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15 सितंबर 2026 पंचांग: ऋषि पंचमी पर सप्तऋषि पूजा, अभिजीत मुहूर्त 11:57 से 12:46 बजे तक

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15 सितंबर 2026 पंचांग: ऋषि पंचमी पर सप्तऋषि पूजा, अभिजीत मुहूर्त 11:57 से 12:46 बजे तक

सारांश

15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का पर्व है — सप्तऋषियों की पूजा, आत्म-शुद्धि का दिन। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 से दोपहर 12:46 बजे तक; राहुकाल व यमगंड काल में नए कार्य वर्जित। उत्तर दिशा में दिशाशूल।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी पर सप्तऋषि पूजा का विधान है।
चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक, उसके बाद पंचमी तिथि आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त : 11:57 से 12:46 बजे — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल।
अमृत काल : सुबह 6:00 से 7:41 बजे तक।
राहुकाल 3:24–4:55 , गुलिक काल 12:22–1:53 , यमगंड काल 9:19–10:50 बजे — इन समयों में नए कार्य वर्जित।
उत्तर दिशा में दिशाशूल ; सूर्य सिंह राशि , चंद्रमा तुला राशि में।

15 सितंबर 2026 (मंगलवार) का पंचांग हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन ऋषि पंचमी का पर्व है और सप्तऋषि (सातों ऋषियों) की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू काल-गणना पद्धति के अनुसार, शुभ कार्य, यात्रा, निवेश अथवा पूजा-पाठ से पूर्व पंचांग का अवलोकन आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यह सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

तिथि और पर्व का महत्व

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि इस दिन सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात पंचमी तिथि आरंभ हो जाएगी। ऋषि पंचमी व्रत मुख्यतः आत्म-शुद्धि और सप्त ऋषियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापन के उद्देश्य से रखा जाता है। विशेष रूप से महिलाएँ इस व्रत को अनजाने में हुई अशुद्धियों या दोषों से मुक्ति पाने के लिए करती हैं।

सूर्योदय, सूर्यास्त और नक्षत्र स्थिति

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय सुबह 6:17 बजे और सूर्यास्त शाम 6:27 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 9:55 बजे और चंद्रास्त रात 9:01 बजे होगा। सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जबकि सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा तुला राशि में विराजेंगे।

शुभ मुहूर्त और काल

दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक — माना जाता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 6:00 बजे से 7:41 बजे तक रहेगा। ऐन्द्र योग दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा, जिसके पश्चात वैधृति योग आरंभ होगा।

अशुभ काल — किन समयों में कार्य न करें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, तीन काल विशेष रूप से नए कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं। राहुकाल दोपहर 3:24 बजे से 4:55 बजे, गुलिक काल दोपहर 12:22 बजे से 1:53 बजे और यमगंड काल सुबह 9:19 बजे से 10:50 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में शुभ कार्यारंभ से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और यात्रा सलाह

इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपराओं के अनुसार, यदि उत्तर दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। पंचांग इस प्रकार श्रद्धालुओं को दैनिक दिनचर्या में मार्गदर्शन प्रदान करता रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि व्यस्त जीवनशैली में लोग मुहूर्त और काल की जानकारी के लिए ऑनलाइन स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। ऋषि पंचमी जैसे पर्व महिलाओं की आस्था और परंपरा से गहरे जुड़े हैं, जिन्हें व्यापक सामाजिक संदर्भ में देखना ज़रूरी है। हालाँकि पंचांग कोई समाचार नहीं है, यह करोड़ों हिंदू परिवारों की दैनिक जीवनचर्या का आधार है — इसलिए इसकी सटीक, सुलभ और विश्वसनीय प्रस्तुति पाठकों की वास्तविक ज़रूरत पूरी करती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋषि पंचमी 2026 कब है और इसका महत्व क्या है?
ऋषि पंचमी 15 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी, जब भाद्रपद शुक्ल पंचमी तिथि सुबह 7:44 बजे के बाद आरंभ होगी। यह व्रत सप्तऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और आत्म-शुद्धि के लिए रखा जाता है; विशेष रूप से महिलाएँ अनजाने दोषों से मुक्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
15 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे से कितने बजे तक है?
15 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समयखंड माना जाता है, जिसमें पूजा, शुभ कार्यारंभ और महत्वपूर्ण निर्णय लेना उत्तम माना जाता है।
15 सितंबर को राहुकाल किस समय है?
15 सितंबर 2026 को राहुकाल दोपहर 3:24 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 12:22 से 1:53 बजे और यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:50 बजे तक है — इन तीनों कालों में नए कार्य प्रारंभ करने से बचने की परंपरागत सलाह दी जाती है।
15 सितंबर 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
15 सितंबर 2026 को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार, इस दिन उत्तर दिशा में यात्रा से बचना चाहिए; यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपायों का सहारा लेकर प्रस्थान किया जा सकता है।
15 सितंबर 2026 को सूर्य और चंद्रमा किस राशि में हैं?
15 सितंबर 2026 को सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेंगे और चंद्रमा तुला राशि में। सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजेंगे। सूर्योदय सुबह 6:17 बजे और सूर्यास्त शाम 6:27 बजे होगा।
राष्ट्र प्रेस
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