14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी पर योगी सरकार सख्त, SIT जांच जारी; मंत्री कश्यप बोले — यह महापाप भी है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी पर योगी सरकार सख्त, SIT जांच जारी; मंत्री कश्यप बोले — यह महापाप भी है

सारांश

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर योगी सरकार ने FIR दर्ज कर SIT बिठा दी है। UP मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इसे 'महापाप' करार देते हुए सख्त सजा का वादा किया। साथ ही ज्ञानवापी मध्यस्थता को सकारात्मक बताया और वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता की माँग दोहराई।

मुख्य बातें

UP मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने 14 जुलाई को कहा कि राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी कानूनी अपराध के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से महापाप है।
मामले में FIR दर्ज, विशेष जांच दल (SIT) गठित और आरोपियों की गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया है; SIT रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।
मंत्री ने ज्ञानवापी विवाद पर संभावित मध्यस्थता को सकारात्मक पहल बताया।
वक्फ बोर्ड संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने 14 जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित हेराफेरी को लेकर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान में गड़बड़ी करना केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महापाप है।

मुख्यमंत्री योगी ने मामले को गंभीरता से लिया

मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारियाँ भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि चाहे मामला अयोध्या का हो या किसी अन्य धार्मिक स्थल का, ऐसे प्रकरणों में सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

कश्यप ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध सबसे उचित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के प्रत्येक आदेश का सम्मान करती है और उसका पालन करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।

सपा-कांग्रेस गठबंधन और इमरान मसूद के बयान पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता इमरान मसूद का बयान समाजवादी पार्टी की राजनीति की वास्तविकता को उजागर करता है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी हमेशा मुस्लिम वोटों की राजनीति करती रही है और यदि उसका सहयोगी दल ही इस तथ्य को स्वीकार कर रहा है, तो यह प्रदेश की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।

ज्ञानवापी मध्यस्थता और वक्फ संपत्ति विवाद

ज्ञानवापी विवाद पर संभावित मध्यस्थता को मंत्री कश्यप ने सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं तो यह एक रचनात्मक कदम है। उनके अनुसार, अयोध्या, मथुरा और ज्ञानवापी जैसे मामलों का समाधान शांतिपूर्ण संवाद से निकलना बेहतर होगा।

वक्फ बोर्ड संपत्तियों के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वक्फ की बड़ी संख्या में संपत्तियाँ हैं और उनके प्रबंधन व रिकॉर्ड को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिया और सुन्नी समुदायों के बीच सामने आए मतभेद इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित करते हैं। SIT की रिपोर्ट और न्यायालय के अगले आदेश के साथ यह मामला आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट रूप लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

SIT, गिरफ्तारियाँ — प्रशासनिक गंभीरता का संकेत देती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि SIT रिपोर्ट सार्वजनिक होती है या दबा दी जाती है। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े धार्मिक ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता सवालों के घेरे में आई हो — तिरुपति और शिरडी ट्रस्ट भी इसी तरह की जांच से गुजर चुके हैं। ज्ञानवापी पर मध्यस्थता की बात सकारात्मक लगती है, पर इसका राजनीतिक समय — चुनावी सत्र के करीब — इसे महज़ बयानबाज़ी भी बना सकता है। वक्फ संपत्तियों पर सरकार की टिप्पणी बिना ठोस आँकड़ों के है, जो इसे आरोप की श्रेणी में रखती है, नीतिगत कदम की नहीं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला क्या है?
यह मामला अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। इस मामले में FIR दर्ज की गई है और SIT जांच कर रही है।
UP सरकार ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
सरकार ने FIR दर्ज कराई है, विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है और आरोपियों की गिरफ्तारियाँ भी की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी की है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने चढ़ावा हेराफेरी को 'महापाप' क्यों कहा?
उनके अनुसार धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान में गड़बड़ी करना केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर पाप है। इसीलिए उन्होंने इसे 'महापाप' की संज्ञा दी।
ज्ञानवापी विवाद में मध्यस्थता को लेकर सरकार का क्या रुख है?
मंत्री कश्यप ने ज्ञानवापी विवाद पर संभावित मध्यस्थता को सकारात्मक पहल बताया है। उनके अनुसार यदि दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं तो शांतिपूर्ण संवाद से समाधान निकलना बेहतर होगा।
वक्फ बोर्ड संपत्तियों पर UP सरकार का क्या कहना है?
मंत्री कश्यप ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और रिकॉर्ड को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं और सरकार इस विषय पर पहले से गंभीर है। शिया-सुन्नी मतभेदों के बीच पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच को उन्होंने जरूरी बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 4 सप्ताह पहले