सुप्रीम कोर्ट से अली खान महमूदाबादी को मिली राहत, ऑपरेशन सिंदूर पर विवादास्पद टिप्पणी का मामला समाप्त
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑपरेशन सिंदूर पर विवादास्पद पोस्ट साझा करने के कारण सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबादी को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। हरियाणा सरकार ने उनके विरुद्ध दर्ज मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को प्रदान की है। इसके परिणामस्वरूप, कोर्ट ने अली खान की याचिका पर सुनवाई को भी समाप्त कर दिया है।
हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि अशोका यूनिवर्सिटी के इतिहास के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस. वी. राजू ने कहा कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया था कि राज्य सरकार एक बार उदारता दिखाए। अब राज्य सरकार ने इस मामले की कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
कोर्ट ने कहा कि अली खान महमूदाबाद एक विद्वान प्रोफेसर हैं और उम्मीद है कि वे भविष्य में समझदारी भरा आचरण करेंगे।
अली खान महमूदाबाद ने मई 2025 में हरियाणा में दर्ज दो प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए याचिका दायर की थी।
सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को पुलिस ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार किया था।
उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की नियमित प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके खिलाफ पहला मामला गांव जटेड़ी के सरपंच द्वारा दर्ज कराया गया था। दूसरा मामला हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने और आयोग के नोटिस की अवहेलना का आरोप लगाया गया था।