20 अगस्त 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश: अभिषेक बनर्जी के घर जाकर KYC दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर लेगा बैंक

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कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश: अभिषेक बनर्जी के घर जाकर KYC दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर लेगा बैंक

सारांश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के बैंक KYC विवाद में असामान्य आदेश दिया — बैंक कर्मचारी उनके घर जाकर दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर लेगा। खाते पर डेबिट प्रतिबंध और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक का मामला अब 24 अगस्त को फिर अदालत में आएगा।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को आदेश दिया कि बैंक कर्मचारी TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के घर जाकर KYC दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर लेगा।
जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल जज बेंच ने बैंक के ऑफलाइन KYC प्रस्ताव को स्वीकार किया।
बैंक ने बताया कि डेबिट प्रतिबंध लागू होने के कारण ऑनलाइन KYC अपडेट संभव नहीं है।
सांसद के वकील ने तर्क दिया कि मौजूदा KYC दिसंबर 2026 तक वैध है, इसलिए अभी अपडेट ज़रूरी नहीं।
KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत बैंक खाता फ्रीज़ के मामले पर सुनवाई करेगी; अगली तारीख 24 अगस्त ।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को आदेश दिया कि बैंक का एक कर्मचारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के घर जाकर केवाईसी (KYC) दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर लेगा। जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल जज बेंच ने यह निर्देश तब जारी किया जब बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाते पर डेबिट प्रतिबंध लागू होने के कारण ऑनलाइन KYC अपडेट संभव नहीं है।

मामले की पृष्ठभूमि

बैंक अधिकारियों ने अदालत को बताया कि अभिषेक बनर्जी के संबंधित बैंक खाते पर पहले से डेबिट प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं और उनका क्रेडिट कार्ड भी ब्लॉक किया गया है। इन प्रतिबंधों के चलते ऑनलाइन माध्यम से KYC अपडेट करना तकनीकी रूप से संभव नहीं था। इसके विकल्प के रूप में बैंक ने ऑफलाइन प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा।

बैंक का प्रस्ताव और कोर्ट की स्वीकृति

बैंक अधिकारियों ने जस्टिस राव की बेंच के समक्ष प्रस्ताव रखा कि एक बैंक कर्मचारी अभिषेक बनर्जी के आवास पर जाकर आवश्यक KYC दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर प्राप्त करेगा, जिससे ऑफलाइन KYC अपडेट की प्रक्रिया पूरी हो सके। अदालत ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सांसद को आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने का निर्देश दिया। बैंक ने कोर्ट को उन दस्तावेज़ों की सूची भी सौंपी जो KYC अपडेट के लिए ज़रूरी हैं।

सांसद के वकील की दलीलें

अभिषेक बनर्जी के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की मौजूदा KYC की वैधता दिसंबर 2026 तक बनी हुई है, इसलिए अभी दस्तावेज़ जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी माँग की कि बैंक अधिकारी पहले खाते पर डेबिट प्रतिबंध लगाने और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने के कारण स्पष्ट करें।

कोर्ट का अगला कदम

जस्टिस राव की बेंच ने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन KYC अपडेटिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अदालत बैंक खाता फ्रीज़ करने के मामले पर विचार करेगी। इस बीच, अभिषेक बनर्जी के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल अगले सप्ताह आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने वाले हैं। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है।

राजनीतिक संदर्भ

अभिषेक बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के प्रमुख नेता हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर कई विवाद एक साथ चल रहे हैं। गौरतलब है कि बैंक खाते पर प्रतिबंध और KYC विवाद का यह मामला अब अदालत की निगरानी में है, जो इसे सामान्य बैंकिंग विवाद से अलग बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मामले का सबसे अनुत्तरित पहलू है। अदालत ने KYC प्रक्रिया को खाता फ्रीज़ की सुनवाई से पहले रखा है — यह अनुक्रम बताता है कि असली कानूनी लड़ाई अभी शुरू होनी है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के KYC मामले में क्या आदेश दिया?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को आदेश दिया कि बैंक का एक कर्मचारी TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के घर जाकर KYC दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर लेगा। यह ऑफलाइन KYC प्रक्रिया बैंक के उस प्रस्ताव पर आधारित है जिसे जस्टिस कृष्णा राव की बेंच ने स्वीकार किया।
अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता क्यों प्रतिबंधित है?
बैंक अधिकारियों ने अदालत को बताया कि संबंधित खाते पर डेबिट प्रतिबंध लगाए गए हैं और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किया गया है। हालाँकि, इन प्रतिबंधों के कारण अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं और सांसद के वकील ने भी इसी बिंदु पर स्पष्टीकरण माँगा है।
ऑनलाइन KYC अपडेट क्यों नहीं हो सकता था?
बैंक अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि खाते पर डेबिट प्रतिबंध लागू होने के कारण ऑनलाइन KYC अपडेट तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इसी वजह से बैंक ने ऑफलाइन प्रक्रिया का विकल्प सुझाया, जिसे अदालत ने मंज़ूर किया।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को कलकत्ता हाई कोर्ट में होगी। KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अदालत बैंक खाता फ्रीज़ के मुद्दे पर विचार करेगी।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं और यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। एक सांसद के बैंक खाते पर प्रतिबंध और उसकी KYC प्रक्रिया का अदालत की निगरानी में जाना इस मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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