बिना बैंक कर्ज के पूरी हुई ₹42,000 करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना: CM योगी का दावा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 4 मई को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में घोषणा की कि देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में शामिल लगभग 600 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान से कर्ज लिए बिना पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर 36,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ, और इंडस्ट्रियल क्लस्टर व लॉजिस्टिक हब को मिलाकर पूरी परियोजना की कुल लागत 42,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
परियोजना का विस्तार और औद्योगिक ढाँचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के किनारे नौ इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित औद्योगिक गलियारों को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में गिना जाता है, और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे पश्चिम से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धमनी बनाती है।
वित्तीय अनुशासन की कहानी: 2017 से अब तक
योगी आदित्यनाथ ने कहा,