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आफताब अंसारी की जेल सेल से मोबाइल-राउटर बरामद, एसटीएफ ने जांच संभाली

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आफताब अंसारी की जेल सेल से मोबाइल-राउटर बरामद, एसटीएफ ने जांच संभाली

सारांश

उम्रकैद काट रहे आतंकी आफताब अंसारी की जेल सेल से 3 सक्रिय मोबाइल, राउटर और ₹31,000 नकद मिले — अब एसटीएफ जांच करेगी कि क्या जेल से पाकिस्तान से संपर्क हुआ। हाई-सिक्योरिटी वार्ड में यह चूक पश्चिम बंगाल की जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को आफताब अंसारी की जेल सेल से मोबाइल बरामदगी मामले की जांच अपने हाथ में ली।
अंसारी की सेल से 3 मोबाइल फोन , 2 राउटर , 1 वाई-फाई डिवाइस, 2 कार्ड रीडर, 1 पेन ड्राइव और ₹31,000 नकद बरामद।
बरामद फोन में व्हाट्सएप और टेलीग्राम सक्रिय; पाकिस्तान से संपर्क की आशंका की जांच जारी।
उसी वार्ड में बंद मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपियों की सेल से भी स्मार्टफोन मिले।
सभी उपकरण फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए; जेल कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल।
सीआईडी की पूर्व जांच अभी भी जारी, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर मई में शुरू हुई थी।

कोलकाता के प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में उम्रकैद काट रहे अमेरिकी सेंटर हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की सेल से तीन सक्रिय मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस और ₹31,000 नकद बरामद होने के बाद कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार को इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। पिछले सप्ताह शुक्रवार की रात डिटेक्टिव विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद हेस्टिंग्स पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

क्या-क्या बरामद हुआ

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अंसारी के कपड़ों और बिस्तर की तलाशी में तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव, ईयरफोन और ₹500 के नोटों में कुल ₹31,000 नकद मिले। बरामद मोबाइल फोन में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सक्रिय पाए गए।

जानकारी के अनुसार, अंसारी वार्ड 1/22 की सेल नंबर 14 में बंद है। उसी वार्ड में भाजपा नेता मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपी सुबोध रॉय (सेल नंबर 52) और अनीश ठाकुर (सेल नंबर 19) भी बंद हैं, जिनकी सेल से भी स्मार्टफोन बरामद होने की बात सामने आई है।

जांच का दायरा

एसटीएफ की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि अंसारी इन उपकरणों के ज़रिए किन लोगों से संपर्क में था। जांचकर्ता विशेष रूप से यह देख रहे हैं कि क्या जेल के भीतर से पाकिस्तान में किसी से संपर्क किया गया था अथवा कोई साजिश रची जा रही थी। बरामद सभी उपकरण फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।

जांच एजेंसियां जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। घटना के बाद अंसारी की सेल की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है तथा जेल परिसर के भीतर उससे पूछताछ जारी है।

आफताब अंसारी कौन है

आफताब अंसारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आसिफ रजा कमांडो (एआरसी) का पूर्व संचालक है। इस संगठन के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से संबंध बताए जाते हैं। वह अमेरिकी सेंटर हमले का मास्टरमाइंड रहा है और फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहा है।

पृष्ठभूमि: सीआईडी जांच पहले से जारी

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में जेलों की सुरक्षा पहले से सवालों के घेरे में है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और कथित नशीले पदार्थों के कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया था। उनके निर्देश पर मई में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को यह जांच सौंपी गई थी कि कैदियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं — वह जांच अभी भी जारी है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-सिक्योरिटी वार्ड में बंद कैदी के पास संचार उपकरण मिले हों। इस बार एक कुख्यात आतंकी की सेल से सक्रिय इंटरनेट-सक्षम उपकरणों का मिलना जेल प्रशासन की चूक को और गंभीर बनाता है।

आगे क्या होगा

एसटीएफ की जांच अब यह निर्धारित करेगी कि इन उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला कहाँ से शुरू होती है — क्या यह जेल कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ या किसी अन्य माध्यम से। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियाँ तय होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि इतने समय तक यह किसी की नज़र में क्यों नहीं आया। सीआईडी की जांच मई से चल रही है, फिर भी यह चूक हुई — जो दर्शाता है कि निगरानी तंत्र और जवाबदेही दोनों में गंभीर खामियाँ हैं। पाकिस्तान से संपर्क की आशंका को देखते हुए फोरेंसिक रिपोर्ट का महत्व और बढ़ जाता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आफताब अंसारी की जेल सेल से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस अधिकारी के अनुसार, अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से तीन सक्रिय मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव, ईयरफोन और ₹31,000 नकद बरामद किए गए। बरामद फोन में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप सक्रिय थे।
आफताब अंसारी कौन है और वह जेल में क्यों है?
आफताब अंसारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आसिफ रजा कमांडो (एआरसी) का पूर्व संचालक है, जिसके पाकिस्तान स्थित हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध बताए जाते हैं। वह अमेरिकी सेंटर हमले का मास्टरमाइंड रहा है और प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
एसटीएफ इस मामले में क्या जांच कर रही है?
एसटीएफ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंसारी इन उपकरणों के ज़रिए किन लोगों से संपर्क में था, क्या जेल से पाकिस्तान में किसी से बात हुई और कोई साजिश रची जा रही थी। इसके साथ ही जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पश्चिम बंगाल में जेल सुरक्षा को लेकर पहले क्या कदम उठाए गए थे?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर मई 2026 में सीआईडी को जांच सौंपी गई थी कि कैदियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं। वह जांच अभी भी जारी है, और इसी दौरान आफताब अंसारी की सेल से उपकरण मिलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
बरामद उपकरणों की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर एसटीएफ आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियाँ तय करेगी। जेल कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट होने पर अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई दोनों की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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