11 अगस्त 2026
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क्या छत्तीसगढ़ में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करना सही है?

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क्या छत्तीसगढ़ में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करना सही है?

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में 21 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद उनकी सराहना की। यह सरेंडर नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। अब बारी उन माओवादी कार्यकर्ताओं की है जो अभी भी हथियार थामे हुए हैं। क्या वे भी आत्मसमर्पण करेंगे?

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 माओवादियों के आत्मसमर्पण की सराहना की।
माओवादी कार्यकर्ताओं से जल्द आत्मसमर्पण की अपील की गई।
केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आत्मसमर्पण के दौरान 18 हथियार बरामद किए गए।
400 से अधिक माओवादियों ने हाल ही में आत्मसमर्पण किया है।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद उनकी सराहना की। उन्होंने उन माओवादियों से, जो अभी भी हथियार थामे हुए हैं, जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 13 वरिष्ठ कार्यकर्ता थे।"

उन्होंने कहा, "मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा का त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं। मैं उन बाकी लोगों से, जो अभी भी बंदूक थामे हुए हैं, अपनी अपील दोहराता हूं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें।"

अमित शाह ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, "हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

कांकेर जिले में रविवार को 21 माओवादी कैडरों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। यह कदम "पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवन" पहल के तहत किया गया।

इन 21 कैडरों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर हैं। इस समूह में डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं।

इन कैडरों के पास से 18 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें तीन एके-47 रायफलें, चार एसएलआर रायफलें, दो इंसास रायफलें, छह .303 रायफलें, दो सिंगल शॉट रायफलें और एक बीजीएल हथियार शामिल हैं।

करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया?
कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
सरेंडर की प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है?
सरेंडर का उद्देश्य माओवादियों को मुख्यधारा में लाना और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सहायता करना है।
केंद्र सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ क्या योजना है?
केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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