23 अक्टूबर 2026
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अमृतसर में बागवानी अनुसंधान संस्थान (PGIHRE) की स्थापना: तरुण चुघ ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

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अमृतसर में बागवानी अनुसंधान संस्थान (PGIHRE) की स्थापना: तरुण चुघ ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

सारांश

2015 की संसदीय घोषणा के बाद से अटकी अमृतसर में PGIHRE की स्थापना का मामला एक बार फिर उठा है। BJP नेता तरुण चुघ ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 30 एकड़ भूमि अधिग्रहण में केंद्र और ICAR के हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य बातें

BJP नेता तरुण चुघ ने 23 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा।
अमृतसर में PGIHRE की स्थापना की घोषणा वर्ष 2015 में संसद में की गई थी।
अनुसंधान के लिए अटारी गाँव में 100 एकड़ भूमि पहले ही ICAR को हस्तांतरित हो चुकी है।
प्रशासनिक एवं शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे के लिए अतिरिक्त 30 एकड़ भूमि का अधिग्रहण अभी अधूरा है।
अमृतसर विकास मंच (रजिस्टर्ड) ने केंद्र सरकार से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता तरुण चुघ ने 23 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अमृतसर में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन (PGIHRE) की स्थापना के मामले में हस्तक्षेप की माँग की है। यह पत्र अमृतसर विकास मंच (रजिस्टर्ड) द्वारा भेजे गए ज्ञापन के आधार पर लिखा गया है, जिसमें संस्थान के लिए चयनित 30 एकड़ भूमि की खरीद या अधिग्रहण की प्रक्रिया में केंद्र सरकार अथवा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।

पत्र की मुख्य माँगें

तरुण चुघ ने अपने पत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री से अनुरोध किया है कि अमृतसर विकास मंच के ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जाए और नियमों तथा परियोजना की व्यवहार्यता के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए। उनका यह पत्र केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली को संबोधित है।

चुघ ने स्पष्ट किया कि संस्थान के प्रशासनिक, शैक्षणिक और आवासीय बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए बाद में चुनी गई 30 एकड़ अतिरिक्त भूमि की खरीद या अधिग्रहण प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है, जिससे संस्थान की स्थापना की आगे की प्रक्रिया अटकी हुई है।

संस्थान की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि PGIHRE की स्थापना की घोषणा वर्ष 2015 में संसद में की गई थी। इसके बाद अमृतसर जिले के अटारी गाँव में अनुसंधान कार्यों के लिए 100 एकड़ भूमि ICAR को हस्तांतरित की जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कृषि और बागवानी क्षेत्र को वैज्ञानिक समर्थन देने की माँग लगातार बढ़ रही है।

संस्थान के लिए अटारी में 100 एकड़ भूमि तो हस्तांतरित हो चुकी है, परंतु शैक्षणिक और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए चयनित अतिरिक्त 30 एकड़ भूमि का अधिग्रहण अभी अधूरा है। इसी अड़चन को दूर करने के लिए अमृतसर विकास मंच ने केंद्र सरकार का दरवाज़ा खटखटाया है।

अमृतसर विकास मंच की भूमिका

अमृतसर विकास मंच (रजिस्टर्ड) ने केंद्र सरकार से माँग की है कि वह चयनित 30 एकड़ भूमि की खरीद या अधिग्रहण की प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप करे, ताकि प्रस्तावित संस्थान की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। मंच ने यह ज्ञापन भाजपा नेता तरुण चुघ के माध्यम से केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुँचाया है।

आगे की राह

तरुण चुघ के पत्र के बाद यह देखना अहम होगा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ICAR इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो 2015 की संसदीय घोषणा के एक दशक से अधिक समय बाद अमृतसर में यह बागवानी अनुसंधान संस्थान अंततः साकार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुछ भूमि हस्तांतरित होती है, और फिर परियोजना भूमि-अधिग्रहण की पेचीदगियों में वर्षों तक उलझी रहती है। 2015 की घोषणा के एक दशक से अधिक बाद भी यदि मात्र 30 एकड़ की अधिग्रहण प्रक्रिया अटकी है, तो यह सवाल उठता है कि ICAR और कृषि मंत्रालय की प्राथमिकता-सूची में यह परियोजना कहाँ खड़ी है। पंजाब में बागवानी क्षेत्र को वैज्ञानिक संस्थागत समर्थन की ज़रूरत निर्विवाद है; असली परीक्षा यह है कि राजनीतिक पत्र-व्यवहार नौकरशाही की जड़ता को भेद पाता है या नहीं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में PGIHRE क्या है और इसकी घोषणा कब हुई थी?
PGIHRE यानी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन, अमृतसर में प्रस्तावित एक केंद्रीय बागवानी अनुसंधान एवं शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना की घोषणा वर्ष 2015 में संसद में की गई थी।
तरुण चुघ ने कृषि मंत्री को पत्र क्यों लिखा?
BJP नेता तरुण चुघ ने अमृतसर विकास मंच के ज्ञापन के आधार पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने माँग की है कि संस्थान के लिए चयनित 30 एकड़ अतिरिक्त भूमि की खरीद या अधिग्रहण में केंद्र सरकार अथवा ICAR हस्तक्षेप करे।
PGIHRE के लिए अब तक क्या कदम उठाए जा चुके हैं?
अमृतसर जिले के अटारी गाँव में अनुसंधान कार्यों के लिए 100 एकड़ भूमि पहले ही ICAR को हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रशासनिक, शैक्षणिक और आवासीय ढाँचे के लिए अतिरिक्त 30 एकड़ भूमि का चयन भी हो चुका है, परंतु उसका अधिग्रहण अभी बाकी है।
अमृतसर विकास मंच की माँग क्या है?
अमृतसर विकास मंच (रजिस्टर्ड) ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह संस्थान के लिए चयनित 30 एकड़ भूमि की खरीद या अधिग्रहण प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप करे, जिससे PGIHRE की स्थापना की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
तरुण चुघ के पत्र के बाद कृषि मंत्रालय से अपेक्षा है कि वह इस ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर नियमों और परियोजना की व्यवहार्यता के आधार पर उचित कार्रवाई करे। यदि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो 2015 की घोषणा के बाद अमृतसर में यह बागवानी संस्थान साकार हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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