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उल्हास के.एस. को सीएम धामी ने किया सम्मानित, यूरोप में भारतीय बास्केटबॉल का परचम लहराया

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उल्हास के.एस. को सीएम धामी ने किया सम्मानित, यूरोप में भारतीय बास्केटबॉल का परचम लहराया

सारांश

तमिलनाडु में जन्मे उल्हास के.एस. ने सर्बिया और मोल्दोवा की पेशेवर लीग में खेलकर यूरोपीय बास्केटबॉल में भारत का परचम लहराया। उत्तराखंड के सीएम धामी ने उन्हें देहरादून में सम्मानित कर उस राह को मान्यता दी जो अब देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है।

मुख्य बातें

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 जून 2026 को देहरादून में बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस.
उल्हास ने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर की कप्तानी करते हुए लंदन इंटर-यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल लीग खिताब जीता।
वे सर्बिया की टीम नोवी पजार सैलामैंडर और मोल्दोवा के ग्लोरिया बास्केटबॉल क्लब के लिए खेले।
मोल्दोवा की नेशनल लीग डिवीजन 1 में दूसरे सर्वाधिक स्कोरर के रूप में सत्र समाप्त किया।
बास्केटबॉल वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया; भारत और यूके दोनों में चैंपियनशिप खिताब जीते।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 जून 2026 को देहरादून में भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को खेल में उनके असाधारण योगदान और यूरोप में हासिल की गई पेशेवर सफलताओं के लिए सम्मानित किया। तमिलनाडु में जन्मे उल्हास उन गिने-चुने भारतीयों में शामिल हैं जिन्होंने यूरोपीय प्रोफेशनल बास्केटबॉल में अपनी जगह बनाई — उस दौर में जब इस महाद्वीप पर भारतीय खिलाड़ियों के लिए अवसर लगभग न के बराबर थे।

यूरोप में भारतीय बास्केटबॉल की नई इबारत

उल्हास के.एस. का अंतरराष्ट्रीय सफर यूनाइटेड किंगडम से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर की बास्केटबॉल टीम की कप्तानी की। उनके नेतृत्व में टीम ने लंदन इंटर-यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल लीग का खिताब जीता, जो यूरोप में प्रोफेशनल करियर के दरवाज़े खोलने में निर्णायक साबित हुआ।

इसके बाद उन्होंने सर्बिया की शीर्ष-स्तरीय टीम नोवी पजार सैलामैंडर के साथ खेलते हुए यूरोप के सबसे प्रतिस्पर्धी बास्केटबॉल माहौल में अपनी काबिलियत साबित की। बाद में उन्होंने मोल्दोवा का रुख किया और वहाँ की नेशनल बास्केटबॉल लीग में ग्लोरिया बास्केटबॉल क्लब का प्रतिनिधित्व किया।

स्कोरिंग रिकॉर्ड और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व

उल्हास ने मोल्दोवा की नेशनल लीग डिवीजन 1 में दूसरे सर्वाधिक स्कोर करने वाले खिलाड़ी के रूप में सत्र समाप्त किया। उन्होंने बास्केटबॉल वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है और भारत व यूनाइटेड किंगडम — दोनों जगह चैंपियनशिप खिताब अपने नाम किए हैं। गौरतलब है कि अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करना उन्हें भारतीय बास्केटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में स्थापित करता है।

सम्मान पर उल्हास की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री धामी से सम्मानित होने के बाद उल्हास के.एस. ने कहा, "यह सम्मान मिलना बहुत मायने रखता है और यह याद दिलाता है कि भारतीय बास्केटबॉल ने कितनी तरक्की की है। मेरा सफर मौकों, लगन और उन लोगों के समर्थन से बना है जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह पहचान और युवा खिलाड़ियों को पारंपरिक रास्तों से हटकर सपने देखने और सबसे ऊँचे स्तर पर बास्केटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी। भारतीय प्रतिभा में दुनिया में कहीं भी मुकाबला करने की क्षमता है।"

आम जनता और युवा खिलाड़ियों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बास्केटबॉल को अभी भी क्रिकेट और फुटबॉल की तुलना में सीमित संसाधन और मीडिया कवरेज मिलती है। उल्हास का यूरोपीय ट्रैक रिकॉर्ड उन युवाओं के लिए एक व्यावहारिक उदाहरण है जो गैर-पारंपरिक खेलों में करियर बनाने की सोच रहे हैं। उत्तराखंड सरकार द्वारा इस तरह के खिलाड़ियों को मंच देना राज्य की खेल नीति में विविधता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो घरेलू बास्केटबॉल ढाँचे की सीमाओं को उजागर करता है। राज्य सरकार का यह सम्मान प्रतीकात्मक रूप से सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इसके साथ युवा बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए ठोस अकादमी, वजीफे और विदेशी एक्सपोज़र कार्यक्रम भी आएंगे। बिना नीतिगत अनुवर्ती कार्रवाई के, ऐसे सम्मान समारोह केवल एक अवसर बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उल्हास के.एस. कौन हैं और उन्हें क्यों सम्मानित किया गया?
उल्हास के.एस. तमिलनाडु में जन्मे भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं जिन्होंने यूरोपीय पेशेवर लीग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 जून 2026 को देहरादून में उन्हें खेल में उनके योगदान और अंतरराष्ट्रीय सफलताओं के लिए सम्मानित किया।
उल्हास के.एस. ने यूरोप में कहाँ-कहाँ खेला है?
उल्हास ने यूनाइटेड किंगडम में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर की कप्तानी की, सर्बिया में नोवी पजार सैलामैंडर के लिए खेले और मोल्दोवा में ग्लोरिया बास्केटबॉल क्लब का प्रतिनिधित्व किया। मोल्दोवा की नेशनल लीग डिवीजन 1 में वे दूसरे सर्वाधिक स्कोरर रहे।
उल्हास के.एस. ने भारत के लिए कौन-सी प्रमुख उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
उन्होंने बास्केटबॉल वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा उन्होंने भारत और यूनाइटेड किंगडम दोनों में चैंपियनशिप खिताब जीते हैं और यूरोपीय प्रोफेशनल बास्केटबॉल में खुद को स्थापित करने वाले पहले भारतीयों में से एक बने।
उल्हास के.एस. का यूरोपीय करियर भारतीय बास्केटबॉल के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उनका करियर इस बात का प्रमाण है कि भारतीय खिलाड़ी यूरोप के प्रतिस्पर्धी बास्केटबॉल माहौल में भी टिक सकते हैं और चमक सकते हैं। यह उस दौर में हुआ जब यूरोपीय क्लबों में भारतीय खिलाड़ियों के लिए अवसर बेहद सीमित थे, जिससे वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
उल्हास के.एस. के करियर की शुरुआत कहाँ से हुई?
उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम से हुई, जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर बास्केटबॉल टीम की कप्तानी की। उनकी अगुवाई में टीम ने लंदन इंटर-यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल लीग का खिताब जीता, जो यूरोप में पेशेवर अवसरों की नींव बनी।
राष्ट्र प्रेस
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