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बीजीबीएस भ्रष्टाचार: सुवेंदु अधिकारी का ममता पर बड़ा हमला, ₹324.73 करोड़ के अवैध भुगतान पर हस्ताक्षर का दावा

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बीजीबीएस भ्रष्टाचार: सुवेंदु अधिकारी का ममता पर बड़ा हमला, ₹324.73 करोड़ के अवैध भुगतान पर हस्ताक्षर का दावा

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा — बीजीबीएस के लिए ₹324.73 करोड़ के कथित अवैध भुगतान पर उनके हस्ताक्षर का दावा करते हुए। 13 जून के ₹635 करोड़ वाले बयान के बाद यह आरोपों में नई और तीखी बढ़त है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को विधानसभा में बीजीबीएस के आयोजन में ₹324.73 करोड़ के कथित अवैध भुगतान का आरोप लगाया।
अधिकारी ने दावा किया कि एक फाइल पर ममता बनर्जी के हस्ताक्षर हैं जो एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को इस भुगतान का समर्थन करते हैं।
13 जून को अधिकारी ने एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को ₹635 करोड़ के भुगतान की जांच के आदेश दिए थे — तब ममता पर सीधा आरोप नहीं लगाया था।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा प्रस्तुत 2026-27 के बजट पर चर्चा 25 जून तक जारी रहेगी।
अब तक TMC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 24 जून 2025 को राज्य विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर वार्षिक बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के आयोजन में ₹324.73 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। अधिकारी ने विपक्षी विधायकों के सामने एक फाइल प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि उस पर एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को अवैध भुगतान का समर्थन करने वाले ममता बनर्जी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

विधानसभा में क्या हुआ

राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा सोमवार, 23 जून को प्रस्तुत 2026-27 वित्तीय वर्ष के पूर्ण बजट पर चर्चा 25 जून तक जारी रहेगी। इसी बजट बहस में भाग लेते हुए अधिकारी ने बीजीबीएस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने एक दस्तावेज़ दिखाते हुए आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को ₹324.73 करोड़ का कथित अवैध भुगतान किया था।

अधिकारी के आरोप और पूर्व बयान

अधिकारी ने सदन में कहा, 'इस मद में किया गया भुगतान पूरी तरह से अवैध था और भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला था। लेकिन यह तो बस हिमबर्ग का एक छोटा सा हिस्सा है — पिछली सरकार के हर एक भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी।'

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी ने यह मुद्दा उठाया है। 13 जून को उन्होंने मीडिया को बताया था कि उन्होंने बीजीबीएस के आयोजन के लिए एक विज्ञापन-सह-इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को किए गए ₹635 करोड़ के भुगतान की जांच के आदेश दिए हैं। तब उन्होंने ममता बनर्जी पर सीधे संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया था — मंगलवार के विधानसभा बयान में यह बदलाव उल्लेखनीय है।

दो अलग-अलग आरोप: ₹325 करोड़ और ₹635 करोड़

अधिकारी के बयानों में दो अलग-अलग राशियों का उल्लेख है — विधानसभा में ₹324.73 करोड़ (एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को) और 13 जून को मीडिया में ₹635 करोड़ (एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को)। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार अपने पहले पूर्ण बजट के साथ शासन की दिशा तय कर रही है और पूर्ववर्ती TMC शासन की वित्तीय नीतियों की समीक्षा कर रही है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद जवाबदेही को लेकर बहस तेज़ है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सरकार के प्रत्येक कथित भ्रष्टाचार की जांच होगी। अभी तक TMC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बजट चर्चा 25 जून तक जारी रहेगी, और इस दौरान इस मुद्दे पर और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विधानसभा के भीतर किए गए आरोप और न्यायिक जांच में साबित होने के बीच लंबा फ़ासला है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ कर रही है कि दो अलग-अलग राशियाँ — ₹325 करोड़ और ₹635 करोड़ — दो अलग संस्थाओं के लिए बताई जा रही हैं; इनका मिलान और स्वतंत्र ऑडिट ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजीबीएस भ्रष्टाचार विवाद क्या है?
पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पूर्व TMC सरकार ने बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) के आयोजन के लिए एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को ₹324.73 करोड़ का कथित अवैध भुगतान किया और एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को ₹635 करोड़ दिए। उन्होंने दावा किया है कि इस भुगतान पर ममता बनर्जी के हस्ताक्षर हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर सीधे आरोप कब लगाए?
अधिकारी ने मंगलवार, 24 जून को विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान पहली बार ममता बनर्जी पर सीधे संलिप्तता का आरोप लगाया। इससे पहले 13 जून को उन्होंने ₹635 करोड़ के भुगतान की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन तब ममता पर सीधा आरोप नहीं लगाया था।
₹325 करोड़ और ₹635 करोड़ के आरोपों में क्या फ़र्क है?
₹324.73 करोड़ का आरोप एक राष्ट्रीय उद्योग संघ को किए गए कथित भुगतान से जुड़ा है, जबकि ₹635 करोड़ का आरोप एक विज्ञापन-सह-इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को किए गए भुगतान से संबंधित है। दोनों बीजीबीएस आयोजन से जुड़े हैं लेकिन अलग-अलग संस्थाओं और मदों के तहत बताए गए हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र कब तक चलेगा?
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 23 जून को 2026-27 का पूर्ण बजट पेश किया। इस पर बहस 25 जून तक जारी रहेगी।
TMC ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
अब तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से अधिकारी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला विधानसभा बहस के दौरान उठाया गया है और जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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