कर्नाटक मंत्री बसवराज रायरेड्डी के 'इस्लाम श्रेष्ठ धर्म' बयान पर सियासी घमासान, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के एक विवादास्पद बयान ने सोमवार, 31 अगस्त को राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी। रायरेड्डी ने कोप्पल जिले के कुकनूर में मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कहा कि इस्लाम 'दूसरे धर्मों की तुलना में श्रेष्ठ धर्म है' और मक्का जाने की अपनी इच्छा भी जताई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान की कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस ने इसे व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताकर बचाव किया।
मंत्री का विवादास्पद बयान
रविवार को कुकनूर के सामूहिक विवाह समारोह में बोलते हुए मंत्री रायरेड्डी ने कहा, 'मैं कहना चाहूंगा कि इस्लाम दूसरे धर्मों की तुलना में श्रेष्ठ धर्म (महान धर्म) है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस धर्म को लेकर समाज में कई गलतफहमियाँ हैं। यह बयान तेज़ी से सोशल मीडिया पर फैला और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की झड़ी लग गई।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हज करने की इच्छा भले ही व्यक्तिगत हो, किंतु यह तीर्थयात्रा केवल मुसलमानों के लिए है। उन्होंने कहा, 'हज केवल वही व्यक्ति कर सकता है जो मुसलमान हो। अगर वे मक्का और मदीना जाकर हज करना चाहते हैं, तो वे इस्लाम अपनाए बिना ऐसा नहीं कर सकते।' हुसैन ने साथ ही कहा कि संविधान नागरिकों को अपनी पसंद का धर्म अपनाने की स्वतंत्रता देता है और इस मामले में कांग्रेस नेताओं को जवाब देना चाहिए।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस 'तुष्टिकरण की राजनीति' में लिप्त है। उन्होंने कहा, 'जब कोई राजनेता वोट बैंक के लिए ऐसा घटिया काम करता है, तो हम इसे कैसे स्वीकार कर सकते हैं। बसवराज रायरेड्डी का बयान बहुत गलत है और उन्होंने हिंदुत्व की निंदा की है।'
कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस नेता उदित राज ने रायरेड्डी का पक्ष लेते हुए कहा, 'भारत अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है। यह उनकी पसंद और निजी राय है। कोई ईसाई धर्म को महान मान सकता है, कोई यहूदी धर्म को, कोई इस्लाम को, कोई हिंदू धर्म को — यह उनका निजी मामला है।'
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी रायरेड्डी का बचाव करते हुए कहा, 'बसवराज ने साफ तौर पर कहा है कि हर धर्म से, जिसमें इस्लाम भी शामिल है, कुछ न कुछ सीखा जा सकता है। इसमें क्या गलत है?' खड़गे ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मुसलमानों को शामिल करने संबंधी बयानों का भी हवाला दिया।
अन्य दलों की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था का पालन करने की आजादी देता है। उन्होंने कहा, 'अगर कोई मक्का जाना चाहता है, तो वह ऐसा करने के लिए आज़ाद है। हालांकि, उन्हें वहाँ के सभी नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिए।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर राजनीतिक दबाव झेल रही है। गौरतलब है कि धार्मिक बयानों पर इस तरह के विवाद चुनावी राज्यों में सत्तारूढ़ दलों के लिए संवेदनशील साबित होते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।