17 अगस्त 2026
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अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में दी बैंक खाता फ्रीज को चुनौती, 19 अगस्त को अगली सुनवाई

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अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में दी बैंक खाता फ्रीज को चुनौती, 19 अगस्त को अगली सुनवाई

सारांश

अमेरिका यात्रा से ठीक पहले बैंक खाता फ्रीज होने पर TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। वकील का तर्क है कि BNS धारा 107 की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। 19 अगस्त को अगली सुनवाई तय।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 17 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट में बैंक खाता फ्रीज के खिलाफ याचिका दायर की।
याचिका न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ के समक्ष वकील अयान भट्टाचार्य ने प्रस्तुत की।
दलील दी गई कि BNS, 2023 की धारा 107 के तहत मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना खाता फ्रीज करना अवैध है।
सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही अभिषेक को नेत्र उपचार के लिए तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति दी है।
यात्रा की शर्त: केवल डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर यात्रा और जाँच एजेंसी को कार्यक्रम की जानकारी देना अनिवार्य।
अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित; सभी पक्षों को नोटिस जारी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार, 17 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर कर अपने बैंक खाते पर लगाए गए डेबिट प्रतिबंधों को कानूनी चुनौती दी। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें नेत्र संबंधी उपचार के लिए तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति दी हुई है।

मामले का घटनाक्रम

अभिषेक के वकील अयान भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ के समक्ष याचिका प्रस्तुत की। याचिका में दावा किया गया कि अमेरिका यात्रा से ठीक पहले बैंक अधिकारियों ने उनके मुवक्किल के खाते पर डेबिट संबंधी पाबंदियाँ लगा दीं और खाता फ्रीज किए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया।

कानूनी दलील — BNS धारा 107 का सवाल

अभिषेक के वकील ने तर्क दिया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 107 के प्रावधानों का पालन किए बिना किसी का बैंक खाता फ्रीज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस धारा के तहत पुलिस को खाता फ्रीज करने से पहले संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना अनिवार्य है — जो इस मामले में नहीं किया गया।

न्यायालय की प्रतिक्रिया

न्यायमूर्ति राव ने याचिका स्वीकार करते हुए पूछा कि क्या अभिषेक के विरुद्ध कोई जाँच चल रही है। इस पर वकील ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल अदालत के आदेश के अनुसार जाँच प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं और बैंक खाता फ्रीज किए जाने का उस जाँच से कोई संबंध नहीं है। न्यायमूर्ति राव ने इसके बाद मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति और शर्तें

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने अभिषेक को आँख के इलाज के लिए तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। इस फैसले में शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को पलट दिया जिसमें विदेश यात्रा पर राहत देने से इनकार किया गया था।

अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई — अभिषेक केवल अपने डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर यात्रा करेंगे और विदेश में अपने यात्रा कार्यक्रम तथा ठहरने की जानकारी जाँच एजेंसी के साथ साझा करेंगे।

आगे क्या होगा

अभिषेक बनर्जी, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं, की याचिका पर 19 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि बैंक खाते पर लगी पाबंदी हटती है या बरकरार रहती है। यह मामला BNS के प्रावधानों की व्याख्या और बैंकिंग प्रतिबंधों की प्रक्रियागत वैधता के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण नज़ीर बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तय करेगा कि जाँच एजेंसियाँ मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी के बिना वित्तीय संपत्तियाँ फ्रीज कर सकती हैं या नहीं। यात्रा की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी और उसी के ठीक पहले खाता फ्रीज होना — यह संयोग सवाल उठाता है कि क्या प्रक्रियागत कदम रणनीतिक रूप से उठाए गए। कलकत्ता हाईकोर्ट का 19 अगस्त का फैसला न केवल अभिषेक की यात्रा, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में नागरिकों के अधिकारों की सीमा भी तय करेगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता क्यों फ्रीज किया गया?
बैंक अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी के खाते पर डेबिट प्रतिबंध लगाए, लेकिन उनके वकील के अनुसार खाता फ्रीज करने का कोई कारण नहीं बताया गया। यह कार्रवाई उनकी अमेरिका यात्रा से ठीक पहले की गई।
कलकत्ता हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की याचिका में क्या तर्क दिया गया है?
याचिका में दावा किया गया है कि BNS, 2023 की धारा 107 के तहत बैंक खाता फ्रीज करने से पहले मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं किया गया। इसलिए खाता फ्रीज करने की कार्रवाई प्रक्रियागत रूप से अवैध है।
सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति कैसे और किन शर्तों पर दी?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अभिषेक को नेत्र उपचार के लिए तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति दी। शर्त यह है कि वे केवल डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर यात्रा करेंगे और अपना यात्रा कार्यक्रम जाँच एजेंसी को देंगे।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय की है। उस दिन यह स्पष्ट होगा कि बैंक खाते पर लगी पाबंदी हटेगी या नहीं।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं और उनका राजनीतिक परिचय क्या है?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद हैं। वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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