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अहमदाबाद में पीएम स्वनिधि कल्याण मेला: 100 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ₹10,000 से ₹50,000 तक के ऋण वितरित

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अहमदाबाद में पीएम स्वनिधि कल्याण मेला: 100 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ₹10,000 से ₹50,000 तक के ऋण वितरित

सारांश

अहमदाबाद के वस्त्रापुर में पीएम स्वनिधि कल्याण मेले में 100 से अधिक फेरीवालों को ₹15,000 से ₹50,000 तक के ऋण मिले। मेयर हितेश बारोट की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में डिजिटल प्रशिक्षण और अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई — शहरी गरीबों को औपचारिक वित्त से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम।

मुख्य बातें

8 जून 2026 को अहमदाबाद के वस्त्रापुर स्थित कल्याण कम्युनिटी हॉल में पीएम स्वनिधि कल्याण मेले का आयोजन हुआ।
100 से अधिक लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण के चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
ऋण की सीमा: पहले चरण में ₹15,000 , दूसरे चरण में ₹25,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक।
मेयर हितेश बारोट ने कार्यक्रम में भाग लिया और योजना के महत्व पर जोर दिया।
लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन प्रशिक्षण और क्रेडिट कार्ड आवेदन की सुविधा भी दी गई।

अहमदाबाद के वस्त्रापुर क्षेत्र स्थित कल्याण कम्युनिटी हॉल में 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के अंतर्गत एक विशेष कल्याण मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण के चेक और स्वीकृति पत्र सौंपे गए। शहर के मेयर हितेश बारोट समेत कई गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।

मेले का आयोजन और उद्देश्य

केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल पर चलाई जा रही पीएम स्वनिधि योजना के तहत अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के अर्बन कम्युनिटी डेवलपमेंट (UCD) विभाग ने इस मेले का आयोजन किया। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी फेरीवालों और छोटे व्यापारियों को संस्थागत ऋण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

यह ऐसे समय में आया है जब असंगठित क्षेत्र के छोटे विक्रेता अनौपचारिक साहूकारों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं की ओर तेज़ी से रुख कर रहे हैं।

ऋण की संरचना और चरण

पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण तीन चरणों में उपलब्ध कराया जाता है। पहले चरण में ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000, दूसरे चरण में ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,000, और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इस मेले में लाभार्थियों को इन्हीं तीनों चरणों के अंतर्गत ऋण वितरित किए गए।

डिजिटल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएँ

मेले में केवल ऋण वितरण तक ही सीमित नहीं रहा — लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा उन्हें सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। आयोजकों के अनुसार, यह मेला स्ट्रीट वेंडर्स को व्यापक सरकारी सेवाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

मेयर और लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और इस मेले में 100 लोगों को ऋण दिया गया।

लाभार्थी राधा बेन नाइका ने बताया, 'स्वनिधि लोन मिलने से मेरी स्थिति बेहतर हुई है। पहले मुझे ₹10,000 का लोन मिला था और अब ₹25,000 का लोन मिला है। मैंने कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया था, जिससे मुझे काफी फायदा हुआ है। लोन से मेरा परिवार चल रहा है और मेरा बच्चा पढ़ रहा है।'

एक अन्य लाभार्थी वैशाली सोनी ने कहा, 'मुझे ₹50,000 का लोन मिला है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह लोन काफी सहायक है।'

आगे की राह

गौरतलब है कि पीएम स्वनिधि योजना 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद शहरी फेरीवालों की आजीविका पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में इस प्रकार के कल्याण मेलों के माध्यम से योजना की पहुँच और विस्तार का प्रयास जारी है। UCD विभाग के इस आयोजन से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भी ऐसे मेलों का आयोजन किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब यह शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को संस्थागत ऋण से जोड़ने का स्थायी माध्यम बनती दिख रही है — यह बदलाव सकारात्मक है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि ऋण लेने वालों में से कितने समय पर चुकाने में सक्षम हो पाते हैं और कितने अगले चरण तक पहुँचते हैं — इस डेटा को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। डिजिटल लेनदेन प्रशिक्षण की पहल उल्लेखनीय है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और निरंतरता पर निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम स्वनिधि योजना क्या है और इसका लाभ किसे मिलता है?
पीएम स्वनिधि (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की योजना है, जो शहरी फेरीवालों और छोटे व्यापारियों को संस्थागत ऋण प्रदान करती है। यह योजना 2020 में शुरू हुई थी और इसका लाभ पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को मिलता है।
पीएम स्वनिधि योजना में कितने चरणों में और कितना ऋण मिलता है?
योजना में तीन चरण हैं — पहले चरण में ₹15,000, दूसरे चरण में ₹25,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। अगले चरण का ऋण पिछले चरण का सफलतापूर्वक पुनर्भुगतान करने पर मिलता है।
अहमदाबाद में 8 जून को हुए पीएम स्वनिधि मेले में क्या हुआ?
8 जून 2026 को वस्त्रापुर स्थित कल्याण कम्युनिटी हॉल में AMC के UCD विभाग ने यह मेला आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक लाभार्थियों को ऋण चेक और स्वीकृति पत्र दिए गए। मेयर हितेश बारोट की उपस्थिति में लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन प्रशिक्षण भी दिया गया।
क्या पीएम स्वनिधि मेले में केवल ऋण वितरण होता है?
नहीं, इस मेले में ऋण वितरण के अलावा लाभार्थियों को सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन की सुविधा भी दी गई। इसका उद्देश्य वेंडर्स को व्यापक सरकारी सेवाओं से जोड़ना है।
पीएम स्वनिधि योजना से लाभार्थियों को व्यावहारिक फायदा कैसे हो रहा है?
लाभार्थी राधा बेन नाइका के अनुसार, ₹25,000 के ऋण से उन्होंने कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया जिससे परिवार की आजीविका चल रही है और बच्चे की पढ़ाई हो रही है। वैशाली सोनी ने बताया कि ₹50,000 का ऋण मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए विशेष रूप से सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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