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तोतापुरी आम किसानों की आय बढ़ाने के लिए ICAR विशेषज्ञ समिति गठित, शिवराज सिंह चौहान का निर्देश

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तोतापुरी आम किसानों की आय बढ़ाने के लिए ICAR विशेषज्ञ समिति गठित, शिवराज सिंह चौहान का निर्देश

सारांश

आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की कीमतों में गिरावट से परेशान किसानों की मदद के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR के तहत विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश दिया। CISH लखनऊ के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन की अध्यक्षता में यह समिति 10 दिनों में मैदानी दौरा कर पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन करेगी।

मुख्य बातें

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR के तहत तोतापुरी आम किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिया।
समिति की अध्यक्षता ICAR-CISH, लखनऊ के निदेशक डॉ.
समिति को 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करना है।
खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू व्यापार और निर्यात सहित पूरी वैल्यू चेन का विश्लेषण किया जाएगा।
किसानों, FPO , निर्यातकों और राज्य बागवानी विभाग से बातचीत के बाद साक्ष्य-आधारित नीतिगत सिफारिशें तैयार होंगी।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। 3 जुलाई को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह समिति तोतापुरी आम क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन का विश्लेषण कर किसानों की आय बढ़ाने के उपाय सुझाएगी।

समस्या की जड़: कीमतों में भारी गिरावट

यह निर्णय कृषि मंत्री के हाल के आंध्र प्रदेश दौरे के बाद लिया गया। दौरे के दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि प्रसंस्करण उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग होने वाली तोतापुरी आम की किस्म के दाम पिछले कुछ महीनों में तेज़ी से गिरे हैं। किसानों के अनुसार, कीमतों में इस लगातार गिरावट से उनकी आय पर गंभीर असर पड़ा है और उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि तोतापुरी आम मुख्यतः जूस, पल्प और अन्य प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए उपयोग होती है और आंध्र प्रदेश इसका प्रमुख उत्पादक राज्य है। ऐसे में कीमतों में गिरावट सीधे हज़ारों किसान परिवारों की आजीविका को प्रभावित करती है।

समिति की संरचना और जिम्मेदारी

आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन करेंगे। समिति में वैज्ञानिक और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

समिति को खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू व्यापार और निर्यात — इन सभी पहलुओं सहित पूरी वैल्यू चेन का व्यापक अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, यह समिति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कीमतों में गिरावट के कारणों, उत्पादन लागत और प्रसंस्करण क्षमता के उपयोग का भी विश्लेषण करेगी।

मैदानी दौरा और हितधारकों से संवाद

कृषि मंत्री ने समिति को निर्देश दिया है कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करे। इस दौरान समिति किसानों, प्रोसेसिंग उद्योग के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, राज्य के बागवानी विभाग के अधिकारियों और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) से सीधी बातचीत कर मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन करेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में फलों और सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और किसानों को उचित मूल्य न मिलने की समस्या राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनी हुई है।

रिपोर्ट और नीतिगत कदम

मैदानी निरीक्षण, हितधारकों से चर्चा और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारणों का उल्लेख होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णय लेकर किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाने की स्थिति में होगी। साथ ही, समिति वैल्यू चेन में दक्षता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने और बाज़ार तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने के अवसरों की भी पहचान करेगी।

समिति की सिफारिशें तोतापुरी आम क्षेत्र के दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि रिपोर्ट आने के बाद नीतिगत अमल कितनी तेज़ी से होगा — क्योंकि कृषि संकट में देरी का मतलब किसानों के लिए और अधिक नुकसान होता है। तोतापुरी आम की कीमतों में गिरावट कोई नई घटना नहीं है; यह बागवानी फसलों में वैल्यू चेन की उस पुरानी कमज़ोरी को उजागर करती है जहाँ किसान को उत्पादन लागत भी नहीं मिल पाती जबकि प्रसंस्करण उद्योग मुनाफा कमाता है। समिति को न केवल कारण बताने होंगे, बल्कि न्यूनतम मूल्य समर्थन और FPO को मजबूत करने जैसे ठोस तंत्र भी सुझाने होंगे — अन्यथा यह अध्ययन भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तोतापुरी आम किसानों के लिए ICAR विशेषज्ञ समिति क्यों गठित की गई?
आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में भारी गिरावट आई है, जिससे किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ा है। इसी समस्या के समाधान और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR के तहत यह विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश दिया।
इस विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता कौन करेगा?
समिति की अध्यक्षता ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन करेंगे। समिति में वैज्ञानिक और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
समिति कब तक अपनी रिपोर्ट देगी और किन क्षेत्रों का दौरा करेगी?
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करे। मैदानी निरीक्षण और हितधारकों से चर्चा के बाद समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
तोतापुरी आम क्या है और यह किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
तोतापुरी आम की किस्म मुख्यतः जूस, पल्प और अन्य प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए उपयोग होती है और आंध्र प्रदेश इसका प्रमुख उत्पादक राज्य है। प्रसंस्करण उद्योग में इसकी बड़े पैमाने पर माँग के कारण यह हज़ारों किसान परिवारों की आजीविका का मुख्य स्रोत है।
समिति किन पहलुओं का अध्ययन करेगी?
समिति खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू व्यापार और निर्यात सहित पूरी वैल्यू चेन का विश्लेषण करेगी। इसके अलावा, कीमतों में गिरावट के कारण, उत्पादन लागत, प्रसंस्करण क्षमता और मांग-आपूर्ति की स्थिति का भी अध्ययन किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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