36 साल से फरार लूटकांड आरोपी वडोदरा से गिरफ्तार, मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच (यूनिट 2) ने 36 वर्षों से न्याय की पकड़ से बचते आ रहे एक आरोपी को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आरोपी पुरुष (59 वर्ष) के खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी था, जो दशकों से अनतामील पड़ा था।
मूल घटनाक्रम
यह मामला मुंबई की पंचरत्न बिल्डिंग के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप हुई एक सशस्त्र लूट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अपनी दुकान के हीरे, सोने के गहने और नकद राशि ले जा रहे थे, तभी 4 अज्ञात लोगों ने रिवॉल्वर दिखाकर उन्हें धमकाया, घायल किया और ₹20,48,964 मूल्य के हीरे, गहने तथा नकद छीनकर फरार हो गए।
इस घटना की प्राथमिकी डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस थाने में दर्ज की गई थी। जाँच बाद में गुन्हे शाखा, कक्ष-2 को सौंपी गई और न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल की गई।
अदालत में गैरहाजिरी और वारंट
चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी मुख्य आरोपी सुनवाई के दौरान न्यायालय में बार-बार अनुपस्थित रहा। इस पर अदालत ने उसके विरुद्ध स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया और तामील के लिए वारंट गुन्हे शाखा, कक्ष-2 को सौंपा गया।
तकनीकी और मैनुअल तलाश
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए मैनुअल जानकारी जुटाने के साथ-साथ तकनीकी विश्लेषण का भी सहारा लिया। लंबी खोजबीन के बाद आरोपी को शुक्रवार को गाँव पोर, वडोदरा (गुजरात) से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले से संबंधित आगे की विधिवत कार्रवाई जारी है।
बागपत में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश
एक अलग मामले में, उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद की बड़ौत कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एक अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। नाकाबंदी जाँच के दौरान 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से बागपत, दिल्ली और अन्य राज्यों से चोरी की गई 22 मोटरसाइकिल व स्कूटी बरामद की गई हैं।
दोनों मामले यह दर्शाते हैं कि पुलिस पुराने और नए, दोनों तरह के अपराधों पर शिकंजा कसने में सक्रिय है — और दशकों पुराने वारंट भी निष्प्रभावी नहीं होते।