25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गौतम गंभीर की सलाह 'सोच मत बदलना' यश ठाकुर के अंतरराष्ट्रीय करियर की बुनियाद बनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गौतम गंभीर की सलाह 'सोच मत बदलना' यश ठाकुर के अंतरराष्ट्रीय करियर की बुनियाद बनी

सारांश

घरेलू क्रिकेट से भारतीय जर्सी तक का सफर तय करने वाले यश ठाकुर के लिए गौतम गंभीर की एक सलाह — 'कभी अपनी सोच मत बदलना' — आज भी सबसे बड़ा हथियार है। जिम्बाब्वे टी20 सीरीज में डेब्यू से पहले नागपुर में मिली चयन की खबर ने उनके सपने को हकीकत में बदल दिया।

मुख्य बातें

यश ठाकुर को जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के लिए पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुना गया।
गौतम गंभीर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के दौरान सलाह दी थी — 'अपनी मूल खूबियाँ और सोच कभी मत बदलना।' ठाकुर ने नागपुर में दोस्तों के संदेशों से अपने चयन की खबर जानी, जब वे साथी क्रिकेटर हर्ष दुबे के साथ वहाँ थे।
उन्होंने अंडर-19 , रणजी ट्रॉफी , दलीप ट्रॉफी , आईपीएल और इंडिया ए से होते हुए सीनियर टीम तक का सफर तय किया।
ठाकुर ने कहा कि भारत की जर्सी पहनना जीवन भर के सपने के सच होने जैसा है।

भारत के उभरते तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने खुलासा किया है कि लखनऊ सुपर जायंट्स में हेड कोच रहे गौतम गंभीर की एक सलाह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव बन गई है। जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में पहली बार चुने जाने के बाद ठाकुर ने बताया कि गंभीर के शब्द आज भी दबाव के क्षणों में उनका मार्गदर्शन करते हैं।

गंभीर की वह सलाह जो हमेशा याद रही

यश ठाकुर ने बताया कि लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ने के पहले ही दिन गौतम गंभीर ने उनसे एक अहम बातचीत की थी। ठाकुर ने 'जियोस्टार' से कहा, "उन्होंने तब मेरे से कहा था कि तुमने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। तुम्हें पता है कि विकेट कैसे लेने हैं और मैच कैसे जीतने हैं, इसलिए कभी भी अपनी सोच मत बदलना। क्रिकेट का स्तर बदलता रहेगा, घरेलू से आईपीएल और फिर इंटरनेशनल, लेकिन खुद को या अपनी मुख्य खूबियों को मत बदलना। उसी चीज पर टिके रहो जिसने तुम्हें यहां तक पहुंचाया है। अपनी स्किल्स और अपने प्रोसेस पर भरोसा रखो।"

दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कहा कि जब भी उन पर दबाव आया, गंभीर के ये शब्द उनके आत्मविश्वास का स्रोत बने। उन्होंने कहा, "मैं आज भी उस सलाह को मानता हूं। जब भी मुझे दबाव महसूस होता है, तो मैं उनकी कही बातें याद करता हूं। इससे मुझे जमीन से जुड़े रहने और अपने खेल पर फोकस करने में मदद मिली है।"

नागपुर में मिली चयन की अप्रत्याशित खबर

ठाकुर ने उस भावुक पल को भी साझा किया जब उन्हें पता चला कि उनका भारतीय टीम में चयन हो गया है। वे उस समय अपने साथी क्रिकेटर हर्ष दुबे के साथ नागपुर पहुंचे ही थे।

उन्होंने कहा, "जब मैं अपना सामान लेकर बाहर निकल रहा था, तो मेरे फोन पर लगातार मैसेज आने लगे और दोस्तों के फोन भी आए। उन्होंने मुझे बताया, 'तुम्हारा सिलेक्शन हो गया है' और मुझे बधाई दी। उस समय मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था, इसलिए मैंने ऑनलाइन चेक किया और पता चला कि मुझे जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुना गया है। यह एक अविश्वसनीय एहसास था।"

एज-ग्रुप से अंतरराष्ट्रीय तक का सफर

यश ठाकुर ने अंडर-19 क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, आईपीएल, इंडिया ए और अब भारतीय सीनियर टीम तक का सफर धीरे-धीरे तय किया है। उन्होंने माना कि हर स्तर पर अपनी अलग चुनौतियाँ थीं।

उन्होंने कहा, "हर कदम आगे बढ़ने पर मुझे बहुत खुशी होती है। मैं अभी उस भावना को पूरी तरह से बयां नहीं कर सकता, क्योंकि जब कोई क्रिकेट खेलना शुरू करता है तो देश के लिए खेलना उसका सपना होता है। आखिरकार यहां पहुंचकर और भारत की जर्सी पहनकर ऐसा लगता है कि मेरी सारी मेहनत सफल हो गई है।"

आगे की राह

गौरतलब है कि यश ठाकुर का यह चयन उनके निरंतर और धैर्यपूर्ण प्रदर्शन का पुरस्कार है। गौतम गंभीर की कोचिंग फिलॉसफी — खिलाड़ी की मूल शक्तियों को बनाए रखने पर जोर — एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में अपना असर दिखाती नज़र आ रही है। यश ठाकुर का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ना और टीम में अपनी जगह पक्की करना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस कोचिंग दर्शन की भी है जो गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट में लाना चाहते हैं — खिलाड़ी को बदलो नहीं, उसकी ताकत को निखारो। यह सोच उस रवैये के विपरीत है जहाँ नए खिलाड़ियों पर 'सिस्टम के अनुसार ढलने' का दबाव होता है। गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट में अक्सर युवा तेज गेंदबाज अपनी प्राकृतिक शैली खोकर 'टेम्पलेट बॉलर' बन जाते हैं। अगर गंभीर की यह फिलॉसफी ठाकुर जैसे खिलाड़ियों में जड़ें जमाती है, तो यह भारतीय पेस अटैक के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यश ठाकुर को भारतीय टीम में पहली बार कब और किस सीरीज के लिए चुना गया?
यश ठाकुर को पहली बार जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के लिए भारतीय सीनियर टीम में चुना गया। उन्हें इस चयन की खबर नागपुर में दोस्तों के फोन और मैसेज से मिली।
गौतम गंभीर ने यश ठाकुर को क्या सलाह दी थी?
गौतम गंभीर ने यश ठाकुर को लखनऊ सुपर जायंट्स के दौरान सलाह दी थी कि 'कभी भी अपनी सोच मत बदलना।' उन्होंने कहा था कि क्रिकेट का स्तर बदलता रहेगा, लेकिन अपनी मूल खूबियों और प्रोसेस पर हमेशा भरोसा रखो।
यश ठाकुर ने भारतीय टीम तक पहुँचने से पहले कौन-से स्तरों पर क्रिकेट खेला?
यश ठाकुर ने अंडर-19 क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, आईपीएल (लखनऊ सुपर जायंट्स) और इंडिया ए में खेलने के बाद भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाई।
यश ठाकुर के लिए भारत की जर्सी पहनने का क्या मतलब है?
ठाकुर ने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके जीवन भर के सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने माना कि इस भावना को शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है।
यश ठाकुर किस आईपीएल टीम के साथ रहे हैं?
यश ठाकुर लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ रहे हैं, जहाँ उनकी मुलाकात हेड कोच गौतम गंभीर से हुई और उन्हें वह अहम सलाह मिली जो आज भी उनका मार्गदर्शन करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 29 मिनट पहले
  2. 59 मिनट पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले