2027 UP चुनाव में सपा नहीं जीतेगी, PDA नारा खोखला है: BJP सांसद बृजलाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद बृजलाल ने 4 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में रोज़गार और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर ऐतिहासिक काम हुआ है।
योगी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं
बृजलाल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में 2 लाख 25 हज़ार पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिससे लाखों युवाओं को सरकारी रोज़गार का अवसर मिला। उन्होंने संविदा कर्मियों के लिए किए गए कार्यों और 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का भी उल्लेख किया। बृजलाल के अनुसार ये कदम भाजपा की जन-कल्याण प्रतिबद्धता के प्रमाण हैं।
PDA नारे पर तीखा हमला
अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) नारे को बृजलाल ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह नारा खोखला है। उन्होंने कहा, 'मैं भी दलित हूँ और उत्पीड़न का शिकार रहा हूँ — PDA का नारा नहीं चलेगा। यह परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है।' उनका आरोप था कि सपा के शासनकाल में PCS भर्ती में घोटाले होते थे और अखिलेश यादव 'बौखलाए हुए' हैं। गौरतलब है कि 2027 के चुनाव से पहले PDA को सपा की प्रमुख चुनावी रणनीति माना जा रहा है।
वंदे मातरम और सनातन पर बयान
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के वंदे मातरम संबंधी बयान की सराहना करते हुए बृजलाल ने कहा कि यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और इसकी शुरुआत बंगाल से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत पर कानून बनाने की प्रक्रिया में कांग्रेस और सपा ने भाग नहीं लिया। बृजलाल के अनुसार जो लोग राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार करते हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन संबंधी बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और वृंदावन-बिहारी जी कॉरिडोर का उदाहरण दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व योगी के नेतृत्व में धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो रहा है।
राम मंदिर और बसपा पर टिप्पणी
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति को बृजलाल ने 'अच्छा फैसला' बताया और कहा कि इससे मंदिर प्रबंधन बेहतर होगा तथा राम भक्तों को उन्नत सुविधाएँ मिलेंगी। बसपा नेता आकाश आनंद से जुड़े सवाल पर उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि मायावती अनुभवी नेता हैं और पार्टी हित में लिया गया उनका कोई भी निर्णय उनका अधिकार है।
आगे क्या
बृजलाल के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं। BJP और सपा के बीच दलित-पिछड़े वोट बैंक को लेकर जो वाकयुद्ध शुरू हुआ है, वह आने वाले महीनों में और तीखा होने के आसार हैं।