अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 22 भर्तियों में आरक्षण घोटाला, सत्ता में आने पर पेपर लीक मुक्त भर्ती का वादा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 28 जून 2026 को प्रयागराज में आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर नौकरियों, आरक्षण, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है और लगातार पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
आरक्षण घोटाले का आरोप
अखिलेश यादव ने 69 हजार शिक्षक भर्ती का हवाला देते हुए दावा किया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को निर्धारित आरक्षण का लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सपा ने 'पीडीए आरक्षण घोटाला' बुकलेट जारी कर इन तथ्यों को सार्वजनिक किया, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है।
भर्ती सुधार का वादा
सपा प्रमुख ने घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर पेपर लीक या अन्य कारणों से आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी होगा, जिसमें विज्ञापन, परीक्षा और नियुक्ति की समय-सीमा पहले से तय रहेगी। परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने का भी वादा किया गया। पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिए कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
राम मंदिर चढ़ावा और कानून-व्यवस्था पर निशाना
अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकता 'नेशन फर्स्ट' नहीं बल्कि 'डोनेशन फर्स्ट' बन गई है। लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड, बढ़ते भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और बेरोजगारी के मुद्दे भी उन्होंने उठाए।
इंडिया गठबंधन और पीडीए की भागीदारी
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की भागीदारी को मजबूत करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को और मज़बूत किया जाएगा। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश में हैं।
आगे क्या
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। सपा की 'पीडीए आरक्षण घोटाला' बुकलेट और भर्ती सुधार के वादों पर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।