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बंगाल विधानसभा में आज सीएजी रिपोर्ट पेश, 15 साल की वित्तीय अनियमितताओं का होगा खुलासा

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बंगाल विधानसभा में आज सीएजी रिपोर्ट पेश, 15 साल की वित्तीय अनियमितताओं का होगा खुलासा

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन तीन बड़े एजेंडा लेकर आया है — सीएजी रिपोर्ट की प्रस्तुति, अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य शिविरों पर बयान, और पंचायत विधेयक। TMC के 15 साल के शासन में पहली बार इस स्तर की वित्तीय जवाबदेही की परीक्षा होने वाली है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र के अंतिम दिन सीएजी रिपोर्ट पेश की जाएगी, जो TMC के 15 वर्षों के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा कर सकती है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा — भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर के लिए राज्यपाल को सिफारिश की जाएगी।
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर स्वास्थ्य शिविरों पर कुप्रबंधन और गलत उपचार के आरोपों में दो एफआईआर दर्ज हैं।
पंचायत मंत्री दिलीप घोष ग्रामीण विकास से जुड़ा विधेयक पेश करेंगे; दो घंटे की चर्चा प्रस्तावित।
22 जुलाई को गृह विभाग के बजट पर चर्चा हुई — 2012 के बाद पहली बार, 14 साल के अंतराल के बाद।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र का शनिवार, 26 जुलाई को होने वाला अंतिम दिन तीन अहम निर्धारित कार्यवाहियों के चलते बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इनमें सबसे प्रमुख है — सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट की प्रस्तुति, जो राज्य के राजकोष से होने वाली आय और व्यय की विस्तृत जाँच पर आधारित है।

सीएजी रिपोर्ट: 15 साल बाद बड़ा मौका

सत्र के समापन दिवस की पहली और सबसे अहम कार्यवाही राज्य के राजकोषीय लेन-देन पर सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर रखना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में ऐसी रिपोर्ट पेश करना बेहद दुर्लभ रहा था। उनके अनुसार, यह रिपोर्ट प्राकृतिक आपदाओं में राहत वितरण सहित किसी भी क्षेत्र में हुई वित्तीय अनियमितताओं को उजागर कर सकती है।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चाहे मुख्यमंत्री हों, मंत्री हों या कोई अन्य वरिष्ठ नेता — किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में संलिप्त मंत्रियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए राज्यपाल को सिफारिश करेगी।

अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य शिविरों पर बयान

दिन की दूसरी निर्धारित कार्यवाही में मुख्यमंत्री सदन में TMC महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी द्वारा दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में संचालित निःशुल्क 'सेवा आश्रय' स्वास्थ्य शिविरों से जुड़े आरोपों की जाँच पर बयान देंगे। इन शिविरों पर कुप्रबंधन, चिकित्सा उपकरणों के दुरुपयोग और गलत उपचार पद्धति से मरीजों को हुई पीड़ा के आरोप हैं। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पहले ही दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कई पुलिस शिकायतें भी दाखिल हो चुकी हैं।

पंचायत विधेयक पर दो घंटे की चर्चा

तीसरी कार्यवाही के तहत पश्चिम बंगाल के पंचायत कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष अपने विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक पर दो घंटे की विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।

छह दिवसीय सत्र का महत्व

पश्चिम बंगाल विधानसभा का यह छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बजटीय आवंटन पर चर्चा के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि 22 जुलाई को राज्य गृह विभाग के बजटीय आवंटन पर चर्चा हुई — जो 2012 के बाद पहली बार, यानी 14 वर्षों के अंतराल के बाद संभव हो सकी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शासन और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

सीएजी रिपोर्ट की प्रस्तुति के बाद उसे विधानसभा की लोक लेखा समिति को भेजे जाने की संभावना है, जहाँ विस्तृत समीक्षा होगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्य आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही की समयसीमा अनिश्चित बनी रहती है। अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य शिविरों पर विधानसभा में बयान एक असामान्य कदम है — यह दर्शाता है कि विपक्ष अब संसदीय मंच को जाँच के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति पर चल रहा है। 14 साल बाद गृह विभाग पर बजट चर्चा और सीएजी रिपोर्ट एक साथ आना — यह महज़ संयोग नहीं, यह नई सरकार की पारदर्शिता की राजनीति का हिस्सा है, जिसकी परीक्षा अब क्रियान्वयन के स्तर पर होगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?
सीएजी रिपोर्ट राज्य के राजकोष से होने वाली आय और व्यय की स्वतंत्र लेखा-परीक्षा है, जो वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करती है। TMC सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में यह रिपोर्ट विधानसभा में बेहद कम पेश की गई, इसलिए इसकी प्रस्तुति को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य शिविरों पर क्या आरोप हैं?
TMC महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में चलाए जा रहे निःशुल्क 'सेवा आश्रय' स्वास्थ्य शिविरों पर कुप्रबंधन, चिकित्सा उपकरणों के दुरुपयोग और गलत उपचार पद्धति से मरीजों को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। अब तक दो एफआईआर और कई पुलिस शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल का विस्तारित बजट सत्र कितने दिनों का था और इसमें क्या हुआ?
यह छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र राज्य सरकार के विभागों के बजटीय आवंटन पर चर्चा के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था। 22 जुलाई को गृह विभाग के बजट पर चर्चा हुई — जो 2012 के बाद 14 साल में पहली बार संभव हुई।
सुवेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में सामने आने वाले वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा — चाहे मुख्यमंत्री हों, मंत्री हों या कोई वरिष्ठ नेता। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए राज्यपाल को सिफारिश की जाएगी।
पंचायत विधेयक पर विधानसभा में क्या होगा?
पंचायत कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष अपने विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक पर दो घंटे की विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।
राष्ट्र प्रेस
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