अहमदाबाद में ₹10.36 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी: CA दंपती गिरफ्तार, सेवानिवृत्त इंजीनियर को बनाया शिकार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 17 जून 2026 को एक चार्टर्ड अकाउंटेंट दंपती को गिरफ्तार किया, जिन पर शेयर बाज़ार में फर्जी निवेश योजना चलाकर एक सेवानिवृत्त इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों से कथित तौर पर ₹10.36 करोड़ से अधिक की ठगी करने का आरोप है। आरोपियों ने डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग, जाली वित्तीय दस्तावेज़ों और नकली कंपनियों के ज़रिए यह धोखाधड़ी अंजाम दी।
आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार दंपती की पहचान जैवलिन उर्फ जय नायक (32) और उनकी पत्नी बोस्की नायक (34) के रूप में हुई है। दोनों पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और गांधीनगर के सरगासन इलाके में रहते हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों शिकायतकर्ता कौशलकुमार नायक के करीबी रिश्तेदार हैं और कथित तौर पर इसी पारिवारिक भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बनाया।
धोखाधड़ी का तरीका
2022 से 2025 के बीच आरोपियों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के बैंक खाते की जानकारी हासिल की और उनके खाते से ₹5,91,91,448 ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा, अधिक रिटर्न का वादा कर शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों से भी ₹4,44,24,068 ट्रांसफर कराए गए। इस प्रकार आरोपियों के नियंत्रण वाले खातों में कुल ₹10,36,15,516 की राशि पहुँची।
जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पैन कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, ई-सिग्नेचर, बिजली बिल, टैक्स बिल और पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग कर नकली कंपनियाँ बनाईं और बैंक खाते खुलवाए। इनमें इन्फोटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी भी शामिल है, जिसमें शिकायतकर्ता को बिना जानकारी के निदेशक बनाया गया।
जाली दस्तावेज़ों का जाल
एक अधिकारी के अनुसार, आरोपियों ने नकली स्टैम्प और लेटरहेड का उपयोग कर ICICI बैंक का एक फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किया, जिसमें ₹90,21,73,737 का बैलेंस दर्शाया गया था। इसके साथ एक नकली ट्रांज़ेक्शन स्लिप भी थी, जिसमें ₹50 लाख क्रेडिट होने का झूठा दावा किया गया। इसके अलावा, 'हमिदराजा' और एंजेल ब्रोकिंग के नाम से फर्जी ईमेल भेजकर एंजेल वन खाते से ₹2.25 करोड़ की निकासी का झूठा दावा भी किया गया।
कुल राशि में से ₹2,37,40,294 को शिकायतकर्ता के एंजेल वन डिमैट खाते में निवेश दिखाया गया, जबकि शेष ₹7,98,75,222 और शिकायतकर्ता व उनकी पत्नी के म्यूचुअल फंड के ₹5.55 लाख — कुल ₹8,04,30,222 — आरोपियों ने अपने नियंत्रित खातों में स्थानांतरित कर लिए।
पुलिस का बयान
सहायक पुलिस आयुक्त मनोज चावड़ा ने बताया कि शिकायतकर्ता एक सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, जो करीब छह महीने पहले रिटायर हुए थे। उन्होंने 2021 से 2025 के बीच लगभग ₹5 करोड़ निवेश किए, जबकि उनके रिश्तेदारों ने लगभग ₹4.5 करोड़ लगाए। चावड़ा ने बताया, 'जब शिकायतकर्ता को अपनी बेटी की अमेरिका में पढ़ाई के लिए पैसों की ज़रूरत पड़ी, तो आरोपियों ने फर्जी बैंक रसीदें और झूठे आश्वासन दिए, जो जाँच में गलत पाए गए।'
उन्होंने आगे कहा, 'वे लगातार नुकसान और लंबित भुगतान का बहाना बनाते रहे, लेकिन कोई पैसा वापस नहीं किया। अंततः इनकार करने पर EOW में शिकायत दर्ज की गई और गिरफ्तारी हुई।'
आगे की जाँच
इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की कई टीमें बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच में जुटी हैं। दोनों आरोपियों को 21 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि पारिवारिक भरोसे का दुरुपयोग कर किए जाने वाले वित्तीय अपराध कितने गहरे और जटिल हो सकते हैं।