एके शर्मा की जनसुनवाई: पेयजल, स्वास्थ्य, दिव्यांग सहायता समेत दर्जनों शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार, 13 जुलाई को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएँ रखीं। मंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को फोन पर निर्देश दिए और सभी मामलों के समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया।
जनसुनवाई में उठे मुद्दे
इस जनसुनवाई में पेयजल संकट, आवास, सफाई व्यवस्था, विद्युत बिल संशोधन, अतिक्रमण हटाने, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े कई मामले सामने आए। मंत्री ने हर फरियादी की बात ध्यान से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख मामलों पर मंत्री की कार्रवाई
लखनऊ निवासी विजय ने गंभीर स्वास्थ्य समस्या का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता की माँग की। इस पर एके शर्मा ने अधिकारियों को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में उनका समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
गोमतीनगर के एक शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में पेयजल की गंभीर कमी की जानकारी दी। मंत्री ने तत्काल नगर आयुक्त गौरव कुमार से फोन पर संपर्क कर समस्या के शीघ्र और स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
इटावा से आए फरियादी अतुल कुमार ने ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मंत्री ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, इटावा को तत्काल ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
मंत्री का संदेश: संवेदनशीलता और पारदर्शिता
जनसुनवाई के दौरान एके शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
आगे क्या
जनसुनवाई में दर्ज सभी शिकायतों के निस्तारण की समयबद्ध निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी। यह जनसुनवाई उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत जनप्रतिनिधि और मंत्री नियमित रूप से आम नागरिकों से सीधे संवाद करते हैं।