'सीनियरिटी' नहीं बल्कि नेतृत्व क्षमता के आधार पर तय होती थी। आज जब क्लब फुटबॉल और कमर्शियल दबाव खिलाड़ियों के करियर की लय बदल चुके हैं, 25 साल की उम्र में विश्व विजेता कप्तान बनना लगभग असंभव-सा लगता है। पासरेला और मूर के रिकॉर्ड इस बात की याद दिलाते हैं कि महान कप्तानी उम्र की नहीं, मैदान पर निर्णय लेने की क्षमता की मोहताज होती है। यही वजह है कि ये नाम आज भी फुटबॉल कोचिंग पाठ्यक्रमों में केस-स्टडी के रूप में पढ़ाए जाते हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FIFA विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान कौन हैं?
अर्जेंटीना के डैनियल पासरेला FIFA विश्व कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान हैं। उन्होंने 25 जून 1978 को 25 साल 30 दिन की उम्र में नीदरलैंड को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
बॉबी मूर ने इंग्लैंड को विश्व कप कब जिताया था?
बॉबी मूर की कप्तानी में इंग्लैंड ने 30 जुलाई 1966 को लंदन में खेले गए फाइनल में वेस्ट जर्मनी को 4-2 से हराकर अपना पहला और एकमात्र FIFA विश्व कप जीता था। उस समय मूर 25 साल 109 दिन के थे।
डिएगो माराडोना ने किस उम्र में विश्व कप जीता था?
डिएगो माराडोना ने 25 साल 252 दिन की उम्र में अर्जेंटीना के कप्तान के तौर पर 1986 का FIFA विश्व कप जीता था। 29 जून 1986 को मैक्सिको सिटी में खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी को 3-2 से हराया था।
कार्लोस अल्बर्टो की कप्तानी में ब्राज़ील ने कौन-सा विश्व कप जीता?
कार्लोस अल्बर्टो की कप्तानी में ब्राज़ील ने 21 जून 1970 को मैक्सिको सिटी में इटली को 4-1 से हराकर अपना तीसरा FIFA विश्व कप जीता। उस समय अल्बर्टो 25 साल 339 दिन के थे।
ग्यूसेपे मेआजा ने इटली को कब चैंपियन बनाया था?
ग्यूसेपे मेआजा की कप्तानी में इटली ने 19 जून 1938 को कोलंबस में खेले गए फाइनल में हंगरी को 4-2 से हराकर FIFA विश्व कप जीता। उस समय मेआजा 27 साल 300 दिन के थे और यह इटली का लगातार दूसरा खिताब था।
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