बीजीबीएस भ्रष्टाचार: सुवेंदु अधिकारी का ममता पर बड़ा हमला, ₹324.73 करोड़ के अवैध भुगतान पर हस्ताक्षर का दावा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 24 जून 2025 को राज्य विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर वार्षिक बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के आयोजन में ₹324.73 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। अधिकारी ने विपक्षी विधायकों के सामने एक फाइल प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि उस पर एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को अवैध भुगतान का समर्थन करने वाले ममता बनर्जी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
विधानसभा में क्या हुआ
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा सोमवार, 23 जून को प्रस्तुत 2026-27 वित्तीय वर्ष के पूर्ण बजट पर चर्चा 25 जून तक जारी रहेगी। इसी बजट बहस में भाग लेते हुए अधिकारी ने बीजीबीएस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने एक दस्तावेज़ दिखाते हुए आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को ₹324.73 करोड़ का कथित अवैध भुगतान किया था।
अधिकारी के आरोप और पूर्व बयान
अधिकारी ने सदन में कहा, 'इस मद में किया गया भुगतान पूरी तरह से अवैध था और भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला था। लेकिन यह तो बस हिमबर्ग का एक छोटा सा हिस्सा है — पिछली सरकार के हर एक भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी ने यह मुद्दा उठाया है। 13 जून को उन्होंने मीडिया को बताया था कि उन्होंने बीजीबीएस के आयोजन के लिए एक विज्ञापन-सह-इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को किए गए ₹635 करोड़ के भुगतान की जांच के आदेश दिए हैं। तब उन्होंने ममता बनर्जी पर सीधे संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया था — मंगलवार के विधानसभा बयान में यह बदलाव उल्लेखनीय है।
दो अलग-अलग आरोप: ₹325 करोड़ और ₹635 करोड़
अधिकारी के बयानों में दो अलग-अलग राशियों का उल्लेख है — विधानसभा में ₹324.73 करोड़ (एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को) और 13 जून को मीडिया में ₹635 करोड़ (एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को)। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार अपने पहले पूर्ण बजट के साथ शासन की दिशा तय कर रही है और पूर्ववर्ती TMC शासन की वित्तीय नीतियों की समीक्षा कर रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद जवाबदेही को लेकर बहस तेज़ है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सरकार के प्रत्येक कथित भ्रष्टाचार की जांच होगी। अभी तक TMC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बजट चर्चा 25 जून तक जारी रहेगी, और इस दौरान इस मुद्दे पर और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।