गौरव भाटिया का पलटवार: 100 राहुल गांधी भी आएं तो मोदी सरकार नहीं हिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 25 मई 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे पर तीखा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी। भाटिया ने राहुल गांधी को 'भस्मासुर' की उपाधि देते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता था कि भस्मासुर ज्योतिषी भी बन जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम
गौरव भाटिया ने कहा कि एक 'टूल किट' चर्चा में आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वर्तमान सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी। उन्होंने कहा, 'अगर राहुल गांधी का मकसद अराजकता फैलाना है, तो हमारा संकल्प भारत को और भी ज़्यादा मज़बूत बनाना है।' भाटिया ने यह भी जोड़ा कि 56 साल की उम्र में भी यदि कोई व्यक्ति स्थिरता और संयम हासिल नहीं कर पाता, तो यह चिंता का विषय है।
सरकार की स्थिरता पर दावा
भाटिया ने कहा कि यह सरकार 'अंगद के पांव' की तरह है — अगर 100 राहुल गांधी भी आ जाएं, तो भी इसे हिला नहीं सकते। उन्होंने दावा किया कि सरकार गिरने की बात करने वाले राहुल गांधी खुद जनता की नज़रों में गिर चुके हैं। साथ ही उन्होंने भविष्यवाणी की कि जनता के फीडबैक के अनुसार एक साल के भीतर कांग्रेस पार्टी दो हिस्सों में टूट जाएगी।
आर्थिक मोर्चे पर BJP का पक्ष
भाटिया ने वैश्विक आर्थिक संकट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 85 दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त मज़बूती दिखाई है। उन्होंने पेट्रोल मूल्य वृद्धि के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले 80 दिनों में मलेशिया में 58%, अमेरिका में 46%, कनाडा में 34%, चीन में 22%, ब्रिटेन में 20% की तुलना में भारत में केवल लगभग 4% की वृद्धि हुई है।
कांग्रेस पर सूचना फैलाने का आरोप
भाटिया ने आरोप लगाया कि जब युद्ध जैसी स्थिति बनी, तब एक ज़िम्मेदार विपक्षी दल की भूमिका निभाने के बजाय कांग्रेस के एक वेरिफाइड हैंडल से यह संदेश फैलाया गया कि 'गैस खत्म होने वाली है, जल्दी जाकर ले लो।' उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दावा किया था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से रवाना हुए दो भारतीय जहाज़ भारत नहीं पहुंचेंगे, लेकिन वे जहाज़ भारत पहुंचे और वह ट्वीट बाद में डिलीट कर दिया गया।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया है। उनके अनुसार, खड़गे ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा उठाया, लेकिन उन्हें यह भी देखना चाहिए कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति कहां है। यह ऐसे समय में आया है जब देश वैश्विक अनिश्चितता के बीच अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।