इस्लाम को श्रेष्ठ बताने पर भड़के आनंद दुबे, बोले — 'सनातन का डंका पूरे विश्व में बजता है'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी द्वारा इस्लाम को सभी धर्मों में श्रेष्ठ बताने के बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने सोमवार, 31 अगस्त को रायरेड्डी पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि सनातन धर्म की श्रेष्ठता पूरे विश्व में स्थापित है।
सनातन धर्म पर आनंद दुबे का पक्ष
आनंद दुबे ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'पूरे विश्व में सनातन का डंका बजता है। मुझे नहीं लगता कि इस धरती पर हिंदू से ज्यादा कोई अन्य धर्म इतना उदार होगा।' उन्होंने हिंदू धर्म की 'वसुधैव कुटुंबकम' की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धर्म सबको साथ लेकर चलने की बात करता है।
दुबे ने आगे कहा, 'हमारे यहां भगवान राम, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया है। यह पावन धरती और धर्म है, जो लोग नहीं समझ पा रहे हैं।' उनका यह बयान रायरेड्डी के विवादास्पद वक्तव्य के सीधे जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
बाबर और ओवैसी की टिप्पणी पर दुबे का रुख
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बाबर संबंधी टिप्पणी पर दुबे ने कहा, 'बाबर एक आक्रांता था, जिसके कारण हम उसकी आलोचना करते हैं, लेकिन अब उज्बेकिस्तान या ताशकंद के लोग थोड़े ही आततायी हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युग में राष्ट्राध्यक्षों के बीच होने वाली बैठकों और सम्मान को ऐतिहासिक आक्रांताओं से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
दुबे ने कहा, 'बाबर हमेशा हमारे लिए आक्रांता रहेगा, लेकिन नए समाज के लोग जो अच्छा काम कर रहे हैं, उनका प्रोत्साहन भी करना होगा।' यह टिप्पणी ऐतिहासिक विरासत और समकालीन कूटनीति के बीच संतुलन की बात करती है।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर दुबे की राय
विदेश दौरों पर भारतीय प्रधानमंत्रियों के सम्मान के सवाल पर आनंद दुबे ने कहा, 'हमारे देश का कोई भी प्रधानमंत्री — चाहे नेहरू, इंदिरा, मनमोहन या मोदी हों — जो भी विदेश जाते हैं, उनका सम्मान देश का सम्मान और उनका अपमान देश का अपमान होता है। इसमें कोई आपत्ति वाली बात नहीं है।'
NEET और छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सर्वोच्च न्यायालय की छात्रों से संबंधित टिप्पणी के संदर्भ में दुबे ने कहा कि छात्रों का सवाल पूछना उनका अधिकार है। उन्होंने राजस्थान में NEET UG परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने की घटना का हवाला देते हुए कहा, 'बच्चे घंटों परेशान रहे। यह दिखाता है कि सिस्टम में फेलियर और कमी है।'
दुबे ने कहा, 'छात्रों को रोका और बांधा नहीं जा सकता। वे सवाल पूछेंगे। जहां भी धांधली है, छात्र आवाज उठाएंगे। सरकार को उन समस्याओं को सुधारना है, क्योंकि वह यही बोलकर सत्ता में आई है।' गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी छात्रों के विरोध के अधिकार पर सकारात्मक टिप्पणी की है।
आगे क्या
कर्नाटक मंत्री बसवराज रायरेड्डी के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक बयानबाज़ी की संभावना है, खासकर तब जब विधानसभा सत्र निकट हो।