3 सितंबर 2026
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सिकंदराबाद बोलारम में 160 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद, पुलिस ने सेना हथियार चोरी से संबंध नकारा

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सिकंदराबाद बोलारम में 160 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद, पुलिस ने सेना हथियार चोरी से संबंध नकारा

सारांश

सिकंदराबाद के बोलारम में 160 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर मिले, पर पुलिस ने 20 मद्रास रेजिमेंट की हथियार चोरी से इसका कोई संबंध नकारा। वहीं उस चोरी में 12 आग्नेयास्त्र, नाइट-विजन दूरबीन और 1,800 से अधिक राउंड गोला-बारूद गायब हैं — और छावनी में हाई अलर्ट जारी है।

मुख्य बातें

3 सितंबर को सिकंदराबाद के बोलारम में 160 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर एक प्लास्टिक बाल्टी में बरामद, अनुमानित कीमत ₹32,000 ।
मलकाजगिरि पुलिस ने स्पष्ट किया — विस्फोटक निजी भूखंड में मिले, सेना क्षेत्र में नहीं; भूमि विकासकर्ता एक वर्ष से अधिक समय से इनका उपयोग करते रहे होंगे।
20 मद्रास रेजिमेंट परिसर से 12 आग्नेयास्त्र (4 एके-203, 1 इंसास, 6 पिस्तौल), नाइट-विजन दूरबीन, 21 मैगज़ीन और 1,800+ राउंड गोला-बारूद 31 अगस्त को गायब पाए गए।
भारतीय न्याय संहिता धारा 331(4) और 305 के तहत एफआईआर दर्ज; सैन्य खुफिया और आंतरिक जाँच जारी।
सिकंदराबाद छावनी में हाई अलर्ट ; क्षेत्र के स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित करने की सलाह।

सिकंदराबाद के बोलारम इलाके में 3 सितंबर को 160 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किए गए, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालाँकि, मलकाजगिरि पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बरामदगी का 20 मद्रास रेजिमेंट के परिसर से हाल ही में हुई हथियारों की चोरी से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने विस्फोटक सामग्री जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और जाँच जारी है।

बरामदगी का विवरण

बोलारम पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत 20 मद्रास रेजिमेंट आर्मी कैंप के फायरिंग रेंज की दीवार के पीछे एक प्लास्टिक की बाल्टी मिली, जिसमें 20-20 विस्फोटकों के आठ बंडल थे। इनकी अनुमानित कीमत ₹32,000 आँकी गई है। पुलिस दल बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुँचा और सुरक्षित तरीके से सामग्री जब्त की।

मलकाजगिरि पुलिस के अनुसार, ये विस्फोटक एक निजी भूखंड में पाए गए, न कि सेना के अधिकृत क्षेत्र में। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि भूमि या भूखंड विकासकर्ता कम से कम एक वर्ष या उससे अधिक समय से इनका उपयोग करते आ रहे थे।

पुलिस का स्पष्टीकरण

पुलिस उपायुक्त श्रीधर ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बरामदगी का सेना के मौजूदा हथियार-चोरी मामले से कोई संबंध नहीं है। सेना से जुड़े मामले में कोई भी नई जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।

सेना के हथियार चोरी का मामला

गौरतलब है कि पिछले दिनों बोलारम स्थित 20 मद्रास रेजिमेंट के परिसर से बारह आग्नेयास्त्र गायब हो गए थे। इनमें चार एके-203 असॉल्ट राइफलें, एक इंसास राइफल, छह 9 मिमी पिस्तौल और एक 6.35 बोर की नागरिक पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा एक पैसिव नाइट-विजन दूरबीन, 21 मैगज़ीन और 1,800 से अधिक राउंड गोला-बारूद भी गायब बताए गए थे।

चोरी का पता 31 अगस्त की सुबह तब चला जब सेना के जवानों ने कोट और बटालियन मैगज़ीन खोला। परिसर के ताले और हथियारों, नियंत्रण सामग्री तथा गोला-बारूद से भरे बक्से टूटे हुए पाए गए। बोलारम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, हथियारों का अंतिम भौतिक निरीक्षण 30 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे किया गया था। भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज है।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

हथियार चोरी की घटना के बाद सिकंदराबाद छावनी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सेना के अधिकारियों ने आंतरिक जाँच के आदेश दिए हैं और हथियार गायब होने के समय ड्यूटी पर तैनात गार्ड कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। सैन्य खुफिया अधिकारी भी इस मामले की जाँच में जुटे हैं।

रक्षा संगठनों ने कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। एहतियात के तौर पर छावनी क्षेत्र के स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित करने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब सेना प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकंदराबाद बोलारम में बरामद 160 डेटोनेटर कहाँ से आए?
पुलिस के अनुसार, ये डेटोनेटर 20 मद्रास रेजिमेंट आर्मी कैंप के फायरिंग रेंज की दीवार के पीछे एक निजी भूखंड पर मिले। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि भूमि या भूखंड विकासकर्ता कम से कम एक वर्ष से इनका उपयोग कर रहे थे।
क्या बोलारम के डेटोनेटर का 20 मद्रास रेजिमेंट की हथियार चोरी से कोई संबंध है?
नहीं। पुलिस उपायुक्त श्रीधर ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामले पूरी तरह अलग हैं। डेटोनेटर निजी भूखंड पर मिले, जबकि हथियार चोरी सेना के कोट और बटालियन मैगज़ीन से हुई।
20 मद्रास रेजिमेंट से कितने और कौन-से हथियार गायब हुए?
31 अगस्त को 12 आग्नेयास्त्र गायब पाए गए — जिनमें 4 एके-203 असॉल्ट राइफलें, 1 इंसास राइफल, 6 नौ मिमी पिस्तौल और 1 नागरिक पिस्तौल शामिल हैं। साथ ही एक पैसिव नाइट-विजन दूरबीन, 21 मैगज़ीन और 1,800 से अधिक राउंड गोला-बारूद भी गायब बताए गए।
सेना हथियार चोरी मामले में जाँच की स्थिति क्या है?
सेना के अधिकारियों ने आंतरिक जाँच के आदेश दिए हैं और ड्यूटी पर तैनात गार्ड कर्मियों से पूछताछ जारी है। सैन्य खुफिया अधिकारी भी जाँच में शामिल हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत बोलारम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है।
सिकंदराबाद छावनी में हाई अलर्ट के बाद क्या कदम उठाए गए हैं?
हथियार चोरी के बाद सिकंदराबाद छावनी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। रक्षा संगठनों ने कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और छावनी क्षेत्र के स्कूलों को एहतियात के तौर पर ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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