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8 नवंबर 2026 पंचांग: दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से, अमृत काल रात 10:01 से 11:43 बजे तक

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8 नवंबर 2026 पंचांग: दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से, अमृत काल रात 10:01 से 11:43 बजे तक

सारांश

दीपावली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ समय शाम 5:54 से 7:50 बजे है। रात 10:01 से 11:43 बजे तक अमृत काल रहेगा, जबकि राहुकाल शाम 4:18 से 5:41 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार आयुष्मान योग और अभिजीत मुहूर्त इस दीपावली को विशेष फलदायी बनाते हैं।

मुख्य बातें

दीपावली लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा।
अमृत काल रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक — नए व्यापार, निवेश और पूजा के लिए अत्युत्तम।
निशिता काल (रात्रि पूजा) रात 11:44 बजे से मध्य रात्रि 12:36 बजे तक रहेगा।
राहुकाल शाम 4:18 से 5:41 बजे तक; इस दौरान नए कार्य आरंभ न करें।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 बजे तक; ऑफिस पूजा के लिए दोपहर 1:26 से 2:54 बजे शुभ।
रविवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में; उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह।

दीपावली के पावन पर्व पर 8 नवंबर 2026 (रविवार) का पंचांग विशेष महत्व रखता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस दिन का आधार है।

तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शनिवार सुबह 10:48 बजे से आरंभ होकर रविवार सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी, जो 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। रविवार को सूर्योदय सुबह 6:40 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 5:34 बजे और चंद्रास्त शाम 4:54 बजे रहेगा।

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव विशाखा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं, जिससे राजनीति, प्रशासन, कानून और प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा मिलती है। इस नक्षत्र में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव और कार्यक्षेत्र पर विशेष प्रभाव डालती है।

रविवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तुला राशि में सूर्य का स्थान नीचस्थ माना जाता है, क्योंकि सूर्य अग्नि तत्व का कारक है जबकि तुला राशि वायु तत्व और शुक्र के अधीन है। इस स्थिति में आत्मबल कुछ कमज़ोर अनुभव हो सकता है और निर्णय लेने में कठिनाई आ सकती है। चंद्र देव भी तुला राशि में रहेंगे, जिसके स्वामी शुक्र हैं — इससे जातक सुंदरता, कला और सामाजिकता की ओर आकर्षित हो सकते हैं।

दीपावली पूजा के मुहूर्त

दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा का प्रमुख शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत उत्तम समय माना गया है। निशिता काल (रात्रि पूजा) रात 11:44 बजे से मध्य रात्रि 12:36 बजे तक रहेगा — यह महालक्ष्मी की विशेष उपासना के लिए श्रेष्ठ समय है।

कार्यालय (ऑफिस) में पूजा के लिए दोपहर 1:26 बजे से 2:54 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जा सकता है।

शुभ योग और अभिजीत मुहूर्त

रविवार को तड़के 3:27 बजे से आयुष्मान योग आरंभ होगा, जो सोमवार सुबह 3:02 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। ज्योतिष के अनुसार, आयुष्मान योग 27 नित्य योगों में तीसरा है और इसके जातक ऊर्जावान, स्वस्थ और सकारात्मक होते हैं।

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा — यह लगभग 48 मिनट का दिन का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्यों पर सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव स्वतः नष्ट हो जाते हैं।

अशुभ काल: राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

रविवार को राहुकाल शाम 4:18 बजे से 5:41 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में कोई नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए; यह लगभग 90 मिनट का समय होता है।

यमगंड काल दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए व्यापार, यात्रा और पैसों के लेन-देन से बचना श्रेयस्कर माना जाता है। गुलिक काल दोपहर 2:55 बजे से 4:18 बजे तक रहेगा — इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है। इस काल में बैंक में धन जमा करना, दान देना या पुराने कार्यों को जारी रखना स्वीकार्य माना गया है।

दिशाशूल रविवार को पश्चिम दिशा में रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा आरंभ करने से बचने की सलाह पंचांग देता है। आगे आने वाले दिनों के पंचांग और दीपावली के बाद के शुभ मुहूर्त जानने के लिए पंचांग का नियमित अनुसरण करते रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि करोड़ों भारतीय परिवारों की दैनिक निर्णय-प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है — और दीपावली जैसे बड़े पर्व पर इसकी प्रासंगिकता कई गुना बढ़ जाती है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष दीपावली रविवार को पड़ रही है, जिससे कार्यालय और घरेलू पूजा दोनों के लिए अलग-अलग मुहूर्त की ज़रूरत है — और पंचांग ने इसका विस्तृत समाधान दिया है। आयुष्मान योग और अभिजीत मुहूर्त का एक साथ होना इस दीपावली को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष बनाता है, हालाँकि अंतिम निर्णय स्थानीय पंचांग और विद्वानों के परामर्श से लेना उचित रहेगा।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 नवंबर 2026 को दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?
8 नवंबर 2026 (रविवार) को मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक और निशिता काल (रात्रि पूजा) रात 11:44 बजे से मध्य रात्रि 12:36 बजे तक रहेगा।
8 नवंबर 2026 को अमृत काल का समय क्या है?
8 नवंबर 2026 को अमृत काल रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार, यह अत्यंत शुभ समय है जो नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
दीपावली 2026 पर राहुकाल और अशुभ काल कब-कब हैं?
रविवार 8 नवंबर को राहुकाल शाम 4:18 बजे से 5:41 बजे, यमगंड काल दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे और गुलिक काल दोपहर 2:55 बजे से 4:18 बजे तक रहेगा। इन तीनों कालों में नए कार्य या यात्रा आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दीपावली 2026 पर ऑफिस पूजा के लिए शुभ समय क्या है?
कार्यालय में पूजा के लिए 8 नवंबर को दोपहर 1:26 बजे से 2:54 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जा सकता है।
8 नवंबर 2026 को कौन-सा योग और नक्षत्र रहेगा?
8 नवंबर को तड़के 3:27 बजे से आयुष्मान योग रहेगा जो सोमवार सुबह 3:02 बजे तक चलेगा, उसके बाद सौभाग्य योग आरंभ होगा। सूर्य देव विशाखा नक्षत्र में रहेंगे, और सूर्य तथा चंद्र दोनों तुला राशि में विराजमान रहेंगे।
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