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पश्चिम बंगाल विधानसभा में 25 जुलाई को पेश होगी कैग रिपोर्ट, CM सुवेंदु अधिकारी का ऐलान

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में 25 जुलाई को पेश होगी कैग रिपोर्ट, CM सुवेंदु अधिकारी का ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल में 25 जुलाई को कैग रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी — यह महज़ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि CM सुवेंदु अधिकारी का वह दांव है जिसमें अम्फान राहत घोटाले से लेकर मंत्रियों तक पर एफआईआर की सिफारिश का वादा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल की कैग रिपोर्ट 25 जुलाई 2026 को विधानसभा में पेश की जाएगी — यह विस्तारित बजट सत्र का अंतिम दिन होगा।
घोषणा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 22 जुलाई को गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान की।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पिछले महीने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में यह रिपोर्ट लाने का वादा किया था।
CM ने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में संलिप्त मंत्रियों के विरुद्ध राज्यपाल से एफआईआर की अनुमति माँगी जाएगी।
2020 अम्फान राहत के लिए दिए गए ₹3,750 करोड़ में कथित अनियमितताओं पर कैग की विशेष जाँच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई थी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार, 22 जुलाई को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट — जो राज्य के राजकोष की आय और व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है — 25 जुलाई को सदन में रखी जाएगी। यह तिथि विधानसभा के चल रहे विस्तारित बजट सत्र का अंतिम दिन भी होगी।

घोषणा की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री अधिकारी राज्य के गृह विभाग के बजट आवंटन पर हो रही चर्चा का जवाब दे रहे थे, जब उन्होंने कैग रिपोर्ट पेश करने की तारीख की पुष्टि की। उल्लेखनीय है कि इस रिपोर्ट को सदन में लाने की घोषणा पहले राज्य वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता — जो पत्रकारिता से राजनीति में आए हैं — ने पिछले महीने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव पेश करते समय की थी।

जवाबदेही पर मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश

कैग रिपोर्ट की तारीख घोषित करने के बाद मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास के साथ-साथ जवाबदेही का प्रश्न भी उठेगा। उन्होंने कहा, 'आप चाहे कितने भी बड़े नेता क्यों न हों, अगर आपका नाम भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है, तो जाँच ज़रूर होगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सदन के अगले सत्र में कैग रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा होगी और उसी के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।

भ्रष्टाचार उजागर होने का दावा

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कैग रिपोर्ट हर क्षेत्र में हुए भ्रष्टाचार को सामने लाएगी — चाहे उसमें मुख्यमंत्री, मंत्री या कोई भी बड़ा नेता क्यों न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्यपाल से भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुमति देने की सिफारिश करेगी।

अम्फान राहत घोटाले का संदर्भ

मुख्यमंत्री अधिकारी ने 2020 में आए अम्फान चक्रवात के राहत कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अम्फान राहत के लिए दो किस्तों में ₹3,750 करोड़ जारी किए थे। उनके अनुसार, इस राहत वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुईं, जिस पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई थी। कैग की विशेष जाँच में आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, किंतु वह रिपोर्ट न तो सार्वजनिक की गई और न ही सदन में पेश की गई — और सिफारिशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आगे क्या होगा

25 जुलाई को कैग रिपोर्ट के विधानसभा में आने के बाद यह अपेक्षित है कि विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के बीच जवाबदेही को लेकर तीखी बहस छिड़ेगी। अगले सत्र में इस रिपोर्ट पर विधिवत चर्चा और संभावित कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CM अधिकारी का इसे भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के रूप में प्रस्तुत करना राजनीतिक संदेश भी देता है। असली कसौटी यह होगी कि अम्फान जाँच जैसी रिपोर्टें — जो वर्षों तक दबी रहीं — इस बार वास्तविक कानूनी कार्रवाई में बदलती हैं या फिर सदन की चर्चा तक सीमित रह जाती हैं। एफआईआर की सिफारिश का वादा तभी विश्वसनीय बनेगा जब राज्यपाल की मंजूरी और अभियोजन की समयसीमा सार्वजनिक हो।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कैग रिपोर्ट कब और कहाँ पेश होगी?
कैग रिपोर्ट 25 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश की जाएगी। यह विधानसभा के चल रहे विस्तारित बजट सत्र का अंतिम दिन होगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कैग रिपोर्ट को लेकर क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 22 जुलाई को विधानसभा में घोषणा की कि कैग रिपोर्ट 25 जुलाई को सदन में रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के विरुद्ध राज्यपाल से एफआईआर की अनुमति माँगी जाएगी।
अम्फान राहत और कैग रिपोर्ट का क्या संबंध है?
2020 के अम्फान चक्रवात राहत के लिए केंद्र से ₹3,750 करोड़ मिले थे, जिनके वितरण में कथित भ्रष्टाचार पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर हुई थी। कैग की विशेष जाँच रिपोर्ट में कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, लेकिन वह रिपोर्ट न सार्वजनिक की गई और न ही सदन में पेश हुई।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता की इसमें क्या भूमिका है?
पत्रकार से राजनेता बने स्वपन दासगुप्ता पश्चिम बंगाल के नए वित्त मंत्री हैं। उन्होंने पिछले महीने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय सदन में कैग रिपोर्ट लाने की घोषणा पहले की थी, जिसे अब CM अधिकारी ने 25 जुलाई की तारीख देकर पुष्ट किया।
कैग रिपोर्ट पेश होने के बाद आगे क्या होगा?
CM अधिकारी के अनुसार, विधानसभा के अगले सत्र में कैग रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा होगी और उसी के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। भ्रष्टाचार में नाम आने पर संबंधित मंत्रियों के विरुद्ध एफआईआर के लिए राज्यपाल से अनुमति माँगने की भी सरकार की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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