वाडा का नया एंटी-डोपिंग कोड 1 जनवरी 2027 से लागू, बीजिंग बैठक में 40 देशों की सहमति
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने बीजिंग में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में स्पष्ट किया है कि नए वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड को अपनाने के लिए सभी हस्ताक्षरकर्ताओं के बीच तालमेल अनिवार्य है। नया कोड और अंतरराष्ट्रीय मानक 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे, जिसके लिए स्टेकहोल्डर्स को इसी वर्ष तैयारी पूरी करनी होगी।
बीजिंग बैठक का स्वरूप
वाडा और सह-मेजबान चीन एंटी-डोपिंग एजेंसी मिलकर चीनी राजधानी में 1 से 3 जून तक एशिया और ओशिनिया अंतर-सरकारी मंत्रिस्तरीय बैठक तथा क्षेत्रीय संगोष्ठी आयोजित कर रहे हैं। सोमवार को हुई मंत्रिस्तरीय बैठक में एशिया और ओशिनिया के लगभग 40 देशों और क्षेत्रों से 140 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
वाडा अध्यक्ष का संदेश
संगोष्ठी के उद्घाटन दिवस पर वाडा अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कहा, ‘यह हम सभी का फर्ज है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं कि कोड पर हस्ताक्षर करने वाले 1 जनवरी 2027 को, जब अपडेट किए गए नियम लागू होंगे, तैयार हों।’ उन्होंने आगामी महीनों में हस्ताक्षरकर्ताओं को बहुस्तरीय समर्थन देने का आश्वासन दिया।
बांका ने यह भी रेखांकित किया कि ‘एंटी-डोपिंग समुदाय तब सबसे मजबूत होता है जब हम एकजुट होते हैं।’ उन्होंने पिछले वर्ष बुसान में हुए विश्व सम्मेलन में दिखी एकता का हवाला देते हुए कहा कि वही गति 2027 कोड के क्रियान्वयन तक बनी रहनी चाहिए।
राजनीतिकरण के खिलाफ सर्वसम्मत प्रस्ताव
बांका ने रिपोर्टों के अनुसार जानकारी दी कि बैठक एक ऐसे प्रस्ताव के साथ समाप्त हुई जिसे सभी सरकारों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। उन्होंने कहा, ‘इसका एक मजबूत पहलू यह है कि खेल मंत्री डोपिंग-रोधी मामलों के राजनीतिकरण के खिलाफ हैं।’ यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब बीते वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय डोपिंग विवादों ने भू-राजनीतिक रंग ले लिया था।
क्यों मायने रखती है यह पहल
नए कोड के तहत हस्ताक्षरकर्ताओं को नियमों और मानकों के अनुरूप अपनी प्रणालियों को ढालना होगा। बांका ने कहा, ‘हमने सरकारों पर जोर दिया कि वे समय सीमा से पहले इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कड़े कदम उठाएं, ताकि किसी भी तरह के नतीजों से बचा जा सके, और अपडेट के लिए सभी को समान अवसर मिल सकें।’ गौरतलब है कि कोड का अनुपालन न करने पर हस्ताक्षरकर्ता संगठनों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का जोखिम रहता है।
आगे की राह
आगामी छह महीने एशिया और ओशिनिया के एंटी-डोपिंग ढाँचे के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं। क्षेत्रीय संगोष्ठी के सबक स्थानीय एजेंसियों तक पहुँचाना अब भागीदार देशों की प्राथमिकता होगी, ताकि 1 जनवरी 2027 की समय सीमा से पहले प्रणालीगत तैयारी पूरी की जा सके।