11 जुलाई 2026
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एआईएडीएमके को चौथा झटका: अंबासमुद्रम विधायक इसाकी सुब्बैया का इस्तीफा, टीवीके में शामिल होने की अटकलें

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एआईएडीएमके को चौथा झटका: अंबासमुद्रम विधायक इसाकी सुब्बैया का इस्तीफा, टीवीके में शामिल होने की अटकलें

सारांश

एआईएडीएमके का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा — चार दिनों में चार विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। अंबासमुद्रम से तीन बार के विधायक और पूर्व मंत्री इसाकी सुब्बैया का इस्तीफा पार्टी के ईपीएस बनाम शनमुगम गुट की दरार को और गहरा करता है, और टीवीके में और पलायन की आशंका बढ़ा देता है।

मुख्य बातें

इसाकी सुब्बैया ने 26 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया — वे एआईएडीएमके के चौथे विधायक हैं जिन्होंने हालिया चुनावों के बाद पार्टी छोड़ी।
सुब्बैया के टीवीके में शामिल होने की अटकलें हैं; स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने हस्तलिखित इस्तीफा माँगने के बाद इसे स्वीकार किया।
एक दिन पहले तीन विधायकों — सत्यभामा , जयकुमार और मरगथम कुमारवेल — ने भी इस्तीफा देकर टीवीके की सदस्यता ली।
शनमुगम गुट में बंटी है; विश्वास मत के दौरान शनमुगम गुट ने टीवीके सरकार का समर्थन किया था।
सुब्बैया 2011 और 2021 में भी अंबासमुद्रम से जीते थे और जयललिता सरकार में मंत्री रह चुके हैं; हालिया चुनाव में उन्होंने 10,245 मतों से जीत दर्ज की थी।

तमिलनाडु में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) की अंदरूनी उथल-पुथल 26 मई 2026 को और गहरी हो गई, जब अंबासमुद्रम से पार्टी विधायक इसाकी सुब्बैया ने तमिलनाडु विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी छोड़ने वाले वे चौथे एआईएडीएमके विधायक बन गए हैं। सूत्रों के अनुसार, सुब्बैया के सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) में शामिल होने की संभावना है।

इस्तीफे की प्रक्रिया

सुब्बैया ने अपना इस्तीफा पत्र सौंपने के लिए विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ने शुरू में टाइप किया हुआ इस्तीफा पत्र स्वीकार करने से मना कर दिया और उन्हें हाथ से लिखकर जमा करने का निर्देश दिया। इन निर्देशों का पालन करते हुए सुब्बैया ने हस्तलिखित इस्तीफा पत्र तैयार कर जमा किया, जिसे बाद में स्वीकार कर लिया गया।

पार्टी में दो फाड़

यह ऐसे समय में आया है जब एआईएडीएमके के विधायक दो खेमों में बंटे हुए हैं। एक गुट पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के प्रति वफादार है, जबकि दूसरा गुट सी. वे. शनमुगम के साथ जुड़ा है। विधानसभा में विश्वास मत के दौरान यह दरार और स्पष्ट हो गई, जब शनमुगम गुट ने टीवीके सरकार का समर्थन किया, जबकि ईपीएस नेतृत्व वाले गुट ने इसका कड़ा विरोध किया।

एक दिन पहले तीन और विधायकों ने छोड़ी पार्टी

सुब्बैया के इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले एआईएडीएमके के तीन विधायकों ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इनमें धारापुरम (आरक्षित) सीट से सत्यभामा, पेरुनदुरई सीट से जयकुमार और मदुरंतकम सीट से मरगथम कुमारवेल शामिल हैं। इन तीनों ने स्पीकर प्रभाकर को इस्तीफा सौंपने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता आधव अर्जुन की मौजूदगी में टीवीके की सदस्यता ग्रहण की।

इसाकी सुब्बैया: एक अनुभवी नेता

सुब्बैया तमिलनाडु की राजनीति में एक जाने-माने चेहरा हैं। हालिया विधानसभा चुनावों में उन्होंने अंबासमुद्रम सीट 10,245 मतों के बड़े अंतर से जीती थी। इससे पहले वे 2011 और 2021 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से विजयी रहे थे। जयललिता के नेतृत्व वाली सरकार में वे मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि सुब्बैया के पार्टी छोड़ने के बाद एआईएडीएमके से और विधायकों के अलग होने की अटकलें तेज हो गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी के भीतर यह संकट विधानसभा चुनावों में हार के बाद से लगातार गहराता जा रहा है, और आने वाले दिनों में यह और विकराल रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विधायकों का सत्ताधारी दल की ओर खिंचाव स्वाभाविक रूप से जारी रहेगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इसाकी सुब्बैया कौन हैं और उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?
इसाकी सुब्बैया अंबासमुद्रम सीट से एआईएडीएमके के तीन बार के विधायक और पूर्व मंत्री हैं। उन्होंने 26 मई 2026 को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया; सूत्रों के अनुसार वे सत्ताधारी टीवीके में शामिल होने की तैयारी में हैं।
एआईएडीएमके से अब तक कितने विधायकों ने इस्तीफा दिया है?
हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद से एआईएडीएमके के चार विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें सत्यभामा, जयकुमार, मरगथम कुमारवेल और अब इसाकी सुब्बैया शामिल हैं।
एआईएडीएमके में ईपीएस और शनमुगम गुट का विवाद क्या है?
पार्टी के विधायक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) और सी. वे. शनमुगम के नेतृत्व में दो खेमों में बंटे हैं। विधानसभा में विश्वास मत के दौरान शनमुगम गुट ने टीवीके सरकार का समर्थन किया, जिसे ईपीएस गुट ने पार्टी लाइन के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध किया।
स्पीकर ने टाइप किया इस्तीफा क्यों नहीं स्वीकारा?
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने टाइप किया हुआ इस्तीफा पत्र स्वीकार करने से मना कर दिया और सुब्बैया को हाथ से लिखकर जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद हस्तलिखित इस्तीफा पत्र स्वीकार कर लिया गया।
क्या एआईएडीएमके से और विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं?
सुब्बैया के इस्तीफे के बाद पार्टी से और विधायकों के अलग होने की अटकलें तेज हो गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक पार्टी के भीतर दोनों गुटों के बीच सुलह नहीं होती, पलायन का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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