एयर इंडिया AI-171 हादसा: फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी नहीं, सिएटल में थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 29 जुलाई 2026 को संसद को बताया कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI-171) के फ्यूल कंट्रोल स्विच सिस्टम में किसी प्रकार की कोई खराबी नहीं पाई गई है। हालांकि, सिएटल स्थित ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के संयंत्र में पूरे थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।
संसद में क्या बोली सरकार
राज्यसभा में सवालों का जवाब देते हुए नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तृत जांच — जिसमें उसके लॉकिंग डिटेंट्स की संरचनात्मक मजबूती का परीक्षण भी शामिल था — में कोई असामान्यता सामने नहीं आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी परीक्षण नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के निर्देश पर किए जा रहे हैं।
मंत्री मोहोल ने कहा, 'OEM के प्लांट पर पूरे थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच जारी है।' यह जांच उड़ान भरने की योग्यता की उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है, जो इस वर्ष फरवरी 2026 में इस श्रेणी के विमानों को ग्राउंड किए जाने के बाद शुरू की गई थी।
AAIB रिपोर्ट में देरी के आरोप खारिज
सरकार ने उन अटकलों को भी सिरे से खारिज किया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी करने में देरी की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बड़ी विमान दुर्घटनाओं की जांच किसी पूर्व-निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करती — यह स्थापित अंतरराष्ट्रीय जांच प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ती है।
उन्होंने सदन में कहा, 'दुर्घटना के सभी संभावित कारणों और उसमें योगदान देने वाले सभी कारकों की जांच की जा रही है।' सरकार के अनुसार, AI-171 हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
जांच की वर्तमान स्थिति
OEM द्वारा फ्यूल कंट्रोल स्विच की एडवांस्ड टेस्टिंग पूरी की जा चुकी है और उसमें कोई दोष नहीं मिला। अब जांच का केंद्र थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल पर है, जिसकी परीक्षण प्रक्रिया सिएटल में चल रही है। गौरतलब है कि यह हादसा तब हुआ था जब विमान अहमदाबाद से टेकऑफ के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद DGCA ने इस श्रेणी के बोइंग विमानों की गहन समीक्षा शुरू की।
आगे क्या होगा
सरकार ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद सभी निष्कर्षों वाली अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और उसे AAIB की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा। थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच के नतीजे ही यह तय करेंगे कि हादसे की तकनीकी वजह क्या थी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।