BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स जीता, एक दिन में फ्रांस के नाम 2 गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में 23 अगस्त का दिन फ्रांस के बैडमिंटन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। नई दिल्ली में खेले गए फाइनल में 21 वर्षीय एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रचा, जबकि इससे पहले थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था। यह पहला मौका है जब फ्रांस ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के एक ही दिन में 2 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
लैनियर की ऐतिहासिक जीत
एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जापान के कोडाई नारोओका को 21-11, 21-11 के स्कोर से मात दी। यह मुकाबला करीब 50 मिनट तक चला और लैनियर ने शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ वे BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेंस सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बन गए।
गौरतलब है कि इस चैंपियनशिप से पहले फ्रांस के नाम पूरे टूर्नामेंट इतिहास में केवल दो ब्रॉन्ज मेडल थे। एक ही दिन में दो गोल्ड जीतना फ्रांसीसी बैडमिंटन के लिए एक असाधारण छलांग है।
मिक्स्ड डबल्स में 17 साल का इंतजार खत्म
लैनियर की जीत से पहले, थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही — इस जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली किसी यूरोपीय जोड़ी के लिए 17 साल के इंतजार को समाप्त किया।
थॉम और डेल्फिन ने पिछले साल फ्रांस में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। करीब 12 महीने के भीतर इस जोड़ी ने अपने मेडल का रंग बदलकर सोना कर लिया।
कोच की मानसिक रणनीति का कमाल
फ्रांस के नेशनल सिंगल्स कोच केस्टुटिस नेविकस के अनुसार, यह सफलता किसी अप्रत्याशित चमत्कार का नतीजा नहीं थी, बल्कि खिलाड़ियों की सोच में आए बदलाव और आत्मविश्वास की जीत थी। नेविकस ने कहा, "यह विश्वास कि हम यहीं के हैं और यह विश्वास कि हम यह कर सकते हैं... एलेक्स के साथ हमने पहले ही टूर्नामेंट जीते हैं। थॉम और डेल्फिन ने भी पहले टूर्नामेंट जीते हैं। तो क्यों नहीं? हम क्यों कमतर हैं? हम कमतर नहीं हैं।"
कोचिंग टीम का ध्यान मोमेंटम बनाने, तकनीकी कौशल निखारने और खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाने पर केंद्रित रहा कि वे एशिया की शीर्ष ताकतों के बराबर हैं।
फ्रांस के बैडमिंटन का नया अध्याय
सिर्फ एक सप्ताह के भीतर फ्रांसीसी बैडमिंटन ने अंडरडॉग की छवि को तोड़कर विश्व शिखर पर अपनी जगह बनाई। नेविकस ने कहा, "मेरा मानना है कि अब यह पूरे देश और पूरे बैडमिंटन समुदाय का विश्वास है। हमें यकीन है कि हम जीत सकते हैं।" जब उनसे पूछा गया कि स्वदेश लौटने पर टीम का स्वागत कैसा होगा, तो उन्होंने विनम्रता से कहा, "मुझे नहीं पता। हो सकता है कि वे हमें सरप्राइज दें।" यह जीत फ्रांसीसी बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक नई नींव रखती है।