एम्मा फिनुकैन ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, एक संस्करण में जीते 4 ट्रैक गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
वेल्स की स्प्रिंट साइक्लिस्ट एम्मा फिनुकैन ने 2 अगस्त को ग्लासगो के सर क्रिस होय वेलोड्रोम में महिला कीरिन स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। 23 वर्षीया फिनुकैन किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में चार ट्रैक गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली स्प्रिंट साइक्लिस्ट बन गई हैं।
ऐतिहासिक क्लीन स्वीप
फिनुकैन ने इन गेम्स में लगातार चार दिनों में चार स्वर्ण पदक हासिल किए — टीम स्प्रिंट, व्यक्तिगत स्प्रिंट, 1,000 मीटर टाइम ट्रायल और अंत में कीरिन। इस शानदार क्लीन स्वीप ने उन्हें ट्रैक साइकिलिंग की दुनिया में एक अलग ऊँचाई पर खड़ा कर दिया है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्होंने महज़ चार दिनों की अविश्वसनीय निरंतरता से हासिल की।
मुख्य प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ा
कीरिन फाइनल में फिनुकैन ने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन एलेस एंड्रयूज (न्यूज़ीलैंड) को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। एंड्रयूज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा; वह 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते अपने कीरिन खिताब की रक्षा करने में सफल नहीं रह सकीं।
तोड़े पुराने रिकॉर्ड
इस जीत के साथ फिनुकैन ने एना मेयर्स और एलेस एंड्रयूज दोनों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए, जिन्होंने क्रमशः 2010 और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में एक-एक संस्करण में तीन-तीन ट्रैक गोल्ड जीते थे। एक ही संस्करण में चार गोल्ड जीतने का यह कीर्तिमान इससे पहले न्यूज़ीलैंड के आरोन गेट के नाम था, जिन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में चार स्वर्ण पदक जीते थे — तीन ट्रैक पर और एक रोड रेस में। फिनुकैन ने यह उपलब्धि विशुद्ध ट्रैक स्प्रिंट स्पर्धाओं में ही हासिल की, जो इसे और भी उल्लेखनीय बनाता है।
वेल्स की सबसे सफल महिला एथलीट
फिनुकैन एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में चार गोल्ड मेडल जीतने वाली वेल्स की पहली महिला भी बन गई हैं। उन्होंने पैरा-स्प्रिंटर ओलिविया ब्रीन की जगह लेते हुए गेम्स के इतिहास में वेल्स की सबसे सफल महिला एथलीट का दर्जा हासिल किया। हालाँकि, वेल्स के समग्र करियर रिकॉर्ड में वेटलिफ्टर डेविड मॉर्गन अभी भी सबसे आगे हैं, जिनके नाम करियर में नौ गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल हैं।
आगे क्या
ग्लासगो में इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद फिनुकैन अंतरराष्ट्रीय ट्रैक साइकिलिंग सर्किट में शीर्ष दावेदार के रूप में उभरी हैं। आने वाले विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चक्र में उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी, खासकर तब जब उन्होंने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को सीधे मुकाबले में हराया हो।