3 नवंबर 2026
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अखिलेश यादव वाराणसी पहुंचे, बोले — भाजपा हटे तभी बनारस मुस्कुराएगा; मेट्रो का वादा

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अखिलेश यादव वाराणसी पहुंचे, बोले — भाजपा हटे तभी बनारस मुस्कुराएगा; मेट्रो का वादा

सारांश

एमएलसी जीत के बाद अखिलेश यादव का पहला वाराणसी दौरा महज़ जश्न नहीं था — यह 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक दस्तक थी। मोदी के संसदीय क्षेत्र में खड़े होकर मेट्रो का वादा और 'डबल हार' का तंज — सपा ने भाजपा के गढ़ में सीधी चुनौती का एलान कर दिया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव 3 नवंबर 2026 को वाराणसी पहुंचे — एमएलसी चुनाव में सपा की जीत के बाद पहली काशी यात्रा।
विधान परिषद में सपा के आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव की जीत को उन्होंने भाजपा के खिलाफ 'जनादेश' बताया।
सपा सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो लाने का वादा; शहर में जाम और बुनियादी ढाँचे पर भाजपा को घेरा।
भाजपा सरकार पर रोपवे व अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को लेकर सवाल — 'काशी के साथ भेदभाव' का आरोप।
दिवंगत सपा नेता राजेश यादव नत्थू के परिजनों से मुलाकात कर दी श्रद्धांजलि।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 3 नवंबर 2026 को वाराणसी पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि काशी की जनता ने विधान परिषद चुनाव में भाजपा को 'डबल हार और डबल जीरो' देकर उसके विकास के दावों की कलई खोल दी है। एमएलसी चुनाव में सपा की जीत के बाद यह उनकी पहली वाराणसी यात्रा थी।

एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत, भाजपा पर हमला

लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अखिलेश यादव का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो लोग 'डबल इंजन और डबल रफ्तार' के विकास की बात करते थे, उन्हें बनारस की जनता ने 'डबल हार' का जवाब दिया है। विधान परिषद चुनाव में सपा नेताओं आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव की जीत को उन्होंने जनता का भाजपा को 'नकारने का संदेश' बताया।

वाराणसी में मेट्रो का वादा

अखिलेश यादव ने वाराणसी की यातायात व्यवस्था को निशाना बनाते हुए कहा कि शहर में जाम की समस्या लगातार बनी हुई है और भाजपा सरकार इसे सुधारने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा, जिससे शहरवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। यह वादा ऐसे समय आया है जब वाराणसी में बुनियादी ढाँचे की कमी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनती जा रही है।

रोपवे और स्टेडियम पर सवाल

सपा प्रमुख ने रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परियोजनाओं के सहारे पूरे पूर्वांचल को जीतने की बात की जा रही है, जबकि काशी के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'सबसे पहले धोखा देने वाले लखनऊ वाले ही हैं।' उन्होंने किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और शहर में गंदगी को भी प्रमुखता से उठाया।

दिवंगत सपा नेता को श्रद्धांजलि

वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव डाफी स्थित दिवंगत सपा नेता राजेश यादव नत्थू के आवास पर पहुंचे। उन्होंने राजेश यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी चंदा यादव सहित परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे।

आगे का सियासी अर्थ

गौरतलब है कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और इसे भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। विधान परिषद में सपा की जीत को विपक्ष ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मनोबल बढ़ाने वाले संकेत के रूप में पेश किया है। अखिलेश का यह दौरा सपा के उस रणनीतिक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें पार्टी भाजपा के मज़बूत माने जाने वाले शहरी क्षेत्रों में सेंध लगाना चाहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह 2027 से पहले की चुनावी लफ्फाज़ी है। मोदी के संसदीय क्षेत्र में विधान परिषद की जीत को 'जनादेश' बताना अतिव्याख्या हो सकती है — एमएलसी चुनाव और विधानसभा चुनाव के मतदाता व समीकरण अलग होते हैं। फिर भी, यह दौरा संकेत देता है कि सपा 2027 की तैयारी शहरी मुद्दों से करना चाहती है, जो परंपरागत रूप से उसका मज़बूत पहलू नहीं रहा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने वाराणसी में मेट्रो का वादा क्यों किया?
अखिलेश यादव ने कहा कि वाराणसी में यातायात जाम की समस्या गंभीर है और भाजपा सरकार इसे सुधारने में नाकाम रही है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शहर में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा।
अखिलेश यादव ने भाजपा की 'डबल हार' किसे बताया?
विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में वाराणसी क्षेत्र से सपा के आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव की जीत को अखिलेश ने भाजपा की 'डबल हार' और 'डबल जीरो' कहा। उनके अनुसार, 'डबल इंजन' का नारा देने वाली पार्टी को जनता ने करारा जवाब दिया है।
अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे का सियासी महत्व क्या है?
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और इसे भाजपा का मज़बूत गढ़ माना जाता है। एमएलसी जीत के बाद यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की उपस्थिति और रणनीति को मज़बूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने वाराणसी दौरे में किससे मुलाकात की?
अखिलेश यादव डाफी स्थित दिवंगत सपा नेता राजेश यादव नत्थू के आवास पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी पत्नी चंदा यादव सहित परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
सपा ने वाराणसी में किन मुद्दों पर भाजपा को घेरा?
समाजवादी पार्टी ने यातायात जाम, रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी अधूरी परियोजनाओं, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और शहर में गंदगी के मुद्दे उठाए। अखिलेश ने काशी के साथ 'भेदभाव' का आरोप भी लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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